*मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई मजबूती, एमएनसीयू के शेष 13 बेड जल्द होंगे फंक्शनल*
*जिलाधिकारी ने सदर अस्पताल का किया निरीक्षण, सिजेरियन डिलीवरी में वृद्धि पर डॉ. प्रियंका को दी बधाई*
*सदर अस्पताल में सभी 18 एमएनसीयू बेड फंक्शनल होने के बाद प्रसूताओं एवं नवजातों को मिलेगी बेहतर एवं समेकित स्वास्थ्य सुविधा*
जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर श्री कुमार गौरव ने आज सदर अस्पताल का निरीक्षण कर अस्पताल में उपलब्ध मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुविधाओं, साफ-सफाई, आवश्यक संसाधनों एवं चिकित्सकीय व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एसएनसीयू को एमएनसीयू के रूप में विकसित करने के बाद उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने एमएनसीयू में वर्तमान में फंक्शनल बेड, आवश्यक उपकरण, चिकित्सकीय व्यवस्था तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की समीक्षा की। बताया गया कि वर्तमान में एमएनसीयू के 18 में से 5 बेड फंक्शनल हैं। जिलाधिकारी ने शेष 13 बेड को भी जल्द से जल्द फंक्शनल करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया, ताकि अधिक संख्या में प्रसूताओं एवं नवजातों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रसव के दौरान महिलाओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ नवजात शिशुओं की समुचित देखभाल के लिए अस्पतालों में आवश्यक संसाधनों को लगातार मजबूत किया जा रहा है। एमएनसीयू के सभी 18 बेड के फंक्शनल होने से प्रसूताओं एवं नवजातों को एक ही समेकित व्यवस्था के तहत बेहतर चिकित्सा एवं निगरानी की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
सिजेरियन डिलीवरी में वृद्धि पर डॉ. प्रियंका को दी बधाई
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सदर अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी की संख्या में हुई वृद्धि को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए डॉ. प्रियंका को विशेष रूप से बधाई दी तथा इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
जिलाधिकारी ने कहा कि सुरक्षित प्रसव के लिए अस्पताल में सामान्य प्रसव के साथ-साथ आवश्यकता के अनुरूप सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा भी सुदृढ़ रहनी चाहिए। उन्होंने सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री सलीम जावेद को निर्देश दिया कि सदर अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा एवं संख्या को और बेहतर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने अस्पताल में आवश्यक चिकित्सकीय संसाधनों, उपकरणों, विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि जिले में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को गुणवत्तापूर्ण बनाते हुए सिजेरियन डिलीवरी के क्षेत्र में भी बेहतर प्रदर्शन करने का लक्ष्य रखा जाए। इसके लिए अस्पताल स्तर पर नियमित समीक्षा, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता तथा मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।
अस्पताल की मूलभूत व्यवस्थाओं का भी लिया जायजा
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान सदर अस्पताल के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण कर साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मरीजों एवं परिजनों के लिए उपलब्ध पेयजल, पंखे, दवाओं की उपलब्धता सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। संबंधित अधिकारियों द्वारा अस्पताल में उपलब्ध व्यवस्थाओं एवं मरीजों को दी जा रही सुविधाओं के बारे में जिलाधिकारी को अवगत कराया गया।
उन्होंने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था, मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही आवश्यक दवाओं तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि अस्पताल में मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए तथा स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं निरंतर दुरुस्त रखी जाएं।
मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने तथा सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण सेवाओं की उपलब्धता अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रसूताओं को प्रसव पूर्व, प्रसव के दौरान एवं प्रसव के बाद बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ नवजात शिशुओं की विशेष देखभाल सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।
उन्होंने संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिया कि अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करते हुए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाया जाए। एमएनसीयू के शेष 13 बेड को निर्धारित मानकों के अनुरूप जल्द फंक्शनल करने तथा आवश्यक व्यवस्थाओं को पूरा करने का निर्देश भी दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार का सीधा लाभ आमजन, विशेषकर गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं को मिलना चाहिए। इस दिशा में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
एमएनसीयू के सभी 18 बेड फंक्शनल होने के बाद सदर अस्पताल में प्रसूताओं एवं नवजात शिशुओं की देखभाल की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे गंभीर एवं विशेष निगरानी की आवश्यकता वाले नवजातों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी तथा मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।
जिलाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि एमएनसीयू से संबंधित शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा कराते हुए सभी बेड को फंक्शनल किया जाए तथा स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर निगरानी एवं समीक्षा सुनिश्चित की जाए।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
State Health Society, Bihar
Bihar Health Department
2 views | Muzaffarpur, Bihar | Sep 10, 2026