मुजफ्फरपुर जिला के 34 सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में प्रथम विद्यार्थी सहयोग शिविर आयोजित हुआ; एमआईटी मुजफ्फरपुर में जिलाधिकारी ने भाग लेकर छात्र-छात्राओं से संवाद स्थापित किया
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‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ काफ़ी उपयोगी; छात्र-छात्राओं की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाएगा: जिलाधिकारी
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विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता; सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र इसके लिए सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध : जिलाधिकारी
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मुजफ्फरपुर। राज्य सरकार के आदेश के आलोक में विद्यार्थियों की शिकायतों एवं समस्याओं के प्रभावी समाधान के उद्देश्य से आज मंगलवार को रोस्टर के अनुसार मुजफ्फरपुर जिला के 34 सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में प्रथम विद्यार्थी सहयोग शिविर का आयोजन हुआ। हजारों की संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लेकर इसका लाभ उठाया। जिला पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर श्री कुमार गौरव द्वारा शिविरों के सफल आयोजन के लिए वरीय प्रभारी पदाधिकारियों, नोडल पदाधिकारियों एवं प्रभारी पदाधिकारियों को प्रतिनियुक्त किया गया था।
ज़िलाधिकारी ने स्वयं एमआईटी, मुजफ्फरपुर में आयोजित ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं से संवाद स्थापित किया तथा उनकी समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरता से सुना। छात्र-छात्राओं ने गर्ल्स हॉस्टल, टीचिंग फेकल्टी, संपर्क सड़क इत्यादि समस्याओं के बारे में बताया। ज़िलाधिकारी ने कहा कि सभी समस्याओं का समयबद्ध ढंग से विधिवत समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ काफ़ी उपयोगी है। छात्र-छात्रा कहीं भी, कभी भी इसपर समस्या दर्ज कर सकते हैं। पोर्टल पर शिकायत प्राप्त होने के बाद संबंधित विभाग एवं पदाधिकारी द्वारा मामले की जांच कर अधिकतम 30 दिनों के अंदर समस्या का विधिवत समाधान सुनिश्चित कर आवेदक को लिखित रूप से सूचित किया जाएगा।ज़िलाधिकारी ने कहा कि विद्यार्थियों को जो भी समस्या या शिकायत हो उसे ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ के माध्यम से दर्ज कराया जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी सहयोग शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों की समस्याओं को एक मंच पर प्राप्त कर उनका त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि छात्र-छात्राओं को अपनी शिकायतों के निराकरण के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़े।
’’विद्यार्थी सहयोग शिविर’’ एवं पोर्टल पर प्रकाश डालते हुए ज़िलाधिकारी ने संस्थान में उपस्थित अभियंत्रण की सैकड़ों छात्र-छात्राओं को बताया कि राज्य सरकार के आदेश के आलोक में विद्यार्थियों की शिकायतों एवं समस्याओं के प्रभावी समाधान हेतु ’’विद्यार्थी सहयोग शिविर’’ का आयोजन दिनांक 25 अगस्त, 2026 से प्रत्येक माह के चतुर्थ मंगलवार को किया जाना है। चतुर्थ मंगलवार को अवकाश रहने पर यह शिविर अगले कार्य दिवस को आयोजित किया जाएगा। विद्यार्थी सहयोग शिविर कार्यक्रम हेतु जिला प्रशासन द्वारा रोस्टर का निर्धारण किया गया है। साथ ही शिविरों के सफल आयोजन के लिए वरीय प्रभारी पदाधिकारियों, नोडल पदाधिकारियों एवं प्रभारी पदाधिकारियों को भी प्रतिनियुक्त किया गया है।
ज़िलाधिकारी ने कहा कि विद्यार्थियों को सीधे अपनी समस्याओं, शिकायतों एवं सुझावों को रखने का अवसर प्रदान करने और उसके निदान हेतु राज्य सरकार सतत प्रयासरत है। इसी क्रम में विद्यार्थियों की शिकायतों के प्रभावी समाधान के लिए सात निश्चय-3 के अधीन ’’सबका सम्मान, जीवन आसान’’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थी सहयोग शिविर का आयोजन सरकारी शैक्षणिक संस्थानों जैसे विश्वविद्यालयों, अंगीभूत महाविद्यालयों, अभियंत्रण महाविद्यालयों, चिकित्सा महाविद्यालयों, पॉलिटेक्निक, आईटीआई, पारामेडिकल काॅलेज, नर्सिंग स्कूल, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के छात्रावासों, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के छात्रावासों, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के छात्रावासों, कस्तूरबा गांधी छात्रावासों एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित नेत्रहीन/मूकबधिर विद्यालयों में किया जा रहा है।
ज़िलाधिकारी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री द्वारा विद्यार्थियों की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ की शुरुआत की गई है। इस पोर्टल के माध्यम से छात्र-छात्राएं अपनी शिकायतें ऑनलाइन या टॉल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1100 पर दर्ज करा सकेंगे। प्राप्त सभी शिकायतों का निष्पादन अंतिम रूप से 30 दिन में किया जाएगा। संतोषजनक निष्पादन नहीं होने पर अपील का भी प्रावधान है। ज़िलाधिकारी ने विद्यार्थियों से अपील की कि ’’विद्यार्थी सहयोग शिविर’’ का लाभ उठाएँ। अपनी समस्याओं एवं शिकायतों को ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ पर दर्ज कराकर इस सुविधा का अधिकाधिक लाभ उठाएं।
प्राचार्य, एमआईटी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की यह पहल अत्यंत सराहनीय है। इससे छात्र-छात्राओं को समस्याओं के निराकरण के लिए एक महत्वपूर्ण प्लेटफ़ार्म प्राप्त हुआ है। उन्होंने विद्यार्थियों से इसका लाभ उठाने की अपील की।
जिलाधिकारी ने कहा कि *विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र इसके लिए सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध* है।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, प्राचार्य, एमआईटी, जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं अन्य भी उपस्थित थे।
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विद्यार्थी अपनी शिकायत दर्ज करने के लिए विजिट करें: sahyog.bihar.gov.in/hss/
टॉल-फ्री हेल्पलाइन नंबर: 1100
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Information & Public Relations Department, Government of Bihar