जमुई: DM नवीन ने जमुई के प्राकृतिक वादियों का लिया जायजा
DM नवीन द्वारा अन्य पदाधिकारियों के साथ गिद्धेश्वर–गरही मुख्य मार्ग पर अवस्थित परासी गांव स्थित विशिष्ट पठार-नुमा टीले व जंगली क्षेत्रों का विस्तृत भ्रमण किया गया। DM के इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य इस क्षेत्र में छिपी हुई प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक धरोहरों को एक सूत्र में पिरोकर एक एकीकृत पर्यटन कॉरिडोर का निर्माण करना है , ताकि इन क्षेत्रों में पर्यटन के विकास के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिल सके। साथ ही जमुई जिला में निहित पर्यटन की संभावनाओं को वैश्विक पहचान मिल सकें। भ्रमण का वीडियो शुक्रवार की सुबह 8:00 बजे सामने आई है।
दरअसल परासी गांव के समीप स्थित यह टीला अपनी अवस्थिति और अनुपम सौंदर्य के कारण अत्यंत खास है। इसके शीर्ष पर पहुँचते ही चारों ओर फैली विशाल हरी-भरी घाटियाँ, दूर-दूर तक पसरी नैसर्गिक हरियाली और नीचे सिमटा शांत ग्रामीण जीवन मन को एक अलौकिक शांति से भर देता है।
पूर्व में भी जिला पदाधिकारी द्वारा इस क्षेत्र में अवस्थित पंचभूर झरना से लेकर घनवेरिया के प्रसिद्ध पेड़ा दुकानों तक का विस्तृत निरीक्षण किया जा चुका है, जो यह दर्शाता है कि वे स्वयं धरातल पर उतरकर जमीनी वास्तविकताओं को समझने और जिले का एक सशक्त रोडमैप तैयार करने के लिए निरंतर प्रयत्नशील हैं।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने कहा कि जमुई के इस क्षेत्र के पर्वतीय और पठारी भू-भाग कृषिगत गतिविधियों के लिए सीमित अवसर प्रदान करता है। लगभग ढाई दशकों तक नक्सलवाद के दंश और अलगाव को झेलने वाली यहाँ की जनमानस के जीवन स्तर को सुधारने का सबसे सशक्त माध्यम पर्यटन ही बन सकता है। प्रशासन का यह सोच है कि इस क्षेत्र में केवल धार्मिक पर्यटन ही नहीं, बल्कि प्रकृति प्रेमियों और एडवेंचर के शौकीन पर्यटकों के लिए भी यहाँ बेहतरीन ट्रैकिंग और एडवेंचर टूरिज्म विकसित किया जाए।
जिला पदाधिकारी द्वारा मौके पर मौजूद अधिकारियों को इस स्थल के सर्वांगीण सौंदर्यीकरण और योजनाबद्ध विकास हेतु तत्काल प्रभाव से एक विस्तृत कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया गया। जमुई के इस एकीकृत पर्यटन कॉरिडोर के साकार होने से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को एक अभूतपूर्व गति मिलेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार, स्वरोज़गार और स्थानीय मानव संसाधन के बेहतर उपयोग और समुचित प्रबंधन के नए द्वार भी खुलेंगे।
जिला प्रशासन का यह दूरगामी सोच इस सत्य को रेखांकित करती है कि दृढ़ संकल्प और प्रशासनिक इच्छाशक्ति से एक संघर्ष प्रभावित क्षेत्र को भी समृद्धि तथा पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर प्रतिष्ठित किया जा सकता है।
नक्सलवाद के लंबे दौर को पीछे छोड़ते हुए जमुई जिला अब प्रगति, समृद्धि के एक नए युग में प्रवेश कर रहा है। जिले के सर्वांगीण विकास और स्थानीय जनजीवन को खुशहाली से जोड़ने की दिशा में जमुई जिला प्रशासन द्वारा निरंतर सकारात्मक विकासात्मक पहल की जा रही है। #jamuitopnews #jamuinews #dmjamui #zilaprashasan #viralpost #viralvideochallenge #viralreels