जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की बैठक का आयोजन हुआ, पदाधिकारियों को *अंतर्विभागीय समन्वय स्थापित कर जनहित के मामलों को तत्परता से हल करने* का दिया निदेश
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CM QRT (क्विक रिस्पॉन्स टीम) के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण करने का जिलाधिकारी ने दिया निर्देश
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डीएम ने अधिकारियों को 'सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान' का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का दिया निर्देश, कोताही बरतने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी
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लोक-कल्याणकारी एवं विकासात्मक योजनाओं का सफल क्रियान्वयन जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता; संबंधित विभागों के पदाधिकारी सरकार के निदेशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करेंः जिलाधिकारी
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जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर श्री कुमार गौरव की अध्यक्षता में आज समाहरणालय में जिला समन्वय समिति की बैठक का आयोजन हुआ। उन्होंने विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों को आपस में समन्वय स्थापित कर आम जनता की समस्याओं का पूरी संवेदनशीलता के साथ त्वरित गति से समाधान करने का निदेश दिया।
इस बैठक में विभिन्न विभागों यथा ग्रामीण विकास, राजस्व, आपदा प्रबंधन, आपूर्ति, कल्याण, पंचायती राज, आईसीडीएस, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, नगर विकास, अल्पसंख्यक कल्याण, श्रम, जीविका, पथ निर्माण, विद्युत, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, मत्स्य, जल संसाधन, कृषि, सामाजिक सुरक्षा, समाज कल्याण, खेल, योजना एवं विकास, सांख्यिकी, सहकारिता सहित अनेक विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई तथा अद्यतन प्रगति का जायजा लिया गया। जिलाधिकारी द्वारा पदाधिकारियों को विकासात्मक एवं लोक-कल्याणकारी योजनाओं का गुणवत्तापूर्ण तथा समयबद्ध तरीके से सफल क्रियान्वयन करने का निदेश दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनता की समस्याओं के त्वरित, संवेदनशील एवं प्रभावी समाधान की दिशा में राज्य सरकार द्वारा कुछ दिनों पूर्व एक नई पहल की गई है। माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में CM QRT (क्विक रिस्पॉन्स टीम) के माध्यम से नागरिक अब सोशल मीडिया के जरिए अपनी समस्याएँ सीधे सरकार तक पहुँचा रहे हैं। जिलाधिकारी ने जिला के अधिकारियों को CM QRT (क्विक रिस्पॉन्स टीम) के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अधिकतम 24 घंटे में इन शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण समाधान करें। अन्यथा लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि दुर्गा पूजा के अवसर पर उत्कृष्ट भीड़-प्रबंधन, सुगम यातायात तथा सुदृढ़ विधि-व्यवस्था संधारण प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहें।जिलाधिकारी ने कहा कि पदाधिकारीगण आसूचना तंत्र को सुदृढ़ एवं सक्रिय रखें तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कतामूलक कार्रवाई करें। सभी एसडीओ एवं एसडीपीओ स्वयं भ्रमणशील रहें एवं क्षेत्र का जायजा लें। क्षेत्रीय पदाधिकारीगण सभी हितधारकों (स्टेकहोल्डर्स) से सार्थक संवाद कायम रखें। पूजा समितियों से निरंतर समन्वय बनाएँ रखें। सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में तैयारियों का पर्यवेक्षण करें। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को सतत क्रियाशील रखें। अफवाहों का त्वरित खंडन करें। पूर्व की घटनाओं में शामिल लोगों के विरूद्ध निरोधात्मक कार्रवाई करें। भीड़ की गतिविधियों पर सीसीटीवी से निगरानी करें तथा इस आशय का फ्लेक्स/बैनर जगह-जगह प्रदर्शित करें कि आप सीसीटीवी की नजर में हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) एवं क्विक मेडिकल रिस्पांस टीम (क्यूएमआरटी) तैनात रखें। आवश्यकतानुसार ड्रोन से गतिविधियों पर नज़र रखें।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को 'सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान' का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इसमें कोताही बरतने पर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्व से अवस्थित आधारभूत संरचनाओं एवं परिसम्पत्तियों को सुदृढ़ करने तथा नए परिसम्पत्तियों का निर्माण करने हेतु सेवा संकल्प एवं कायाकल्प मिशन प्रारंभ किया गया है। इसके तहत विद्यालयों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, सामुदायिक भवनों, स्वास्थ्य उप केन्द्रों का सुदृढ़ीकरण/ उन्नयन एवं नवनिर्माण तथा अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं को शामिल किया गया है। इसके लिए प्रखण्ड स्तर पर प्रखण्ड विकास पदाधिकारी तथा जिला स्तर पर उप विकास आयुक्त नोडल पदाधिकारी हैं।
जिलाधिकारी ने अंचल अधिकारियों को नाव परिचालन में निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाले नाव संचालकों तथा नाविकों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने का निदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जन-सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। ओवरलोडिंग या अवैध परिचालन करने वालों के विरूद्ध विधि-सम्मत सख्त कार्रवाई करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार के आदेश एवं उद्देश्य के अनुरूप मुजफ्फरपुर जिला में भी जनहित की योजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है। सभी पंचायतों एवं नगर निकायों में सहयोग शिविर का आयोजन किया जा रहा है एवं प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के अंदर निष्पादन किया जा रहा है। अभी तक प्राप्त आवेदनों में से 94 प्रतिशत से अधिक आवेदनों को गुणवतापूर्ण रूप से निष्पादित किया गया है। लोग काफी संतुष्ट हैं। शेष आवेदनों को भी निर्धारित समय में निष्पादित किया जा रहा है। इसके लिए पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि अधिकारीगण स्व-उतरदायित्व एवं स्व-अनुशासन की भावना से काम कर रहे हैं। यह प्रशंसा का विषय है। उन्होंने कहा कि सभी क्षेत्रीय पदाधिकारीगण यह सुनिश्चित करंे कि आम जनता को अपनी समस्याओं को लेकर कार्यालयों का दौर न लगाना पड़े। छोटे-छोटे कार्यों को लेकर भी लोगों को परेशान न होना पड़े यह क्षेत्रों में पदस्थापित अधिकारीगण सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि इसके लिए हर स्तर पर पदाधिकारियों को रिस्पाँसिव होना पड़ेगा। कार्य-संस्कृति को सुदृढ़ रखना होगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि समन्वय बैठक का मूल उद्देश्य अतंर्विभागीय समन्वय सुनिश्चित करना है ताकि जनहित के कार्यों को तत्परता से क्रियान्वित किया जा सके। जो भी समस्याएं आती है उसका संबंधित विभागों के पदाधिकारी आपस में संवाद एवं समन्वय स्थापित करते हुए तेजी से समाधान करें।
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जिलाधिकारी द्वारा बैठक में ही आंगनवाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य उप केन्द्रों इत्यादि के निर्माण के लिए भूमि उपलब्धता के अंतर्विभागीय लंबित मामलों का समाधान किया गया। उन्होंने अपर समाहर्ता को संबंधित विभागों के पदाधिकारियों के साथ सार्थक समन्वय एवं सुदृढ़ संवाद स्थापित कर अंचल अधिकारियों के माध्यम से सभी योजनाओं के लिए तत्परता से भूमि उपलब्ध कराने का निदेश दिया।
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जिलाधिकारी ने कहा कि इस तरह की बैठकों का काफी महत्व है। विकास, राजस्व, कल्याण, ग्रामीण विकास, आईसीडीएस, स्वास्थ्य, अभियंत्रण सहित सभी विभागों के अधिकारियों के बीच भूमि उपलब्धता, सीमांकन, एनओसी इत्यादि के लंबित मामलों का आपसी समन्वय के द्वारा निपटारा किया जाता है।
जिलाधिकारी ने कहा कि पदाधिकारीगण आवश्यकतानुसार अन्तर्विभागीय समन्वय स्थापित कर पूर्ण पारदर्शिता, उत्तरदायित्व एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।
इस बैठक में जिलाधिकारी द्वारा आँगनबाड़ी केन्द्रों का भवन निर्माण, सहयोग शिविर का आयोजन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, पंचायत सरकार भवनों का निर्माण, कन्या विवाह मंडप का निर्माण, लोक शिकायत निवारण तथा लोक सेवा के अधिकार से संबंधित मामलों, वीबी जी राम जी सहित विभिन्न योजनाओं में साप्ताहिक प्रगति की समीक्षा की गई तथा अद्यतन स्थिति का जायजा लिया गया। डीएम ने कहा कि सरकार के विकासात्मक एवं लोक-कल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी पदाधिकारी सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहें। विभिन्न विभागों के जिन-जिन कार्यों तथा योजनाओं के लिए जमीन की उपलब्धता, अनापति प्रमाण-पत्र, सीमांकन, अतिक्रमण हटाने इत्यादि का मामला लंबित है उसके लिए प्रखंड-स्तरीय विभागीय पदाधिकारी एवं संबंधित अंचल अधिकारी समन्वय स्थापित कर कार्यों में तेजी लायें तथा मामले का समाधान करते हुए प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं। संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी इसका पर्यवेक्षण करेंगे तथा अपर समाहर्ता इसका अनुश्रवण करेंगे।
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जिला प्रोग्राम कार्यालय, आईसीडीएस के कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने डीपीओ, आईसीडीएस को निर्देश दिया कि जिला के सभी 5,617 आँगनबाड़ी केन्द्रों पर आधारभूत संरचनाएं उपलब्ध रहनी चाहिए। शुद्ध पेयजल एवं शौचालय की समुचित व्यवस्था तथा विद्युत की उपलब्धता सुनिश्चित रहनी चाहिए। जिला में कुल 17 बाल विकास परियोजना है। जिलाधिकारी द्वारा बैठक में वीबी जी राम जी के कन्वर्जेन्स तथा नाबार्ड के वित्त पोषण से आंगनबाड़ी केन्द्रों के भवन निर्माण में प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने उप विकास आयुक्त को डीपीओ मनरेगा, डीपीओ आईसीडीएस, कार्यपालक अभियंता एलएईओ-1 एवं 2 तथा जिला योजना पदाधिकारी के साथ नियमित रूप से समीक्षा कर निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि सुनिश्चित करने का निदेश दिया। साथ ही निर्माणाधीन भवनों को समय-सीमा के अंदर पूर्ण कराने का निदेश दिया गया।
जिलाधिकारी ने डीपीओ आईसीडीएस को आंगनबाड़ी केन्द्रों पर अन्नप्राशन, गोदभराई एवं वीएचएसएनडी का प्रावधानों के अनुसार सफलतापूर्वक आयोजन करने का निदेश दिया। आँगनबाड़ी केन्द्रों का लगातार निरीक्षण करने तथा योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, महिला सशक्तिकरण, आधारभूत संरचना, ग्रामीण विकास, नगर विकास सहित सभी विषयों पर सरकार का विशेष ध्यान है। इसी के अनुरूप पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के सिद्धान्त पर चलते हुए जिला प्रशासन, मुजफ्फरपुर द्वारा लोक-कल्याणकारी एवं विकासात्मक योजनाओं का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है।
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जिलाधिकारी ने कहा कि 373 पंचायतों में पंचायत विकास दिवस का आयोजन किया जा रहा है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है। मुजफ्फरपुर जिला में लगभग 40 सड़क, पुल-पुलिया, फ्लाईओवर इत्यादि का तेजी से निर्माण हो रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि इन सब योजनाओं से लोगों के जीवन स्तर में काफी गुणात्मक बदलाव आ रहा है।
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जिलाधिकारी ने महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र को निदेश दिया कि मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति-जनजाति उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना एवं मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक उद्यमी योजना का विभाग के निर्देशों के अनुरूप बेहतर ढंग से क्रियान्वयन करें। लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाएँ। लाभुकों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय किस्त का भुगतान नियमानुसार ससमय करें।
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लोक शिकायत निवारण एवं आरटीपीएस
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जिलाधिकारी द्वारा लोक शिकायत निवारण एवं आरटीपीएस से संबंधित मामलों की समीक्षा की गयी। सभी लोक प्राधिकारों एवं अधिकारियों को आवेदनों का त्वरित निष्पादन करने का निदेश दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। लोक शिकायतों की सुनवाई में लोक प्राधिकारों की हर हाल में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित रहनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि लोक शिकायतों के केवल निष्पादन से काम नहीं चलेगा। जनता की संतुष्टि सर्वोपरि है। सभी पदाधिकारी जनहित के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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बैठक में अंचलाधिकारियों एवं थानाध्यक्षों की संयुक्त साप्ताहिक बैठक की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि संयुक्त बैठक का भूमि विवादों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निदेश दिया कि नियमित तौर पर अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्ष का हरएक सप्ताह संयुक्त बैठक आयोजित हो। साथ ही इसे भू-समाधान पोर्टल पर भी अपलोड किया जाए।
जिलाधिकारी द्वारा आरटीपीएस में प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि एक्सपायर्ड मामलों की संख्या हर हाल में शून्य रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आरटीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप समय-सीमा के अंदर आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करें। आम जनता को सेवा प्रदान करने में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 तथा बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम, 2011 का सफल क्रियान्वयन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहें। योजनाओं के क्रियान्वयन में शिथिलता, अनियमितता एवं लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निदेश दिया कि सहयोग पोर्टल, सीपीग्राम, जिला जनता दरबार सहित विभिन्न स्रोतों से प्राप्त आवेदनों को त्वरित गति से निष्पादित करें।
जिलाधिकारी ने उप विकास आयुक्त को सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रगति का अनुश्रवण करने का निदेश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि *पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व* सुनिश्चित करते हुए *जनहित के कार्यों को जिला प्रशासन द्वारा सर्वोच्च प्राथमिकता* के साथ सम्पन्न किया जाता है। *आम जनता को दैनन्दिन कार्यों में समस्या का सामना न करना पड़े, इसके लिए सम्पूर्ण प्रशासनिक सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध* है।
इस बैठक में जिलाधिकारी के साथ नगर आयुक्त, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन, जिला आपूर्ति पदाधिकारी सहित संबंधित विभागों के जिला-स्तरीय पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, प्रखण्ड पंचायत राज पदाधिकारी, प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारी तथा अन्य भी उपस्थित थे।
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