तिमली में सड़क निर्माण के नाम पर बांज के पेड़ों की कथित अवैध कटान, शिकायत पर हरकत में आया वन विभाग!!
रुद्रप्रयाग जनपद के भरदार क्षेत्र अंतर्गत तिमली गांव में सड़क निर्माण कार्य के दौरान बांज के हरे-भरे पेड़ों की कथित अवैध कटान का मामला सामने आया है। ग्रामीण की शिकायत के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार तिमली गांव में सड़क निर्माण के नाम पर वनभूमि तथा निजी भूमि पर खड़े बांज के कई पेड़ों को काटे जाने का आरोप लगाया गया है। मामले को गंभीर बताते हुए तिमली निवासी ज्ञान कुसुम भट्ट ने उप वन क्षेत्राधिकारी को लिखित शिकायत सौंपकर जांच एवं कार्रवाई की मांग की।
शिकायत मिलते ही वन विभाग ने तत्परता दिखाते हुए जांच टीम को मौके पर भेजा। टीम ने कटान स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक तथ्य संकलित किए तथा प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि बांज उत्तराखंड की पारिस्थितिकी का महत्वपूर्ण वृक्ष माना जाता है। यह जल संरक्षण, भू-नमी बनाए रखने, भू-स्खलन की रोकथाम तथा जैव विविधता के संरक्षण में अहम भूमिका निभाता है। विशेषज्ञों के अनुसार बांज के जंगल पहाड़ों के प्राकृतिक जलस्रोतों को जीवित रखने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे मामलों पर अंकुश नहीं लगाया गया तो पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों को गंभीर क्षति पहुंच सकती है।
फिलहाल पूरे मामले पर वन विभाग की जांच रिपोर्ट और आगामी कार्रवाई पर क्षेत्रवासियों की नजरें टिकी हुई हैं। शिकायतकर्ता ज्ञान कुसुम भट्ट की पर्यावरण संरक्षण को लेकर दिखाई गई सक्रियता की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है।