दिनांक :22 सितंबर 2026 जीविका, शिवहर के तत्वावधान में दिव्यांग समावेशन एवं सुगमता विषय पर जीविका कर्मियों के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन एफटीआईसी, शिवहर में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जीविका के स्वयं सहायता समूहों एवं सामुदायिक संस्थाओं में दिव्यांगजनों के समावेशन को सुनिश्चित करना तथा उन्हें सम्मानजनक और टिकाऊ आजीविका के अवसरों से जोड़ना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला परियोजना प्रबंधक, जीविका, शिवहर श्री अभिनव प्रिय ने कहा कि दिव्यांगजनों का समावेशन केवल कल्याणकारी दृष्टिकोण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें जीविका की सामुदायिक संस्थाओं, निर्णय प्रक्रिया और आजीविका गतिविधियों में समान भागीदारी का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीविका के माध्यम से दिव्यांगजनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उनके लिए सुगम और समावेशी वातावरण तैयार करना आवश्यक है। उन्होंने सभी कर्मियों को अपने-अपने क्षेत्र में दिव्यांग समावेशन को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
कार्यक्रम में रिसोर्स पर्सन के रूप में Sightsavers India के स्टेट कंसल्टेंट श्री प्रणय जॉर्ज ने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने दिव्यांगता की 21 श्रेणियों के बारे में प्रतिभागियों को बताया तथा दिव्यांगजनों के अधिकार, समान अवसर, गैर-भेदभाव, सुगमता एवं समावेशन की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए बाधारहित एवं सुगम वातावरण का निर्माण उनकी सामाजिक एवं आर्थिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रबंधक सामाजिक विकास श्री ओसामा हसन ने जीविका के स्वयं सहायता समूहों एवं सामुदायिक संस्थाओं में दिव्यांगजनों के समावेशन पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि ग्राम संगठन स्तर पर दिव्यांजन रजिस्टर बनाया जाना है जिसमें ग्राम संगठन के क्षेत्र में सभी दिव्यांगजनों का विवरण दर्ज किया जाना है। उसके बाद सभी दिव्यांगजनों को समूह में जोड़ा जाना है। दिव्यांगजनों के समूह में कम से कम 5 सदस्य होना अनिवार्य है। समूह गठन के बाद सभी दिव्यांगजनों का नीड असेसमेंट किया जाना है। इसके आधार पर कैंप लगा कर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ जाना है। उन्होंने बताया कि दिव्यांगजनों को केवल समूहों से जोड़ना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी क्षमता एवं रुचि के अनुरूप आजीविका के अवसरों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी प्रखंडों को दिव्यांगजनों की पहचान, समूहों में उनका समावेशन, आवश्यक सहयोग तथा आजीविका से जोड़ने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान सभी प्रखंडों द्वारा दिव्यांग समावेशन पर कार्ययोजना तैयार की गई, जिसमें दिव्यांगजनों की पहचान, स्वयं सहायता समूहों एवं ग्राम स्तरीय सामुदायिक संस्थाओं में उनके समावेशन, सुगमता सुनिश्चित करने तथा आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रस्तावित गतिविधियों को शामिल किया गया।
कार्यक्रम में बुनियाद केंद्र के डॉ अमित कुमार ने बुनियाद केंद्र में दिव्यांगजनो के लिए उपलब्ध सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में प्रबंधक आईबीसीबी श्री गुलाम कौसर, प्रशिक्षण प्रबंधक श्री परमेश्वर शर्मा, प्रबंधक रोज़गार श्री संतोष कुमार, युवा पेशेवर पशुधन श्री दीपक कुमार, प्रखंड परियोजना प्रबंधक लाल बाबू साह, ब्रजेश्वर राय, प्रियांशु कुमार एवं अजय शंकर, जीविकोपार्जन विशेषज्ञ पंखुड़ी राज, रितेश कुमार एवं अभिषेक कुमार, क्षेत्रीय समन्वयक मधुरेश कुमार, कुमारी पायल, निशा कुमारी, प्रतिभा कुमारी, राहुल कुमार एवं रोहित कुमार समेत अन्य क्षेत्रीय समन्वयक, सामुदायिक समन्वयक एवं जीविका कर्मी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ किया गया कि जीविका की सामुदायिक संस्थाओं एवं आजीविका गतिविधियों में दिव्यांगजनों की समान भागीदारी, सम्मान और आर्थिक सशक्तीकरण सुनिश्चित करने के लिए सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास किए जाएंगे।
Sheohar, Bihar | Sep 22, 2026