दिनांक-22.09.2026
जिला जन-संपर्क कार्यालय, शिवहर।
परम्परागत कृषि विकास योजना (PKVY) के तहत सोमवार, 21 सितंबर को पिपराही प्रखंड के चयनित क्लस्टरों के विभिन्न गांवों में एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यालय- प्रखंड कृषि पदाधिकारी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर जैविक खेती के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में प्रखंड कृषि पदाधिकारी (जैविक) द्वारा किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने बताया कि सरकार की PKVY योजना के तहत 20-20 किसानों का क्लस्टर (समूह) बनाकर क्षेत्र में जैविक खेती को वृहद स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में इन मुख्य बिंदुओं पर दिया गया जोर:
1. जैविक खाद निर्माण: किसानों को घर और खेत पर ही गोबर की खाद, वर्मी कम्पोस्ट, जीवामृत और घनजीवामृत बनाने की वैज्ञानिक एवं पारंपरिक विधियों का व्यावहारिक ज्ञान दिया गया।
2. मिट्टी का स्वास्थ्य: रासायनिक खादों के लगातार प्रयोग से होने वाले नुकसान और जैविक खेती के माध्यम से मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरता लौटाने के फायदों पर विस्तार से चर्चा की गई।
3. सरकारी सहायता: किसानों को अवगत कराया गया कि PKVY योजना के तहत उन्हें लगातार 3 वर्षों तक आर्थिक सहायता मिलती है। यह राशि जैविक आदानों (इनपुट्स), उत्पादों के प्रमाणीकरण (PGS Certification) और बाजार में मार्केटिंग के लिए दी जाती है।
4. बाजार और मुनाफा: जैविक उत्पादों की बढ़ती मांग, उन्हें मिलने वाले बेहतर बाजार भाव और भविष्य में निर्यात की असीम संभावनाओं के बारे में भी किसानों का मार्गदर्शन किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और अपनी शंकाओं का समाधान किया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित किसानों ने सामूहिक रूप से खेतों में रसायनों का प्रयोग कम करने और जैविक खेती अपनाने का संकल्प लिया।
इस मौके पर प्रखंड कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार और क्लस्टर से जुड़े दर्जनों प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।
Sheohar, Bihar | Sep 22, 2026