
₹10 लाख लेकर न जमीन लिखी, न पैसा लौटाया! रेलवे के लोको पायलट ने दंपति पर लगाए ठगी के गंभीर आरोप, आईजी से उच्चस्तरीय जांच की मांग गया शहर में जमीन खरीद-बिक्री के नाम पर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। इंडियन रेलवे में लोको पायलट के पद पर कार्यरत रमेश कुमार ने मगध मेडिकल थाना क्षेत्र के पहाड़पुर निवासी प्रेमा देवी उर्फ गुड़िया देवी एवं उनके पति उपेंद्र यादव पर जमीन के नाम पर एग्रीमेंट कर लाखों रुपये लेने, बाद में न जमीन की रजिस्ट्री करने और न ही पैसा लौटाने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने मामले की लिखित शिकायत मगध मेडिकल थाना में देते हुए मगध रेंज के आईजी विकास वैभव से निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। लोको पायलॉट रमेश कुमार वर्तमान में गुजरात में इंडियन रेलवे के लोको पायलट के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि वर्ष 2023 में प्रेमा देवी और उपेंद्र यादव ने उन्हें एक जमीन दिखाई और भरोसा दिलाया कि एग्रीमेंट के बाद नियमानुसार रजिस्ट्री कर दी जाएगी। इसी विश्वास पर उन्होंने एग्रीमेंट के तहत अलग-अलग तिथियों में चेक, यूपीआई और आरटीजीएस के माध्यम से करीब ₹10 लाख का भुगतान किया। लेकिन समय बीतने के बाद भी न तो जमीन की रजिस्ट्री हुई और न ही उनकी मेहनत की कमाई वापस की गई। रमेश कुमार का आरोप है कि जब उन्होंने कई बार अपना पैसा वापस मांगा तो आरोपी पक्ष लगातार टालमटोल करता रहा। उनका कहना है कि उपेंद्र यादव ने उनसे कथित तौर पर कहा, "तुम्हें जो करना है कर लो, एग्रीमेंट का ₹10 लाख न लौटाऊंगा और न ही जमीन लिखूंगा।" पीड़ित का आरोप है कि बाद में उपेंद्र यादव ने यह भी आश्वासन दिया कि वह एकमुश्त पैसा नहीं लौटा पाएंगे, बल्कि हर महीने किस्तों में भुगतान करेंगे। इसके लिए नया एग्रीमेंट तैयार कराने की बात भी कही गई और हस्ताक्षर करने की सहमति दी गई। लेकिन जब लोको पायलट रमेश कुमार छुट्टी लेकर गुजरात से गया पहुंचे और एग्रीमेंट की प्रक्रिया पूरी करने की बात की, तब आरोपी पक्ष ने अपना रुख बदल लिया और कथित रूप से कहा कि "जब जमीन पर लॉक खुलेगा, तभी पैसा मिलेगा।" पीड़ित ने अपने आवेदन में यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि जिस जमीन का एग्रीमेंट उनके साथ किया गया, उसी जमीन का एग्रीमेंट उनसे लगभग पांच महीने पहले श्याम कुमार, पिता विजय यादव, निवासी गोपी बीघा, थाना मगध मेडिकल के साथ भी किया जा चुका था और उनसे भी रुपये लिए गए थे। यदि जांच में यह आरोप सही पाया जाता है तो यह एक ही संपत्ति को कई लोगों के साथ एग्रीमेंट कर आर्थिक लाभ लेने का मामला हो सकता है। वहीं इस मामले में पुलिस का कहना है कि शिकायत प्राप्त होने पर विधिसम्मत जांच की जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। #गयाजी #GayaPolice #gayastation #LatestNews #CrimeNews #gaya #JitanRamManjhi #FraudPrevention #फ्रॉड #जमीन #latestnewsindia #BiharNews GAYA Police Jitan Ram Manjhi District Administration, GAYA Bihar Police Vikas Vaibhav, IPS Samrat Choudhary Tejashwi Yadav BJP Bihar R.J.D - राष्ट्रीय जनता दल Dr. Prem Kumar
Gaya Town CD Block, Gaya | Jul 27, 2026

चलती ट्रेन से उतरते समय फिसला यात्री, आरपीएफ जवानों ने दिखाई बहादुरी; ऑपरेशन 'जीवन रक्षा' के तहत बचाई अनमोल जान गया: गया जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। पूर्व मध्य रेलवे के डीडीयू मंडल के अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट, गया द्वारा संचालित 'ऑपरेशन जीवन रक्षा' के तहत चलती ट्रेन से उतरने के दौरान फिसलकर प्लेटफॉर्म और पटरी के बीच गिरने जा रहे एक यात्री की जान बचा ली गई। घटना शनिवार सुबह करीब 9:35 बजे की है। आरपीएफ के सहायक उप निरीक्षक पवन कुमार, प्रधान आरक्षी वशिष्ठ यादव और आरक्षी राकेश कुमार सिंह गया रेलवे स्टेशन पर सादे लिबास में संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी और गश्त कर रहे थे। इसी दौरान गाड़ी संख्या 13305 अप धनबाद–सासाराम इंटरसिटी एक्सप्रेस अपने निर्धारित ठहराव के बाद प्लेटफॉर्म संख्या 1 से रवाना होने लगी। ट्रेन के चलने के दौरान एक यात्री उतरने का प्रयास करने लगा। इसी क्रम में उसका संतुलन बिगड़ गया और वह प्लेटफॉर्म तथा ट्रेन के बीच बने गैप की ओर गिरने लगा। स्थिति बेहद गंभीर थी और कुछ ही क्षणों की देरी उसकी जान पर भारी पड़ सकती थी। मौके पर मौजूद आरपीएफ कर्मियों ने बिना समय गंवाए दौड़ लगाई और साहस एवं सूझबूझ का परिचय देते हुए यात्री को प्लेटफॉर्म और पटरी के बीच गिरने से पहले ही सुरक्षित बाहर खींच लिया। उनकी इस त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा रेल हादसा टल गया और यात्री की जान बच गई। बचाए गए यात्री की पहचान रवि कुमार (56 वर्ष), पिता दद्दू प्रसाद, निवासी सिवान (बिहार) के रूप में हुई है। उनके पास पहाड़पुर से गया तक का वैध यात्रा टिकट (संख्या ARC 74185766) भी मिला। आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि सहायक उप निरीक्षक पवन कुमार, प्रधान आरक्षी वशिष्ठ यादव और आरक्षी राकेश कुमार सिंह की बहादुरी, सतर्कता और त्वरित निर्णय के कारण एक अनमोल जीवन सुरक्षित बचाया जा सका। पूरी घटना रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे में भी रिकॉर्ड हुई है। #गयाजी #GayaPolice #latestnewsindia #LatestNews #gaya #CrimeNews #gayastation
Gaya Town CD Block, Gaya | Jul 26, 2026
बाइट: लड़का के माँ... #bodhgaya #GayaNews #GayaPolice #gayastation #gaya
Gaya Town CD Block, Gaya | Dec 4, 2025