उत्तराखंड ने खो दिया अपना एक और वीर सपूत... 🇮🇳
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान अल्मोड़ा के वीर सपूत लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी शहीद हो गए। मात्र 25 वर्ष की आयु में मातृभूमि की रक्षा करते हुए उन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया।
5 असम रेजिमेंट में तैनात लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी ऑपरेशन "शेरूवाली" के तहत आतंकियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे थे। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में अभियान के दौरान उनका पैर फिसल गया और वे गहरी खाई में गिर गए। साथियों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन सेना के जनरल अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
अल्मोड़ा के पांडेखोला निवासी बीरेश्वर ने 8 जून 2024 को भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त किया था।
जब तिरंगे में लिपटा उनका पार्थिव शरीर घर पहुंचा तो माता-पिता, दादी और परिजनों की आंखों से बहते आंसू हर किसी का दिल दहला गए। सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से अपने वीर बेटे को अंतिम विदाई दी।
आज अल्मोड़ा रो रहा है, लेकिन पूरे देश को अपने इस वीर पुत्र पर गर्व है।
🙏 शत्-शत् नमन वीर सपूत लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी। आपका बलिदान राष्ट्र कभी नहीं भूलेगा।
🇮🇳 जब तक सूरज चांद रहेगा, बीरेश्वर तेरा नाम रहेगा। 🇮🇳 अमर रहें... अमर रहें... अमर रहें...
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