5500 साल पुरानी परंपरा का भव्य नजारा! सोने की पालकी में निकले चारभुजा नाथ, हाथी-घोड़ों संग चला शाही लवाजमा
राजसमंद के गढ़बोर स्थित प्रसिद्ध चारभुजा नाथ मंदिर में जलझूलनी एकादशी पर अनोखी धार्मिक परंपरा निभाई जाती है। करीब 5500 साल पुराने बताए जाने वाले मंदिर से ठाकुरजी सोने की पालकी में नगर भ्रमण पर निकलते हैं। शाही लवाजमे के साथ हाथी-घोड़े और पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र भी शोभायात्रा में शामिल होते हैं। पुजारी परिवार के सदस्य लाल पाग पहनकर साथ चलते हैं। सोने-चांदी की गदा, भाले, तलवार और बंदूक सहित अस्त्र-शस्त्रों की पूजा की जाती है। करीब दो किलोमीटर के मार्ग में श्रद्धालु गुलाल उड़ाते हैं। नगर भ्रमण के बाद ठाकुरजी दूधतलाई पहुंचते हैं, जहां परिक्रमा और स्नान की परंपरा निभाई जाती है।
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