भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल, अमृतसर से अखंड ज्योति लेकर हिसार पहुंची यात्रा
हिसार व अन्य जिलों के विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों एवं धार्मिक स्थलों ने किया स्वागत
सामाजिक समरसता गतिविधि, हिसार के तत्वावधान में आयोजित हुई यात्रा
हिसार। भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल, अमृतसर से अखंड ज्योति लेकर यात्रा हिसार पहुंची। यात्रा का उद्देश्य समाज में सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और एकता का संदेश प्रसारित करना है। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर गणमान्य व्यक्तियों एवं धार्मिक स्थलों की ओर से अखंड ज्योति का श्रद्धापूर्वक स्वागत किया गया।
भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल का धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व
भगवान महर्षि वाल्मीकि की तपोभूमि भारतीय संस्कृति और रामायण परंपरा में विशेष महत्व रखती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता सीता के दूसरे वनवास के दौरान उन्होंने महर्षि वाल्मीकि के आश्रम में आश्रय लिया था। इसी आश्रम में लव और कुश का जन्म हुआ तथा उन्होंने महर्षि वाल्मीकि के मार्गदर्शन में शिक्षा, शास्त्रों का ज्ञान और शस्त्र विद्या प्राप्त की। यह स्थल त्याग, तपस्या, नारी सम्मान, शिक्षा और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का प्रेरणास्रोत माना जाता है।
इसी पावन परंपरा से जुड़े भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल, अमृतसर से अखंड ज्योति लेकर निकली यात्रा के माध्यम से समाज में श्रद्धा, सद्भाव और सामाजिक एकता का संदेश देने का प्रयास किया गया।
विभिन्न स्थानों पर हुआ अखंड ज्योति का स्वागत
यात्रा के दौरान सिरसा में चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय व गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार, फतेहाबाद में पूर्व विधायक लक्ष्मण नापा तथा हिसार स्थित गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के कुलसचिव विजय कुमार ने अखंड ज्योति का स्वागत किया। हिसार के मेयर प्रवीण पोपली ने भी ज्योति का स्वागत किया। इसके अतिरिक्त प्राचीन रिद्धि सिद्धि हनुमान मंदिर के संचालकों ने भी ज्योति का स्वागत किया, भगवान वाल्मीकि चौक,राम चाट भंडार के पास केशव ने , सनातन धर्म मंदिर व प्राचीन कटला रामलीला के प्रधान व विनोद जी कंसल कार्यसमिति के सदस्यों ने भी स्वागत किया और प्राचीन रामलीला में अखंड ज्योति को स्थापित किया।
यात्रा का नेतृत्व स्वामी गुरचरण जी महाराज व संयोजन श्री रघुवीर सिंह सुंडा ने 18 कार्यकर्ताओं ने अखण्ड ज्योति अमृतसर से लाने में भूमिका निभाई।
सामाजिक समरसता गतिविधि, हिसार की ओर से इस आयोजन को समाज में आपसी सद्भाव, समानता, भाईचारे व अखंड ज्योति के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति श्रद्धा जागृत करने तथा समाज के विभिन्न वर्गों को एकता के सूत्र में जोड़ने का संदेश दिया गया।
स्वागत समिति के संयोजक श्री विजय कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के माननीय सह जिलासंचालक श्री मोहित बंसल,जिला कार्यवाह श्री सतीश कुमार, विभाग सामाजिक समरसता गतिविधि संयोजक डॉक्टर सुखबीर, सरदार इंद्रजीत सिंह, श्री जोगीराम खुंडिया व सुशील महिपाल जी ने स्वागत हेतू समाज की भागीदारी कराई।
Uklana, Hissar | Oct 12, 2026