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सड़क आई तो बदली गांव की तस्वीर, आसान हुआ खेत से मंडी और गांव से अस्पताल तक का सफर
मुरैना-अंबाह मार्ग से माता बसैया तक बनी सड़क ने ग्रामीणों को दिए सुविधा, अवसर और विकास के नए रास्ते
किसी गांव के लिए सड़क केवल आवागमन का रास्ता नहीं होती, बल्कि वह गांव की तरक्की का ऐसा माध्यम होती है, जो खेतों को बाजार से, बच्चों को स्कूल से, मरीजों को अस्पताल से और गांव को शहर से जोड़ती है। मुरैना-अंबाह मार्ग से माता बसैया तक बनी सड़क ने भी इसी बदलाव को साकार किया है। 7.29 किलोमीटर लंबी और 7 मीटर चौड़ी यह सड़क 1025.15 लाख रुपये की लागत से निर्मित हुई है। सड़क बनने के बाद माता बसैया के ग्रामीणों के लिए दूरी तो कम हुई ही है, साथ ही रोजमर्रा की जिंदगी में आने वाली कई मुश्किलें भी आसान हुई हैं।
जहां पहले गांव से बाहर निकलने में समय और परेशानी दोनों लगते थे, वहीं अब पक्की और सुगम सड़क से ग्रामीण आसानी से मुरैना-अंबाह मार्ग तक पहुंच रहे हैं। सुबह खेतों की ओर जाते किसान हों या जरूरी काम से शहर जाने वाले ग्रामीण, सड़क ने सभी के सफर को पहले की तुलना में सहज बनाया है। गांव में दौड़ते वाहनों और सड़क पर बढ़ी आवाजाही के साथ ग्रामीणों को अब अपने गांव में भी विकास की नई संभावनाएं दिखाई देने लगी हैं।
“अब लगता है हमारा गांव भी शहर से जुड़ गया है”
माता बसैया निवासी श्री बृजकिशोर के लिए सड़क निर्माण गांव की बदलती तस्वीर का अनुभव है। वे बताते हैं कि पहले गांव से बाहर निकलने के लिए कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। बरसात के दिनों में रास्ते की स्थिति और भी कठिन हो जाती थी। अब सड़क बनने के बाद आवागमन सुगम हुआ है और गांव तक लोगों की पहुंच भी आसान हुई है।
वे कहते हैं कि सड़क बनने के बाद ऐसा महसूस होता है कि हमारा गांव भी शहर से अच्छी तरह जुड़ गया है। अब जरूरी सामान लेने, शासकीय काम से शहर जाने या किसी रिश्तेदार के आने-जाने में पहले जैसी परेशानी नहीं होती। उनके अनुसार अच्छी सड़क केवल रास्ता नहीं बनाती, बल्कि गांव के विकास के लिए नए रास्ते भी खोलती है।
फसल खेत में उगाने से लेकर मंडी तक पहुंचाने का सफर हुआ आसान
किसान श्री रामलखन मौर्य के लिए सड़क का महत्व सीधे उनकी खेती और आमदनी से जुड़ा है। वे बताते हैं कि किसान के लिए फसल तैयार करना जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही जरूरी है कि उसे सही समय पर बाजार और मंडी तक पहुंचाया जा सके। सड़क की बेहतर सुविधा मिलने से कृषि उपज के परिवहन में आसानी हुई है।
पहले रास्ते की स्थिति को लेकर चिंता रहती थी और फसल को बाजार तक ले जाने में समय और अतिरिक्त मेहनत लगती थी। अब बेहतर सड़क के कारण वाहन आसानी से गांव तक पहुंचते हैं और किसान अपनी उपज को सुविधाजनक तरीके से मंडी तक ले जा पा रहे हैं। श्री रामलखन कहते हैं कि सड़क ने खेती के काम को थोड़ा आसान किया है और किसान अब अपनी उपज को लेकर पहले की तुलना में अधिक सहज महसूस करते हैं।
जरूरत की घड़ी में अस्पताल तक पहुंचना हुआ आसान
सड़क का सबसे बड़ा महत्व उन परिवारों के लिए है, जिन्हें कभी अचानक इलाज के लिए गांव से बाहर जाना पड़ता है। ग्रामीण बताते हैं कि पहले किसी मरीज को उपचार के लिए शहर ले जाना चिंता का विषय बन जाता था। रास्ते की कठिनाई और आवागमन में लगने वाला समय परेशानी बढ़ा देता था।
अब बेहतर सड़क संपर्क के कारण मुरैना और आसपास के स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचना आसान हुआ है। आपात स्थिति में मरीज को समय पर अस्पताल ले जाने में सुविधा मिल रही है। ग्रामीणों के लिए यह बदलाव केवल सुविधा नहीं, बल्कि जरूरत के समय मिलने वाली राहत है।
बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा के काम भी हुए आसान
सड़क निर्माण का असर गांव के बच्चों और युवाओं की दिनचर्या पर भी दिखाई देता है। बेहतर आवागमन से स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंच आसान हुई है। इसी तरह रोजगार, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए आने-जाने वाले ग्रामीणों को भी सुविधा मिली है।
श्री अभय यादव, श्री विवेक यादव एवं श्रीमती मुन्नी शर्मा का कहना है कि सड़क बनने के बाद गांव का संपर्क बेहतर हुआ है। अब गांव में आने-जाने वाले लोगों को भी सुविधा होती है और ग्रामीणों को आवश्यक कार्यों के लिए बाहर जाने में कम परेशानी होती है। उनके अनुसार सड़क ने गांव को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सड़क के साथ गांव तक पहुंचे विकास के नए अवसर
माता बसैया के ग्रामीणों के अनुभव बताते हैं कि किसी गांव में सड़क पहुंचने का अर्थ केवल दो स्थानों के बीच दूरी कम होना नहीं है। सड़क के साथ बाजार तक पहुंच आसान होती है, कृषि उपज को बेहतर तरीके से बाहर ले जाने का रास्ता मिलता है, बच्चों के लिए शिक्षा तक पहुंच सुगम होती है और जरूरत के समय स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होती है।
मुरैना-अंबाह मार्ग से माता बसैया तक निर्मित 7.29 किलोमीटर लंबी सड़क आज ग्रामीणों के लिए सुविधा और विकास का माध्यम बन चुकी है। कभी जिन रास्तों पर सफर करना एक चुनौती हुआ करता था, वहीं आज उसी रास्ते से किसान अपनी उपज लेकर मंडी जा रहे हैं, ग्रामीण उपचार के लिए शहर पहुंच रहे हैं और बच्चे शिक्षा के लिए आगे बढ़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की डबल इंजन की सरकार में निर्मित यह सड़क ग्रामीण क्षेत्र में आवागमन को सुगम बनाने के साथ विकास की संभावनाओं को भी गति दे रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ने के प्रयासों के क्रम में माता बसैया तक पहुंची यह सड़क ग्रामीणों के लिए सुविधा, अवसर और आत्मविश्वास का नया मार्ग बनी है।
माता बसैया की बदलती तस्वीर इस बात की गवाही दे रही है कि विकास का कोई काम जब लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ता है, तो उसका असर दूर तक दिखाई देता है। खेत से मंडी तक आसान हुआ रास्ता, मरीज के लिए अस्पताल तक पहुंचती सड़क और बच्चों के लिए खुलते नए अवसर—यही इस सड़क से आए बदलाव की असली कहानी है।
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