घायल गोवंशों की सेवा में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त! कान्हा गौशाला पहुंचे डीएम, व्यवस्थाओं का लिया जायजा
घायल गोवंशों को गुड़ खिलाकर जाना हाल, इलाज में ढिलाई पर कार्रवाई की चेतावनी
उरई (जालौन)
जनपद में सड़क दुर्घटनाओं में घायल और निराश्रित गोवंशों के संरक्षण एवं उपचार को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है।
शनिवार को जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने सरसोकी स्थित कान्हा गौशाला का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि घायल गोवंशों की सेवा और उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हाल ही में सड़क हादसों में घायल हुए कई गोवंशों को उपचार के लिए कान्हा गौशाला में रखा गया है।
जिलाधिकारी ने एक-एक गोवंश के पास जाकर उनकी स्थिति देखी और पशु चिकित्सकों से इलाज की प्रगति की जानकारी ली।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी घायल गोवंशों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए, समय पर दवाइयां उपलब्ध कराई जाएं और पूरी तरह स्वस्थ होने तक उनकी लगातार निगरानी सुनिश्चित की जाए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्वयं घायल गोवंशों को गुड़ खिलाया और गौशाला में साफ-सफाई, चारा तथा पेयजल की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया।
उन्होंने गौशाला प्रबंधन को निर्देश दिए कि सभी गोवंशों को प्रतिदिन हरा चारा, पर्याप्त स्वच्छ पेयजल और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनका स्वास्थ्य तेजी से सुधर सके।
डीएम ने कहा कि गोवंशों की सेवा केवल प्रशासन का दायित्व नहीं बल्कि समाज की भी नैतिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं कोई गोवंश सड़क दुर्घटना में घायल दिखाई दे तो उसे असहाय छोड़ने के बजाय तुरंत प्रशासन, पशुपालन विभाग या निकटतम गौशाला को सूचना दें, जिससे समय रहते उसका उपचार कराया जा सके।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि घायल गोवंशों की देखभाल में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक घायल और निराश्रित गोवंश को सुरक्षित आश्रय, बेहतर उपचार और समुचित देखभाल उपलब्ध कराना है।
बड़े सवाल
क्या जनपद की सभी गौशालाओं में घायल गोवंशों को इसी स्तर की सुविधाएं मिल रही हैं?
सड़क दुर्घटनाओं में घायल गोवंशों को समय पर अस्पताल या गौशाला तक पहुंचाने की प्रभावी व्यवस्था कब पूरी तरह मजबूत होगी?
क्या नियमित निरीक्षण से गौशालाओं की व्यवस्थाओं में स्थायी सुधार आएगा?
घायल गोवंशों की सूचना देने के लिए क्या आम जनता तक पर्याप्त व्यवस्था और जागरूकता पहुंच पाई है?
आपकी क्या राय है?
क्या ऐसे औचक निरीक्षण और सख्त कार्रवाई से गौशालाओं की व्यवस्था बेहतर होगी?
अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।
#Jalaun #Orai #DMJalaun #RajeshKumarPandey #KanhaGaushala #Sarsoki #CowProtection #Gaushala #AnimalCare #CowRescue #UPNews #JalaunNews #BreakingNews #CrimeReporter #SonuMaharaj #UttarPradesh #DistrictAdministration #AnimalWelfare #गोवंश #गौशाला #उरई #जालौन #डीएमजालौन
#सरसोकी #ब्रेकिंगन्यूज #उत्तरप्रदेश #पशुपालन #गौसेवा #प्रशासन #ताज़ाखबर
Kalpi, Jalaun | Jul 6, 2026