बड़ी खबर | मौत बनकर खड़ा जर्जर पीडब्ल्यूडी वसूली कक्ष, मलबे में दबकर गोवंश की मौत
गूजरपुर पमारान चौराहे पर हादसे के बाद उठे गंभीर सवाल, विभागीय अनदेखी से कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
अमृतपुर, फर्रुखाबाद। गूजरपुर पमारान चौराहे पर करीब चार दशक पुराना लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का जर्जर वसूली कक्ष अब इंसानों और बेजुबान पशुओं के लिए जानलेवा खतरा बन चुका है। सोमवार को जर्जर भवन का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आने से वहां मौजूद एक गोवंश के बछड़े की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब 40 वर्ष पूर्व सड़क मार्ग पर वाहनों से टैक्स वसूली के लिए इस भवन का निर्माण कराया गया था। समय के साथ देखरेख के अभाव में भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। दीवारों और छत के हिस्से क्षतिग्रस्त हैं और भवन कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
वर्तमान में यह जर्जर भवन आवारा एवं घुमंतू गोवंश के लिए आश्रय स्थल बना हुआ है। सोमवार को भवन का एक हिस्सा अचानक टूटकर गिरा और उसके नीचे दबने से एक बछड़े की मौत हो गई।
क्या विभाग किसी इंसानी जान का इंतजार कर रहा है?
गूजरपुर पमारान चौराहा बेहद व्यस्त स्थान है। यहां दिनभर ग्रामीणों, राहगीरों और वाहनों का आवागमन रहता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि जर्जर भवन का कोई बड़ा हिस्सा अचानक गिरा तो इसकी चपेट में आने से गंभीर जनहानि हो सकती है।
गोवंश की मौत ने इस खतरे की गंभीरता को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब एक बेजुबान पशु इस जर्जर भवन की चपेट में आकर जान गंवा चुका है, तो क्या अब भी विभाग किसी इंसानी हाद