तेयुप नोखा द्वारा स्वर्गीय श्री धनराज जी बैद का मरणोपरांत हुआ नेत्रदान
नोखा । अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद की शाखा तेरापंथ युवक परिषद, *नोखा* के सहयोग से *धनराज जी बैद* का मरणोपरांत उनकी पत्नी *विजया लक्ष्मी बैद भाई मेघराज जी बैद और पारिवारिक जनों की सहमति से आई बैंक सोसाइटी ऑफ राजस्थान, बीकानेर के माध्यम से* हुआ नेत्रदान।
तेरापंथ युवक परिषद, नोखा के अध्यक्ष.*गजेंद्र पारख* ने स्व. धनराज जी बैद के प्रति विनम्र श्रद्धांजलि समर्पित करते हुए परिवारजन के प्रति संवेदना के भाव व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि पारिवारिक जनों ने नेत्रदान जैसे नेक कार्य में सहयोग प्रदान कर मानवीय सेवा का महनीय कार्य किया है।
अभातेयुप द्वारा नेत्रदान के क्षेत्र में पूरे भारत और नेपाल में अपनी 375 शाखा परिषदों के सहयोग से अब तक 3000 से भी ज्यादा लोगों का मृत्युपरांत नेत्रदान करवाया जा चुका है। विदित हो एक व्यक्ति के नेत्रदान से दो अंधकारमय जीवन रोशन होते हैं।
तेयुप नोखा मंत्री अरिहन्त सुखलेचा इस अभियान में शाखा परिषद् की जागरूकता व नेत्रदाता के परिवारजन की उत्कृष्ट भावना के प्रति साधुवाद प्रकट किया और लोगों को अभातेयुप के इस अभियान में सहयोग का आह्वान किया।
तेयुप नोखा के नेत्रदान संयोजक निर्मल चौपड़ा ने नेत्रदान से जुड़ी कई भ्रांतियां का समाधान करते हुए बताया कि नेत्रदान में व्यक्ति की आंखें नहीं बल्कि उसके अन्दर की हल्की सी परत निकाली जाती है, जो किसी भी प्रकार से शारिरिक ढांचे को प्रभावित नही करती है। मरणोपरांत परिवारजनों की सहमति से नेत्रदान किसी भी उम्र के व्यक्ति का हो सकता है।
Didwana, Nagaur | Sep 20, 2026