शंकरगढ़ के बेमरा में शौचालय में रहने को मजबूर युवक का दावा, आवास योजना पर उठे सवाल
यूनाइटेड भारत बारा
मनोज कुमार बिन्द
प्रयागराज/शंकरगढ़। शंकरगढ़ विकासखंड के ग्राम सभा बेमरा की दलित बस्ती से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने ग्रामीण आवास व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि बस्ती का एक युवक रहने के लिए शौचालय का इस्तेमाल करने को मजबूर है।
मीडिया टीम के गांव पहुंचने पर युवक को कथित तौर पर शौचालय में रहते हुए देखा गया। संबंधित वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक के रहने की स्थिति दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला होता तो उन्हें इस तरह रहने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता।
ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर दलित बस्ती में आवास योजना सहित विकास कार्यों को लेकर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है। यह भी स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि संबंधित युवक प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पात्र था या नहीं और उसने योजना के लिए आवेदन किया था अथवा नहीं।
मामला सामने आने के बाद ग्राम विकास अधिकारी और संबंधित विकास विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि जांच में सरकारी योजना के लाभ से पात्र व्यक्ति को वंचित रखने या किसी प्रकार की अनियमितता की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
अब सवाल यह है कि बेमरा की दलित बस्ती में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कितने पात्र परिवारों को लाभ मिला, कितने आवेदन हुए और कितने आवेदन लंबित या निरस्त किए गए। इन बिंदुओं की विभागीय जांच के बाद ही तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।