अवैध संबंधों के शक में शिवम की हत्या, सई नदी में फेंका शव
गड़े धन का लालच देकर बुलाया, गमछे से गला कसकर उतारा मौत के घाट; भदोखर पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
रायबरेली। भदोखर थाना क्षेत्र के पूरे रघुराज मजरे सराय दामू गांव में हुए शिवम यादव हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक हत्या अवैध संबंधों के शक और लोकलाज में हुई। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों सुभाष और उपेंद्र अवस्थी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त गमछा भी बरामद किया गया है।
जानकारी के मुताबिक 5 सितंबर की रात शिवम यादव संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता हो गया था। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। अगले दिन शिवम का शव सई नदी में उतराता हुआ मिला, जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई। प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत होने पर पुलिस ने जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने हत्याकांड के शीघ्र खुलासे के लिए भदोखर पुलिस के साथ एसओजी और सर्विलांस टीम को भी लगाया। पुलिस टीमों ने घटनास्थल के आसपास की जानकारी जुटाने के साथ संदिग्धों से पूछताछ शुरू की। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को हत्या के पीछे आपसी संबंधों और बदनामी से जुड़ा विवाद होने के संकेत मिले।
गड़े धन का लालच देकर बुलाया
पुलिस के अनुसार पूछताछ में सामने आया कि आरोपी सुभाष की भाभी के साथ शिवम के कथित संबंध होने की बात को लेकर वह लोकलाज और बदनामी से परेशान था। इसी बात को लेकर शिवम को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई।
आरोप है कि सुभाष और उपेंद्र ने शिवम को सई नदी के पास गड़ा हुआ धन मिलने का लालच देकर बुलाया। शिवम के वहां पहुंचने के बाद दोनों आरोपियों ने कथित रूप से गमछे से उसका गला कस दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद पहचान छिपाने और घटना को दबाने के इरादे से शव को सई नदी में फेंक दिया गया।
पूछताछ के बाद खुली हत्या की पूरी कहानी
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर हत्या की कड़ियां जोड़ने का दावा किया गया है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया गमछा बरामद कर लिया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में सामने आए सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। हत्याकांड के खुलासे में भदोखर पुलिस के साथ एसओजी और सर्विलांस टीम की भूमिका महत्वपूर्ण रही।