नेपाल की तबाही पर मांझी का बड़ा वार: ‘चीन चाहता तो तिब्बत में रोक देता बाढ़ का पानी, बिहार में नहीं आती त्राहि’
गया। गया कॉलेज, गया में खेलो इंडिया कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने गुरुवार को नेपाल में आई भीषण बाढ़ और उसके बिहार पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने नेपाल में हुई जनहानि पर चिंता जताते हुए चीन पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि यदि चीन चाहता तो तिब्बत में पानी को रोक सकता था, जिससे नेपाल में बाढ़ की स्थिति नहीं बनती और बिहार को भी संभावित संकट का सामना नहीं करना पड़ता।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि नेपाल में बाढ़ से हजारों लोगों की जान चली गई है और बड़ी संख्या में मकान तथा संपत्तियां तबाह हुई हैं। उन्होंने कहा कि नेपाल से छोड़ा गया पानी बिहार की ओर आ रहा है और इससे राज्य के कई इलाकों में संकट की आशंका बनी हुई है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में अभी वह स्थिति नहीं आई है, जिसकी आशंका जताई जा रही है, लेकिन सरकार पूरी तरह सतर्क है और लोगों को बचाने के प्रयास जारी हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्हें इस संबंध में जानकारी मिली है कि नेपाल में आई बाढ़ के पीछे चीन की बड़ी भूमिका हो सकती है। उन्होंने दावा किया कि यदि तिब्बत में पानी को रोका जाता तो नेपाल में इतनी बड़ी तबाही नहीं होती। मांझी ने चीन की नीति और तिब्बत के संदर्भ में सवाल उठाते हुए कहा कि जब चीन तिब्बत को अपना हिस्सा बताता है, तो वहां बाढ़ को रोकने की व्यवस्था क्यों नहीं की गई।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह इस पूरे घटनाक्रम में चीन को जिम्मेदार मानते हैं और इसे एक साजिश के तौर पर देखते हैं।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा की इस घटनाक्रम का असर केवल नेपाल तक सीमित नहीं है, बल्कि नेपाल से आने वाले पानी के कारण बिहार के सीमावर्ती और निचले इलाकों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि नेपाल एक पड़ोसी देश है और प्राकृतिक आपदा की स्थिति में वहां की अपनी मजबूरियां हैं। ऐसे समय में भारत और बिहार के सामने सबसे बड़ी प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार पूरी तरह सक्रिय है और संभावित बाढ़ संकट से निपटने के लिए बचाव एवं राहत कार्यों की तैयारी की जा रही है।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि नेपाल में हुई तबाही बेहद गंभीर है। बड़ी संख्या में लोगों के दुनिया से चले जाने और घरों के उजड़ने की स्थिति पर उन्होंने दुख जताया। साथ ही उन्होंने बिहार के लोगों को आश्वस्त किया कि सरकार किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के इस बयान के बाद नेपाल की बाढ़, तिब्बत में जल प्रबंधन और चीन की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। हालांकि, चीन की ओर से बाढ़ को जानबूझकर बिहार या नेपाल में तबाही लाने की साजिश के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। ऐसे में मांझी के बयान को उनके राजनीतिक आरोप और आशंका के रूप में देखा जा रहा है, न कि स्थापित तथ्य के रूप में।
फिलहाल बिहार में प्रशासन की नजर नेपाल से आने वाली नदियों के जलस्तर पर है। संभावित बाढ़ की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और राहत-बचाव अभियान को तेज करने की तैयारी की जा रही है। आने वाले दिनों में नेपाल से आने वाले पानी और नदियों के जलस्तर पर स्थिति और स्पष्ट होगी।
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