राजस्थान में शिवसेना को नई दिशा
राजस्थान की राजनीति में निर्दलीय जनप्रतिनिधियों और जनआंदोलनों की बढ़ती सक्रियता यह संकेत दे रही है कि जनता पारंपरिक राजनीतिक विकल्पों के साथ-साथ एक मजबूत, जनसेवी और सर्वसमाज आधारित तीसरे राजनीतिक विकल्प की तलाश में है। इसी दिशा में शिवसेना (शिंदे गुट) राजस्थान में संगठनात्मक विस्तार और जनसेवा का नया अध्याय शुरू करने जा रही है।
शिवसेना (शिंदे गुट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे जी, सांसद श्रीकांत शिंदे जी, श्री अभिषेक वर्मा, मुख्य राष्ट्रीय समन्वयक—एनडीए गठबंधन एवं चुनाव, तथा राष्ट्रीय सचिव कैप्टन अभिजीत अड़सुल ने राजस्थान के वरिष्ठ जननेता, समाजसेवी एवं श्री आनंद परिवार सेवा समिति, लाडनूं के संस्थापक अध्यक्ष श्री मंजीत पाल सिंह पर विश्वास जताते हुए उन्हें शिवसेना (शिंदे गुट) राजस्थान का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है।
हाल के सार्वजनिक समाचार-संदर्भों में भी राजस्थान में निर्दलीय जनप्रतिनिधियों और शिवसेना से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रमों की सक्रियता दिखाई दी है।[1][2]
## संगठन को मिलेगी नई ऊर्जा
राजस्थान में प्रदेश अध्यक्ष का पद पिछले काफी समय से रिक्त था। इसके कारण प्रदेश कार्यकारिणी प्रभावी रूप से सक्रिय नहीं हो पा रही थी और संगठनात्मक गतिविधियों को अपेक्षित गति नहीं मिल रही थी। प्रदेश शिवसैनिकों में भी संगठन के प्रति सक्रियता और समन्वय प्रभावित हुआ था।
श्री मंजीत पाल सिंह की नियुक्ति के बाद प्रदेश संगठन में नई ऊर्जा, उत्साह और आशा का संचार हुआ है। कार्यकर्ताओं को विश्वास है कि उनके नेतृत्व में शिवसेना राजस्थान में जमीनी स्तर पर मजबूत, अनुशासित और जनाधार वाला संगठन तैयार करेगी।
## प्रदेश अध्यक्ष का संकल्प
नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष श्री मंजीत पाल सिंह ने राष्ट्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा—
“मुझे जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसका निर्वहन मैं पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ करूंगा। राजस्थान के प्रत्येक जिले, विधानसभा क्षेत्र और गांव-ढाणी तक संगठन की पहुंच बनाने के लिए निरंतर कार्य किया जाएगा।”
उन्होंने कहा कि संगठन में ऐसे सक्रिय, योग्य, स्वच्छ छवि वाले और जनसमर्थन रखने वाले कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां दी जाएंगी, जो समाज और संगठन के प्रति समर्पित होकर कार्य कर सकें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले महीनों में राजस्थान में शिवसेना का संगठनात्मक विस्तार तेजी से किया जाएगा। प्रत्येक जिले, संभाग, विधानसभा और मंडल स्तर पर कार्यकर्ताओं को जोड़कर एक मजबूत प्रदेशव्यापी टीम तैयार की जाएगी।
## जनसेवा होगी प्राथमिकता
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि शिवसेना का उद्देश्य केवल राजनीतिक विस्तार नहीं, बल्कि जनता से सीधे जुड़कर उनकी समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए प्रभावी भूमिका निभाना है।
इसके लिए प्रदेशभर में निम्न अभियानों को प्राथमिकता दी जाएगी—
- जनसंपर्क एवं जनसंवाद अभियान।
- युवाओं और महिलाओं को संगठन से जोड़ने के विशेष कार्यक्रम।
- किसानों, व्यापारियों, श्रमिकों और छोटे उद्यमियों की समस्याओं पर अभियान।
- शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और पेयजल से जुड़े जनहित के मुद्दे।
- जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए सामाजिक सेवा कार्यक्रम।
- भ्रष्टाचार, अव्यवस्था और जनसमस्याओं के विरुद्ध लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाना।
- प्रत्येक जिले में नियमित कार्यकर्ता बैठक और जनसुनवाई।
उन्होंने कहा कि संगठन को केवल राजनीतिक मंच तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि सामाजिक सेवा, जनहित और आमजन की समस्याओं के समाधान से जोड़कर मजबूत किया जाएगा।
## सर्वसमाज को साथ लेकर आगे बढ़ेगी शिवसेना
श्री मंजीत पाल सिंह ने कहा कि राजस्थान की विविध सामाजिक संरचना को ध्यान में रखते हुए शिवसेना सर्वसमाज को साथ लेकर आगे बढ़ेगी। संगठन में जाति, क्षेत्र, भाषा और वर्ग से ऊपर उठकर राष्ट्रहित, जनहित और सामाजिक समरसता को प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने राष्ट्रीय नेतृत्व को विश्वास दिलाया कि राजस्थान में शिवसेना को मजबूत, सक्रिय, अनुशासित और जनाधार वाला संगठन बनाने के लिए पूरी टीम के साथ निरंतर कार्य किया जाएगा।
Didwana, Nagaur | Sep 21, 2026