बाढ़ का पानी उतरा, लेकिन किसानों की मुसीबत नहीं!
नौहट्टा प्रखंड क्षेत्र में सोन नदी और पहाड़ी नदियों में आई भीषण बाढ़ ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद खेतों में तबाही का मंजर दिखाई दे रहा है। सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल अब गाद, मिट्टी और नदी से बहकर आए कचरे के कारण सड़ने लगी है।
कई खेतों में धान के पौधों के ऊपर सथान और कचरे की मोटी परत जम गई है। इससे पौधों को पर्याप्त धूप और हवा नहीं मिल पा रही है। लंबे समय तक पानी में डूबे रहने से पहले ही कमजोर हुए पौधे अब सड़ने लगे हैं।
किसानों का कहना है कि खेती में बीज, खाद, मजदूरी समेत काफी खर्च हो चुका है। ऐसे में फसल खराब होने से उनकी आर्थिक परेशानी और बढ़ सकती है। किसानों ने प्रशासन से जल्द फसल क्षति का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
प्रखंड कृषि पदाधिकारी कन्हैया सिंह ने बताया कि बाढ़ से हुई धान की फसल की क्षति का आकलन कराया जाएगा। सर्वे के बाद वास्तविक नुकसान की स्थिति सामने आएगी।
नौहट्टा, रोहतास | बिहार
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