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PRO JS MORENA

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सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर ने पल्स पोलियो अभियान का किया शुभारंभ

मुरैना-श्योपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर ने रविवार को जिला चिकित्सालय मुरैना पहुंचकर नवजात एवं पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियोरोधी दवा की दो बूंद पिलाकर पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया।

सांसद श्री तोमर ने गोलू, मोलू और लाली को पोलियोरोधी दवा पिलाते हुए अभिभावकों से अपने सभी बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों को समय पर पोलियोरोधी दवा पिलाकर ही उन्हें इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सकता है तथा पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को साकार किया जा सकता है।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.पी. श्रीवास्तव सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर ने पल्स पोलियो अभियान का किया शुभारंभ

मुरैना-श्योपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर ने रविवार को जिला चिकित्सालय मुरैना पहुंचकर नवजात एवं पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियोरोधी दवा की दो बूंद पिलाकर पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया।

सांसद श्री तोमर ने गोलू, मोलू और लाली को पोलियोरोधी दवा पिलाते हुए अभिभावकों से अपने सभी बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों को समय पर पोलियोरोधी दवा पिलाकर ही उन्हें इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सकता है तथा पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को साकार किया जा सकता है।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.पी. श्रीवास्तव सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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ज्ञान भारतम मिशन के अंतर्गत मुरैना जिले से अब तक 650 से अधिक पांडुलिपियां हुई पंजीकृत

आज 65 पांडुलिपियां की गई पंजीकृत 

भारत सरकार द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा एवं सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण, संवर्धन अभिलेखीकरण, डिजिटलीकरण के उद्देश्य से संचालित ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत आज मुरैना के श्री अभिषेक जैन, आलोक पेंटिंग, प्रेस के निजी संग्रह से 65 हस्तलिखित पांडुलिपियों का सफलतापूर्वक पंजीयन किया गया। यह उपलब्धि जिले की समृद्ध सांस्कृतिक एवं बौद्धिक विरासत के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। संस्कृत, प्राकृत, उर्दू एवं हिंदी भाषाओं में लिखित ये पांडुलिपियां 15वीं से 20वीं शताब्दी ईस्वी के मध्य की हैं। इन पांडुलिपियों के साथ कई प्राचीन नक्शे मानचित्र, यंत्र -मंत्र एवं  देवताओं के चित्र भी देखे गए, जो भारतीय धार्मिक, दार्शनिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के अध्ययन की दृष्टि से अत्यंत महत्पूर्ण मानी जाती हैं। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव के मार्गदर्शन में पुरातत्वविद भोपाल डॉ. नवनीत कुमार जैन द्वारा पांडुलिपियों के पंजीयन, परीक्षण एवं दस्तावेजीकरण का कार्य किया गया।    
 ये हस्तलिखित पांडुलिपियां भारतीय एवं जैन ज्ञान परंपरा, धार्मिक इतिहास, लेखन कला, सांस्कृतिक विकास की महत्वपूर्ण साक्षी हैं। इनमें निहित सामग्री तत्कालीन समाज, धर्म, दर्शन, साहित्य एवं ज्ञान-विज्ञान की अमूल्य जानकारी प्रदान करती है। इनका संरक्षण न केवल हमारी सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करता है बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए ज्ञान के महत्वपूर्ण स्रोत को सुरक्षित रखने का कार्य भी करता है। ज्ञान भारतम् मिशन के माध्यम से इन पांडुलिपियों के डिजिटल अभिलेखीकरण से देश की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित कर व्यापक स्तर पर शोध एवं अध्ययन के लिए उपलब्ध कराया जा सकेगा। यह पहल भारत की समृद्ध ज्ञान-संपदा को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
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अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध एवं अवैध तस्करी निवारण दिवस पर जिला जेल एवं सबजेलों में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित

मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला न्यायाधीश श्रीमती संगीता मदान के मार्गदर्शन में अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध एवं अवैध तस्करी निवारण दिवस के अवसर पर जिला जेल मुरैना, सबजेल अम्बाह, जौरा, सबलगढ़ तथा बाल सम्प्रेक्षण गृह मुरैना में नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया।

शिविरों में जिला जेल एवं विभिन्न सबजेलों के बंदियों तथा बाल सम्प्रेक्षण गृह के अपचारी बालकों को नशे के दुष्प्रभावों एवं उससे उत्पन्न होने वाली सामाजिक, आर्थिक और कानूनी समस्याओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि नशे की लत व्यक्ति के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करती है। इसके साथ ही यह अपराध, हिंसा, पारिवारिक विघटन तथा सामाजिक असंतुलन जैसी अनेक समस्याओं को भी जन्म देती है। नशे की प्रवृत्ति न केवल व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करती है, बल्कि उसके परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों पर भी गहरा नकारात्मक प्रभाव छोड़ती है।

शिविर के दौरान उपस्थित बंदियों एवं अपचारी बालकों को मादक पदार्थों से दूर रहने, स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने तथा अपने परिवार एवं समाज के अन्य लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण तभी संभव है, जब प्रत्येक नागरिक स्वयं नशे से दूर रहने का संकल्प लेकर दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने में सक्रिय भूमिका निभाए।

इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मुरैना के सचिव, जिला जेल अधीक्षक, संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी, बंदी तथा बाल सम्प्रेक्षण गृह के अपचारी बालक उपस्थित रहे।
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जब बारिश ने छीन ली मेहनत की फसल, तब प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना बनी किसान सोनेराम का संबल

किसान की सबसे बड़ी पूंजी उसकी फसल होती है। पूरे वर्ष की मेहनत, उम्मीदें और परिवार का भविष्य उसी से जुड़ा होता है। लेकिन जब प्रकृति का प्रकोप मेहनत पर भारी पड़ जाए, तब किसान के सामने सबसे बड़ा संकट खड़ा हो जाता है। मुरैना जिले के किसान श्री सोनेराम धाकड़ के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ।

वर्ष 2025-26 में हुई अत्यधिक वर्षा और खेतों में जलभराव ने उनकी बाजरे की पूरी फसल नष्ट कर दी। देखते ही देखते महीनों की मेहनत पानी में बह गई। आर्थिक नुकसान इतना बड़ा था कि अगली फसल की तैयारी भी मुश्किल लगने लगी। ऐसे कठिन समय में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ने उनके जीवन में उम्मीद की नई किरण जगाई।

श्री सोनेराम ने समय रहते अपनी फसल का बीमा कराया था। फसल खराब होने के बाद उन्हें योजना के अंतर्गत 91 हजार रुपये की दावा राशि प्राप्त हुई। यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं थी, बल्कि टूटते हुए आत्मविश्वास को संभालने वाला सहारा भी बनी। इस मदद से उन्होंने खेती के कार्य दोबारा शुरू किए और नए उत्साह के साथ अगली फसल की तैयारी में जुट गए।

भावुक होते हुए श्री सोनेराम कहते हैं, "यदि मैंने फसल बीमा नहीं कराया होता, तो इस नुकसान से उबरना बेहद कठिन होता। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ने संकट की घड़ी में मेरा साथ दिया। मैं सभी किसान भाइयों-बहनों से आग्रह करता हूं कि समय पर अपनी फसल का बीमा अवश्य कराएं। यह प्राकृतिक आपदा के समय सबसे बड़ा सुरक्षा कवच बनता है।"

प्राकृतिक आपदाओं पर किसी का नियंत्रण नहीं होता, लेकिन उनसे होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए समय पर फसल बीमा कराना हर किसान के लिए एक समझदारी भरा कदम है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को कठिन परिस्थितियों में आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर खेती को निरंतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

फसल बीमा कराएं, अपनी मेहनत और भविष्य को सुरक्षित बनाएं।

अधिक जानकारी के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं अथवा हेल्पलाइन नंबर 14447 पर संपर्क करें। किसान 7065514447 व्हाट्सएप चैटबॉट के माध्यम से भी योजना एवं कृषि संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा क्रॉप इंश्योरेंस ऐप के माध्यम से भी आसानी से फसल बीमा कराया जा सकता है।
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अंतर्राष्ट्रीय नशा निवारण दिवस पर नशामुक्ति संगोष्ठी आयोजित

महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों ने लिया नशामुक्त समाज निर्माण का सामूहिक संकल्प

अंतर्राष्ट्रीय नशा निवारण दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद (योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, म.प्र. शासन) की सहयोगी नवांकुर संस्था मुरैना यूथ अकादमी द्वारा ग्राम पंचायत अजनोधा में एक दिवसीय वृहद नशामुक्ति अभियान एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम मुरैना विकासखंड समन्वयक श्री अनिल मोदी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में नवांकुर संस्था के प्रतिनिधि श्री संदीप सेंगर, अजनोधा ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र राजौरिया, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती भूरी शर्मा, आशा कार्यकर्ता श्रीमती सीमा राजौरिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए श्री संदीप सेंगर ने कहा कि नशे की प्रवृत्ति अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से फैल रही है, जो समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालने के साथ-साथ परिवार की खुशहाली, सामाजिक समरसता और आर्थिक स्थिति को भी प्रभावित करती है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ, आत्मनिर्भर और सशक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

अजनोधा ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के अध्यक्ष श्री वी।रेंद्र राजौरिया ने कहा कि किसी भी गांव के समग्र विकास की आधारशिला स्वस्थ और जागरूक युवा शक्ति होती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समिति भविष्य में भी मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के सहयोग से जनजागरूकता एवं सामाजिक उत्थान से जुड़े ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करती रहेगी।

कार्यक्रम की विशेष आकर्षण महिलाओं, बुजुर्गों एवं स्कूली बच्चों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। स्थानीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भी अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लेते हुए अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी ग्रामीणों को नशामुक्ति की सामूहिक शपथ दिलाई गई। सभी ने संकल्प लिया कि वे स्वयं तंबाकू, शराब, सिगरेट एवं अन्य किसी भी प्रकार के मादक पदार्थों का सेवन नहीं करेंगे तथा यदि उनके परिवार या आसपास का कोई व्यक्ति नशे की लत से ग्रसित होगा, तो उसे समझाइश देकर तथा चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने में सहयोग करेंगे। साथ ही सभी प्रतिभागियों ने ग्राम अजनोधा को पूर्णतः व्यसनमुक्त एवं आदर्श ग्राम बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
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अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध एवं अवैध तस्करी निवारण दिवस पर जिला जेल एवं सबजेलों में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित

मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला न्यायाधीश श्रीमती संगीता मदान के मार्गदर्शन में अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध एवं अवैध तस्करी निवारण दिवस के अवसर पर जिला जेल मुरैना, सबजेल अम्बाह, जौरा, सबलगढ़ तथा बाल सम्प्रेक्षण गृह मुरैना में नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया।

शिविरों में जिला जेल एवं विभिन्न सबजेलों के बंदियों तथा बाल सम्प्रेक्षण गृह के अपचारी बालकों को नशे के दुष्प्रभावों एवं उससे उत्पन्न होने वाली सामाजिक, आर्थिक और कानूनी समस्याओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि नशे की लत व्यक्ति के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करती है। इसके साथ ही यह अपराध, हिंसा, पारिवारिक विघटन तथा सामाजिक असंतुलन जैसी अनेक समस्याओं को भी जन्म देती है। नशे की प्रवृत्ति न केवल व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करती है, बल्कि उसके परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों पर भी गहरा नकारात्मक प्रभाव छोड़ती है।

शिविर के दौरान उपस्थित बंदियों एवं अपचारी बालकों को मादक पदार्थों से दूर रहने, स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने तथा अपने परिवार एवं समाज के अन्य लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण तभी संभव है, जब प्रत्येक नागरिक स्वयं नशे से दूर रहने का संकल्प लेकर दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने में सक्रिय भूमिका निभाए।

इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मुरैना के सचिव, जिला जेल अधीक्षक, संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी, बंदी तथा बाल सम्प्रेक्षण गृह के अपचारी बालक उपस्थित रहे।
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सिविल अस्पताल जौरा में ब्लड स्टोरेज यूनिट का शुभारंभ

आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अब स्थानीय स्तर पर मिलेगी रक्त उपलब्धता की सुविधा

जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं जनसुलभ बनाने की दिशा में सिविल अस्पताल जौरा में ब्लड स्टोरेज यूनिट का शुभारंभ किया गया। यह महत्वपूर्ण सुविधा कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देशन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पद्मेश उपाध्याय के मार्गदर्शन तथा मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुभा माहेश्वरी के विशेष प्रयासों से प्रारंभ की गई है।

ब्लड स्टोरेज यूनिट के संचालन से अब जौरा एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे गंभीर रूप से बीमार मरीजों, गर्भवती महिलाओं, दुर्घटना पीड़ितों तथा अन्य आपातकालीन मामलों में रक्त की उपलब्धता के लिए जिला अस्पताल अथवा अन्य बड़े स्वास्थ्य संस्थानों पर निर्भरता कम होगी। यह सुविधा क्षेत्रवासियों को स्थानीय स्तर पर ही त्वरित, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

ब्लड स्टोरेज यूनिट के शुभारंभ अवसर पर मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुभा माहेश्वरी ने कहा कि यह सुविधा क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर रक्त उपलब्ध होना कई बार मरीज के जीवन की रक्षा के लिए निर्णायक सिद्ध होता है। इस यूनिट के माध्यम से निर्धारित मानकों के अनुरूप रक्त का सुरक्षित भंडारण किया जाएगा तथा चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार मरीजों को समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस सुविधा के प्रारंभ होने से जौरा क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा तथा आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था और अधिक प्रभावी बन सकेगी।

इस अवसर पर चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.बी. शर्मा, डॉ. कुशवेंद्र सिंह सिकरवार, डॉ. अमित चौधरी, लैब तकनीशियन श्री अनिल जाटव सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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पीएनजी गैस अपनाएं, सुरक्षित, सुविधाजनक एवं किफायती ईंधन का लाभ उठाएं

शहर के कई क्षेत्रों में उपलब्ध है पाइप्ड नेचुरल गैस की सुविधा, नागरिकों से अधिकाधिक उपयोग की अपील

शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। जिन क्षेत्रों में पीएनजी नेटवर्क स्थापित हो चुका है, वहां के नागरिकों से एलपीजी सिलेंडर के स्थान पर पीएनजी गैस अपनाने की अपील की गई है, ताकि वे सुरक्षित, निर्बाध, किफायती एवं पर्यावरण-अनुकूल गैस आपूर्ति का लाभ प्राप्त कर सकें।

पीएनजी गैस के माध्यम से उपभोक्ताओं को सप्ताह के सातों दिन, 24 घंटे निर्बाध गैस आपूर्ति उपलब्ध रहती है। इससे एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग, रिफिल और समय पर सिलेंडर उपलब्ध होने की चिंता पूरी तरह समाप्त हो जाती है। प्राकृतिक गैस हवा से हल्की होने के कारण किसी भी संभावित रिसाव की स्थिति में तेजी से वातावरण में फैल जाती है, जिससे दुर्घटना की आशंका अपेक्षाकृत कम रहती है और यह घरेलू उपयोग के लिए अधिक सुरक्षित विकल्प माना जाता है।

पीएनजी सुविधा उपयोग आधारित बिलिंग प्रणाली पर आधारित है, जिससे उपभोक्ता केवल अपनी वास्तविक खपत के अनुसार ही भुगतान करते हैं। घर में एलपीजी सिलेंडर रखने की आवश्यकता नहीं होने से स्थान की बचत होती है तथा रसोई भी अधिक व्यवस्थित रहती है। इसके साथ ही स्वच्छ ईंधन होने के कारण पीएनजी पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है। उपभोक्ताओं को प्रत्येक दो माह में बिल जारी किया जाता है, जिससे भुगतान प्रक्रिया सरल एवं पारदर्शी बनी रहती है।

नए पीएनजी कनेक्शन के लिए उपभोक्ता ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त बिल भुगतान, बिल डाउनलोड, आवेदन की स्थिति तथा अन्य सेवाओं का लाभ भी ऑनलाइन प्राप्त किया जा सकता है। अधिक जानकारी एवं पंजीकरण के लिए उपभोक्ता इंडियन ऑयल सीजीडी के पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं। साथ ही अपने निकटतम लोकल ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस (ओ एंड एम) कार्यालय से भी संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

वर्तमान में शहर की सिंधी कॉलोनी, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, मयूरवन वार्ड-46 (न्यू हाउसिंग बोर्ड), कंसाना गली, जीवाजी गंज, संजय कॉलोनी, गायत्री कॉलोनी तथा आमपुरा क्षेत्रों में पीएनजी की सुविधा उपलब्ध है। इन क्षेत्रों के नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे एलपीजी सिलेंडर की झंझट से मुक्ति पाकर पीएनजी कनेक्शन प्राप्त करें और सुरक्षित, विश्वसनीय, सुविधाजनक एवं आधुनिक गैस सेवा का लाभ उठाएं।

अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1800-180-7788 अथवा श्री पुष्पेन्द्र यादव के मोबाइल नंबर 8989468286 पर संपर्क किया जा सकता है।
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3.4 लाख से अधिक बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य

28 जून से शुरू होगा तीन दिवसीय राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान

राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ के मार्गदर्शन में मुरैना जिले में 28 जून को जन्म से पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। तीन दिवसीय इस अभियान के पहले दिन 28 जून को निर्धारित पोलियो बूथों पर बच्चों को दवा पिलाई जाएगी, जबकि 29 एवं 30 जून को छूटे हुए बच्चों तक पहुंचने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर पोलियो की खुराक पिलाएंगी। अभियान का उद्देश्य जिले के प्रत्येक पात्र बच्चे तक पहुंचकर शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करना है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पदमेश उपाध्याय ने बताया कि अभियान के तहत जिले में तीन लाख चार हजार बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान के सफल संचालन एवं जन-जागरूकता के लिए जिला एवं विकासखंड स्तर पर आशा कार्यकर्ताओं तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है।

जिला टीकाकरण अधिकारी ने बताया कि अभियान के लिए जिले में कुल 2,377 टीमें गठित की गई हैं, जो विभिन्न पोलियो बूथों पर बच्चों को दवा पिलाने का कार्य करेंगी। अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए 299 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 170 मोबाइल ट्रांजिट टीमें रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, ईंट-भट्टों तथा घूमंतू परिवारों के बच्चों तक पहुंचकर उन्हें पोलियो की खुराक उपलब्ध कराएंगी। अभियान के संचालन में कुल 5,038 अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी सेवाएं देंगे। साथ ही जिले के 2 लाख 75 हजार 750 घरों तक पहुंचकर प्रत्येक पात्र बच्चे को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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सिविल अस्पताल जौरा में ब्लड स्टोरेज यूनिट का शुभारंभ

आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अब स्थानीय स्तर पर मिलेगी रक्त उपलब्धता की सुविधा

जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं जनसुलभ बनाने की दिशा में सिविल अस्पताल जौरा में ब्लड स्टोरेज यूनिट का शुभारंभ किया गया। यह महत्वपूर्ण सुविधा कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देशन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पद्मेश उपाध्याय के मार्गदर्शन तथा मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुभा माहेश्वरी के विशेष प्रयासों से प्रारंभ की गई है।

ब्लड स्टोरेज यूनिट के संचालन से अब जौरा एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे गंभीर रूप से बीमार मरीजों, गर्भवती महिलाओं, दुर्घटना पीड़ितों तथा अन्य आपातकालीन मामलों में रक्त की उपलब्धता के लिए जिला अस्पताल अथवा अन्य बड़े स्वास्थ्य संस्थानों पर निर्भरता कम होगी। यह सुविधा क्षेत्रवासियों को स्थानीय स्तर पर ही त्वरित, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

ब्लड स्टोरेज यूनिट के शुभारंभ अवसर पर मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुभा माहेश्वरी ने कहा कि यह सुविधा क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर रक्त उपलब्ध होना कई बार मरीज के जीवन की रक्षा के लिए निर्णायक सिद्ध होता है। इस यूनिट के माध्यम से निर्धारित मानकों के अनुरूप रक्त का सुरक्षित भंडारण किया जाएगा तथा चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार मरीजों को समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस सुविधा के प्रारंभ होने से जौरा क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा तथा आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था और अधिक प्रभावी बन सकेगी।

इस अवसर पर चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.बी. शर्मा, डॉ. कुशवेंद्र सिंह सिकरवार, डॉ. अमित चौधरी, लैब तकनीशियन श्री अनिल जाटव सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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बुजुर्गों और असहाय लोगों का सम्मान करना हमारी संस्कृति और धर्म का हिस्सा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों के खातों में सिंगल क्लिक से 203 करोड़ 56 लाख रुपये किए अंतरित

मुरैना में एनआईसी कक्ष से अधिकारी एवं हितग्राही मुख्यमंत्री के वर्चुअल कार्यक्रम से जुड़े

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि परिवार में बड़े-बुजुर्गों का सान्निध्य और आशीर्वाद तपती धूप में शीतल छांव के समान होता है। भारतीय संस्कृति में बुजुर्गों, असहायों तथा समाज के कमजोर और वंचित वर्गों का सम्मान करना केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि हमारा धर्म माना गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रत्येक नागरिक के सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक संबल के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का कोई भी निर्धन परिवार, माताएं-बहनें तथा दिव्यांगजन स्वयं को असहाय या उपेक्षित महसूस न करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को मंत्रालय में आयोजित सामाजिक सुरक्षा पेंशन वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में अंत्योदय के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य हो रहा है। इसी भावना के अनुरूप राज्य सरकार भी गरीबों, वंचितों एवं कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए विभिन्न जनहितकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रही है। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों के हितग्राही वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेश के सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों के खातों में मई माह की 203 करोड़ 56 लाख रुपये की पेंशन राशि अंतरित की। इस अवसर पर दिव्यांगजनों में आपदा संबंधी जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आग, हीटवेव (लू) तथा आकाशीय बिजली से बचाव संबंधी जानकारी पर आधारित ब्रेल लिपि में प्रकाशित पुस्तक का भी लोकार्पण किया गया।

मुरैना जिला मुख्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्रतिज्ञा शर्मा सहित सामाजिक सुरक्षा पेंशन के हितग्राही उपस्थित रहे तथा मुख्यमंत्री के संबोधन का वर्चुअल प्रसारण देखा एवं सुना।
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पीएनजी गैस अपनाएं, सुरक्षित, सुविधाजनक एवं किफायती ईंधन का लाभ उठाएं

शहर के कई क्षेत्रों में उपलब्ध है पाइप्ड नेचुरल गैस की सुविधा, नागरिकों से अधिकाधिक उपयोग की अपील

शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। जिन क्षेत्रों में पीएनजी नेटवर्क स्थापित हो चुका है, वहां के नागरिकों से एलपीजी सिलेंडर के स्थान पर पीएनजी गैस अपनाने की अपील की गई है, ताकि वे सुरक्षित, निर्बाध, किफायती एवं पर्यावरण-अनुकूल गैस आपूर्ति का लाभ प्राप्त कर सकें।

पीएनजी गैस के माध्यम से उपभोक्ताओं को सप्ताह के सातों दिन, 24 घंटे निर्बाध गैस आपूर्ति उपलब्ध रहती है। इससे एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग, रिफिल और समय पर सिलेंडर उपलब्ध होने की चिंता पूरी तरह समाप्त हो जाती है। प्राकृतिक गैस हवा से हल्की होने के कारण किसी भी संभावित रिसाव की स्थिति में तेजी से वातावरण में फैल जाती है, जिससे दुर्घटना की आशंका अपेक्षाकृत कम रहती है और यह घरेलू उपयोग के लिए अधिक सुरक्षित विकल्प माना जाता है।

पीएनजी सुविधा उपयोग आधारित बिलिंग प्रणाली पर आधारित है, जिससे उपभोक्ता केवल अपनी वास्तविक खपत के अनुसार ही भुगतान करते हैं। घर में एलपीजी सिलेंडर रखने की आवश्यकता नहीं होने से स्थान की बचत होती है तथा रसोई भी अधिक व्यवस्थित रहती है। इसके साथ ही स्वच्छ ईंधन होने के कारण पीएनजी पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है। उपभोक्ताओं को प्रत्येक दो माह में बिल जारी किया जाता है, जिससे भुगतान प्रक्रिया सरल एवं पारदर्शी बनी रहती है।

नए पीएनजी कनेक्शन के लिए उपभोक्ता ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त बिल भुगतान, बिल डाउनलोड, आवेदन की स्थिति तथा अन्य सेवाओं का लाभ भी ऑनलाइन प्राप्त किया जा सकता है। अधिक जानकारी एवं पंजीकरण के लिए उपभोक्ता इंडियन ऑयल सीजीडी के पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं। साथ ही अपने निकटतम लोकल ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस (ओ एंड एम) कार्यालय से भी संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

वर्तमान में शहर की सिंधी कॉलोनी, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, मयूरवन वार्ड-46 (न्यू हाउसिंग बोर्ड), कंसाना गली, जीवाजी गंज, संजय कॉलोनी, गायत्री कॉलोनी तथा आमपुरा क्षेत्रों में पीएनजी की सुविधा उपलब्ध है। इन क्षेत्रों के नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे एलपीजी सिलेंडर की झंझट से मुक्ति पाकर पीएनजी कनेक्शन प्राप्त करें और सुरक्षित, विश्वसनीय, सुविधाजनक एवं आधुनिक गैस सेवा का लाभ उठाएं।

अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1800-180-7788 अथवा श्री पुष्पेन्द्र यादव के मोबाइल नंबर 8989468286 पर संपर्क किया जा सकता है।
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महाविद्यालय मुरैना में नशामुक्त भारत सप्ताह का आयोजन

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार “नशामुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत 17 जून से 26 जून 2026 तक प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय महाविद्यालय मुरैना में “नशामुक्त भारत सप्ताह” का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था। सप्ताहभर आयोजित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे से होने वाली शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक हानियों की विस्तार से जानकारी दी गई तथा नशे से दूर रहकर सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उनके स्वस्थ, जागरूक एवं जिम्मेदार होने पर ही विकसित भारत का सपना साकार हो सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने परिवार, मित्रों एवं समाज में भी नशामुक्ति के प्रति जनजागरूकता फैलाने का आह्वान किया।

नशामुक्त भारत सप्ताह के दौरान महाविद्यालय में जागरूकता व्याख्यान, नशामुक्ति शपथ, पोस्टर निर्माण, निबंध लेखन तथा विभिन्न जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए नशामुक्त भारत के संकल्प को दोहराया और समाज को नशे की बुराइयों से मुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के समापन पर महाविद्यालय परिवार ने नशामुक्त भारत अभियान को जन-जन तक पहुंचाने तथा स्वस्थ, सुरक्षित एवं जागरूक समाज के निर्माण के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का संकल्प व्यक्त किया।
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सिविल अस्पताल जौरा में ब्लड स्टोरेज यूनिट का शुभारंभ

आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अब स्थानीय स्तर पर मिलेगी रक्त उपलब्धता की सुविधा

जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं जनसुलभ बनाने की दिशा में सिविल अस्पताल जौरा में ब्लड स्टोरेज यूनिट का शुभारंभ किया गया। यह महत्वपूर्ण सुविधा कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देशन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पद्मेश उपाध्याय के मार्गदर्शन तथा मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुभा माहेश्वरी के विशेष प्रयासों से प्रारंभ की गई है।

ब्लड स्टोरेज यूनिट के संचालन से अब जौरा एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे गंभीर रूप से बीमार मरीजों, गर्भवती महिलाओं, दुर्घटना पीड़ितों तथा अन्य आपातकालीन मामलों में रक्त की उपलब्धता के लिए जिला अस्पताल अथवा अन्य बड़े स्वास्थ्य संस्थानों पर निर्भरता कम होगी। यह सुविधा क्षेत्रवासियों को स्थानीय स्तर पर ही त्वरित, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

ब्लड स्टोरेज यूनिट के शुभारंभ अवसर पर मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुभा माहेश्वरी ने कहा कि यह सुविधा क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर रक्त उपलब्ध होना कई बार मरीज के जीवन की रक्षा के लिए निर्णायक सिद्ध होता है। इस यूनिट के माध्यम से निर्धारित मानकों के अनुरूप रक्त का सुरक्षित भंडारण किया जाएगा तथा चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार मरीजों को समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस सुविधा के प्रारंभ होने से जौरा क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा तथा आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था और अधिक प्रभावी बन सकेगी।

इस अवसर पर चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.बी. शर्मा, डॉ. कुशवेंद्र सिंह सिकरवार, डॉ. अमित चौधरी, लैब तकनीशियन श्री अनिल जाटव सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना बनी रामवती आदिवासी के सपनों का सहारा, कच्चे आशियाने से मिला सुरक्षित और सम्मानजनक घर

जनपद पंचायत पहाड़गढ़ की ग्राम पंचायत मानपुर निवासी रामवती आदिवासी के जीवन में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना ने खुशियों की नई किरण लेकर आई है। वर्षों तक अभाव और असुरक्षा के बीच जीवन बिताने वाली रामवती आज अपने पक्के घर में परिवार के साथ सुरक्षित, सम्मानपूर्ण और आत्मविश्वास से भरा जीवन जी रही हैं।

एक समय था जब रामवती का परिवार कच्चे और जर्जर मकान में रहने को मजबूर था। लकड़ी, टहनियों और घास-फूस से बनी छत हर मौसम में उनकी परेशानियों का कारण बन जाती थी। बरसात में छत से पानी टपकता था, जिससे घर के भीतर रहना भी मुश्किल हो जाता था। तेज गर्मी और कड़ाके की सर्दी में परिवार को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। बच्चों की सुरक्षा और परिवार के भविष्य को लेकर चिंता हमेशा बनी रहती थी।

ऐसे समय में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना उनके लिए उम्मीद की नई किरण बनकर आई। योजना के अंतर्गत उन्हें पक्का आवास स्वीकृत हुआ और शीघ्र ही उनका सपना साकार हो गया। आज रामवती का परिवार मजबूत छत, सुरक्षित दीवारों और बेहतर आवासीय सुविधाओं से युक्त घर में निवास कर रहा है। इस परिवर्तन ने न केवल उनके रहन-सहन को बेहतर बनाया है, बल्कि उनके जीवन में आत्मसम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व का भाव भी पैदा किया है।

रामवती भावुक होकर बताती हैं, “पहले हर बारिश हमारे लिए चिंता लेकर आती थी। रातभर यह डर बना रहता था कि कहीं मकान ढह न जाए। अब पक्का घर मिलने के बाद मन में सुरक्षा का विश्वास है। बच्चों के लिए बेहतर वातावरण मिला है और परिवार का जीवन पहले से कहीं अधिक सुखद हो गया है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी  एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को धन्यवाद व्यक्त करती हूँ।"

रामवती की यह कहानी दर्शाती है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं केवल सुविधाएं उपलब्ध नहीं करातीं, बल्कि लोगों के जीवन में आशा, आत्मविश्वास और सम्मान का संचार भी करती हैं। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना विशेष रूप से वंचित एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभरी है, जो उन्हें सुरक्षित आवास के साथ बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर कर रही है।
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100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत सिविल अस्पताल जौरा में एनसीसी कैडेट बनाए गए स्वयंसेवक

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थय अधिकारी डॉ. पदमेश उपाध्याय के निर्देशानुसार तथा जिला क्षय अधिकारी डॉ. नरेंद्र उपाध्याय एवं प्रभारी सीबीएमओ जौरा डॉ. अनुभा माहेश्वरी के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के अंतर्गत संचालित टीबी मुक्त भारत अभियान की 100 दिवसीय कार्ययोजना के तहत सिविल अस्पताल जौरा में विशेष गतिविधि आयोजित की गई।
 कार्यक्रम के दौरान टीबी यूनिट जौरा के वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक रणबीर गोयल द्वारा एनसीसी कैडेट्स को टीबी मुक्त भारत अभियान से जोड़ते हुए स्वयंसेवक के रूप में प्रशिक्षित किया गया। साथ ही उनके मोबाइल फोन में ‘टीबी मुक्त भारत’ ऐप इंस्टॉल कराकर उसके उपयोग एवं अभियान में सहभागिता के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को टीबी उन्मूलन अभियान से जोड़कर जनजागरूकता बढ़ाना तथा क्षय रोग की शीघ्र पहचान, उपचार एवं रोकथाम के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाना है। इस अवसर पर आरएमओ डॉ. आर.बी. शर्मा, बीईई भूपेंद्र सिंह धाकड़, एमपीएस वीरेश अवस्थी, आईसीटीसी काउंसलर संदीप सेंगर सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। 
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World Health Organization (WHO) के सहयोग से जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित

सघन नियमित टीकाकरण, वीपीडी सर्विलांस एवं राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की तैयारियों की हुई समीक्षा 

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थय अधिकारी डॉ. पदमेश उपाध्याय के मार्गदर्शन में बुधवार को डब्ल्यूएचओ के सहयोग से जिला स्तरीय सघन नियमित टीकाकरण माइक्रोप्लान समीक्षा, वैक्सीन प्रिवेंटेबल डिजीज (वीपीडी) सर्विलांस एवं राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान जून-2026 के सफल क्रियान्वयन हेतु जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।  
 कार्यशाला में विश्व स्वास्थय संगठन (डब्ल्यूएचओ) के आरआरटी अधिकारी डॉ. वरुण धवन ने सभी विकासखंडों को नियमित टीकाकरण माइक्रोप्लान एवं हेड काउंट सर्वे निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन ग्रामों एवं वार्डों में आशा कार्यकर्ता उपलब्ध नहीं हैं, वहां महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सहयोग लिया जाए। डॉ. धवन ने राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की सफलता के लिए सभी विकासखंडों में प्रशिक्षण कार्य शीघ्र पूर्ण करने तथा ब्लॉक स्तर पर जिला टास्क फोर्स (डीटीएफ) की बैठकों के माध्यम से अभियान को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने वीपीडी सर्विलांस, एएफपी (एक्यूट फ्लैसिड पैरालिसिस), खसरा (मीजल्स) सहित अन्य रोगों की निगरानी संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी प्रदान की।
 कार्यशाला में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थय अधिकारी डॉ. पदमेश उपाध्याय, जिला स्वास्थय अधिकारी डॉ. एस.के. कारखुर, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. अजय गोयल, डब्ल्यूएचओ के आरआरटी अधिकारी डॉ. वरुण धवन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) श्री एस.पी. श्रीवास्तव, एपीएम श्री अशोक भगोरिया सहित सभी विकासखंडों के बीएमओ, बीपीएम, डीसीएम, एमएंडई, डीक्यूएम, डब्ल्यूएचओ मॉनिटर, इम्यूनाइजेशन फील्ड मॉनिटर तथा स्वास्थय विभाग एवं स्वयंसेवी संस्थाओं (एनजीओ) के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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सिविल हॉस्पिटल जौरा द्वारा पल्स पोलियो अभियान हेतु एनसीसी कैडेट्स को दिया गया प्रशिक्षण

पल्स पोलियो अभियान में एनसीसी कैडेट्स निभाएंगे अहम भूमिका

राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान-2026 को शत-प्रतिशत सफल बनाने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थय अधिकारी डॉ. पद्मेश उपाध्याय के निर्देशन तथा मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी, सिविल हॉस्पिटल जौरा डॉ. अनुभा माहेश्वरी के मार्गदर्शन में सिविल हॉस्पिटल जौरा के सभाकक्ष में एनसीसी कैडेट्स के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
 प्रशिक्षण कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स को पल्स पोलियो अभियान के दौरान उनकी भूमिका एवं जिम्मेदारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। स्वास्थय अधिकारियों एवं मास्टर ट्रेनर्स द्वारा कैडेट्स को वैक्सीन सुरक्षा, कोल्ड चेन प्रबंधन, बूथ संचालन तथा बच्चों के पंजीयन एवं रिकॉर्ड संधारण की प्रक्रियाओं से अवगत कराया गया।  
 इस अवसर पर आरएमओ डॉ. आर.बी. शर्मा ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि पोलियो उन्मूलन अभियान में स्वयंसेवकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी कैडेट्स से अभियान में पूर्ण समर्पण एवं जिम्मेदारी के साथ सहयोग करने का आह्वान किया।
 प्रशिक्षण के दौरान आईसीटीसी काउंसलर श्री संदीप सेंगर ने अभियान के तकनीकी एवं व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी देते हुए वैक्सीन के सुरक्षित रख-रखाव तथा कोल्ड चेन प्रबंधन के संबंध में विस्तार से बताया। वहीं एमपीएस वीरेश अवस्थी ने वैक्सीन वायल मॉनिटर (वीवीएम) के माध्यम से वैक्सीन की गुणवत्ता एवं उपयोगिता की पहचान करने की प्रक्रिया समझाई। कैडेट्स को पोलियो बूथों पर आने वाले 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों का सही रिकॉर्ड रखने, अभिभावकों को जागरूक करने तथा भीड़ प्रबंधन के संबंध में भी प्रशिक्षित किया गया। साथ ही अभियान के दौरान बच्चों को जीवनरक्षक “दो बूंद जिंदगी की” पिलाने के कार्य में सक्रिय सहयोग हेतु कैडेट्स की सहमति प्राप्त की गई।
 प्रशिक्षण कार्यक्रम में आरएमओ डॉ. आर.बी. शर्मा, बीसीएम श्रीमती मधु सेमिल, बीईई भूपेंद्र सिंह धाकड़, एमपीएस वीरेश अवस्थी, आईसीटीसी काउंसलर संदीप सेंगर, एसटीएलएस रणवीर गोयल, केदारनाथ शाक्य सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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राज्यमंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने शनि मंदिर में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की

मध्यप्रदेश शासन के कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. गौतम टेटवाल ने बुधवार को मुरैना स्थित शनि मंदिर पहुंचकर श्रद्धा एवं विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, खुशहाली एवं जनकल्याण की कामना करते हुए समाज में शांति, सद्भाव और विकास की प्रार्थना की। इस अवसर पर संबंधित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सर्किट हाउस में कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों से किया संवाद

शनि मंदिर में दर्शन एवं पूजन के लिए रवाना होने से पूर्व राज्यमंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने सर्किट हाउस, मुरैना में कार्यकर्ताओं, समाजसेवियों एवं स्थानीय नागरिकों से आत्मीय संवाद किया। चर्चा के दौरान शहर के सौंदर्यीकरण, आधारभूत विकास कार्यों तथा नागरिक सुविधाओं के विस्तार से संबंधित विभिन्न सुझाव प्राप्त हुए। राज्यमंत्री ने सभी सुझावों को गंभीरता से सुना और जनहित से जुड़े विषयों पर सकारात्मक एवं प्रभावी पहल का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर समाजसेवी श्रीमती भावना जालौन, श्री दिलीप पिप्पल, नगर निगम मुरैना के उपायुक्त श्री डोडिया सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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खाद की कालाबाजारी रोकें, 1000 रूपए इनाम पाएं : सीएम किसान हेल्पलाइन 155253 पर दें गुप्त सूचना   

’सूचना दाता प्रोत्साहन योजना’ प्रदेश में लागू: नकली खाद, अवैध भंडारण की सूचना पर मिलेगी राशि

30 सितंबर तक चलेगी योजना: सूचना देने वाले की पहचान रहेगी पूर्णतः गोपनीय 

राज्य शासन द्वारा किसानों के हितों की रक्षा और गुणवत्तायुक्त खाद की उचित दाम पर उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु “सूचना दाता प्रोत्साहन योजना” पूरे मध्यप्रदेश में लागू की गई है। इस योजना के तहत उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, नकली या मिलावटी खाद की बिक्री और यूरिया के अवैध औद्योगिक उपयोग की सूचना देने पर 1,000 रूपए की प्रोत्साहन राशि सीधे बैंक खाते में दी जाएगी। इस योजना के तहत राज्य एवं जिले का कोई भी नागरिक, किसान या व्यापारी अवैध गतिविधियों की शिकायत दर्ज करा सकता है।      

1. पहचान रहेगी गोपनीयः- सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी। इसे किसी भी स्तर पर उजागर नहीं किया जाएगा।  

2. प्रोत्साहन राशिः- सूचना सही पाए जाने और विभाग द्वारा सामग्री जब्त या दोष सिद्ध होने पर प्रति सूचना 1,000 रूपए की राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी।   

3. योजना अवधिः यह योजना 20 मई 2026 से 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। 

इन गतिविधियों की दे सकते हैं सूचना

1. बिना लाइसेंस के खाद बेचना।  
2. तय सीमा से अधिक खाद का अवैध भंडारण करना।  
3. निर्धारित मूल्य से अधिक दाम पर खाद बेचना (कालाबाजारी)।  
4. नकली या मिलावटी खाद का निर्माण और बिक्री करना।  
5. सरकारी अनुदान वाले यूरिया का फैक्ट्रियों या औद्योगिक कार्यों में अवैध उपयोग।  
6. अनाधिकृत रूप से उर्वरक परिवहन। 

सूचना देने की प्रक्रिया

 कार्यालयीन दिनों में सुबह 10 बजे से शाम 06 बजे तक सी.एम. किसान हेल्पलाइन नंबर 155253 पर कॉल करें। हेल्पलाइन ऑपरेटर आपकी कॉल को संबंधित जिले के कलेक्टर के लैंडलाइन नंबर पर ट्रांसफर करेगा। कलेक्टर के स्टेनो आपकी गुप्त सूचना नोट कर तुरंत कलेक्टर को अवगत कराएंगे। आपको घटना का स्थान, समय, संबंधित व्यक्ति, संस्था का नाम-पता और यदि संभव हो तो साक्ष्य (फोटो व वीडियो) की जानकारी देनी होगी।   
 प्रोत्साहन राशि हेतु अपना बैंक खाता नंबर, आईएफएससी कोड और बैंक शाखा का नाम भी बताना होगा। शिकायत सही मिलने पर कलेक्टर द्वारा गठित विशेष टीम तुरंत छापेमारी करेगी। सूचना सही पाए जाने के 30 कार्य दिवसों के भीतर प्रोत्साहन राशि सीधे आपके खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।

किसानों से अपील

 कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने किसान भाईयों से अपील की है कि यदि आपके क्षेत्र में खाद की कालाबाजारी या नकली खाद बेचने जैसी कोई भी अवैध गतिविधि दिखती है, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 155253 पर इसकी सूचना देकर जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं और पुरस्कार प्राप्त करें।
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100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत सिविल अस्पताल जौरा में एनसीसी कैडेट बनाए गए स्वयंसेवक

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थय अधिकारी डॉ. पदमेश उपाध्याय के निर्देशानुसार तथा जिला क्षय अधिकारी डॉ. नरेंद्र उपाध्याय एवं प्रभारी सीबीएमओ जौरा डॉ. अनुभा माहेश्वरी के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के अंतर्गत संचालित टीबी मुक्त भारत अभियान की 100 दिवसीय कार्ययोजना के तहत सिविल अस्पताल जौरा में विशेष गतिविधि आयोजित की गई।
 कार्यक्रम के दौरान टीबी यूनिट जौरा के वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक रणबीर गोयल द्वारा एनसीसी कैडेट्स को टीबी मुक्त भारत अभियान से जोड़ते हुए स्वयंसेवक के रूप में प्रशिक्षित किया गया। साथ ही उनके मोबाइल फोन में ‘टीबी मुक्त भारत’ ऐप इंस्टॉल कराकर उसके उपयोग एवं अभियान में सहभागिता के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को टीबी उन्मूलन अभियान से जोड़कर जनजागरूकता बढ़ाना तथा क्षय रोग की शीघ्र पहचान, उपचार एवं रोकथाम के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाना है। इस अवसर पर आरएमओ डॉ. आर.बी. शर्मा, बीईई भूपेंद्र सिंह धाकड़, एमपीएस वीरेश अवस्थी, आईसीटीसी काउंसलर संदीप सेंगर सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। 
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प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना बनी रामवती आदिवासी के सपनों का सहारा, कच्चे आशियाने से मिला सुरक्षित और सम्मानजनक घर

जनपद पंचायत पहाड़गढ़ की ग्राम पंचायत मानपुर निवासी रामवती आदिवासी के जीवन में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना ने खुशियों की नई किरण लेकर आई है। वर्षों तक अभाव और असुरक्षा के बीच जीवन बिताने वाली रामवती आज अपने पक्के घर में परिवार के साथ सुरक्षित, सम्मानपूर्ण और आत्मविश्वास से भरा जीवन जी रही हैं।

एक समय था जब रामवती का परिवार कच्चे और जर्जर मकान में रहने को मजबूर था। लकड़ी, टहनियों और घास-फूस से बनी छत हर मौसम में उनकी परेशानियों का कारण बन जाती थी। बरसात में छत से पानी टपकता था, जिससे घर के भीतर रहना भी मुश्किल हो जाता था। तेज गर्मी और कड़ाके की सर्दी में परिवार को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। बच्चों की सुरक्षा और परिवार के भविष्य को लेकर चिंता हमेशा बनी रहती थी।

ऐसे समय में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना उनके लिए उम्मीद की नई किरण बनकर आई। योजना के अंतर्गत उन्हें पक्का आवास स्वीकृत हुआ और शीघ्र ही उनका सपना साकार हो गया। आज रामवती का परिवार मजबूत छत, सुरक्षित दीवारों और बेहतर आवासीय सुविधाओं से युक्त घर में निवास कर रहा है। इस परिवर्तन ने न केवल उनके रहन-सहन को बेहतर बनाया है, बल्कि उनके जीवन में आत्मसम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व का भाव भी पैदा किया है।

रामवती भावुक होकर बताती हैं, “पहले हर बारिश हमारे लिए चिंता लेकर आती थी। रातभर यह डर बना रहता था कि कहीं मकान ढह न जाए। अब पक्का घर मिलने के बाद मन में सुरक्षा का विश्वास है। बच्चों के लिए बेहतर वातावरण मिला है और परिवार का जीवन पहले से कहीं अधिक सुखद हो गया है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी  एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को धन्यवाद व्यक्त करती हूँ।"

रामवती की यह कहानी दर्शाती है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं केवल सुविधाएं उपलब्ध नहीं करातीं, बल्कि लोगों के जीवन में आशा, आत्मविश्वास और सम्मान का संचार भी करती हैं। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना विशेष रूप से वंचित एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभरी है, जो उन्हें सुरक्षित आवास के साथ बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर कर रही है।
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अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव मुंबई में प्रदर्शित हुई 64 योगिनी पर बनी डॉक्यूमेंट्री ‘Y64 – व्हिस्पर्स ऑफ द अनसीन’

संस्कृति विभाग एवं काली ट्रस्ट के सहयोग से निर्मित डॉक्यूमेंट्री का अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों के बीच

64 कैनवास से 15,000 किलोमीटर की आध्यात्मिक यात्रा से सिनेमा तक का सफर

19वें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (MIFF) 2026 मुंबई में कलाकार एवं साधक डॉ. बीना उन्नीकृष्णन की 64 योगिनी प्रदेश के मितावली स्थित मंदिर पर बनी डॉक्यूमेंट्री ‘Y64 – व्हिस्पर्स ऑफ द अनसीन’ का प्रदर्शन हुआ। संस्कृति विभाग एवं काली ट्रस्ट के सहयोग से निर्मित यह डॉक्यूमेंट्री अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों के लिए पहली बार प्रदर्शित की गई। मुंबई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (Mumbai International Film Festival - MIFF) दक्षिण एशिया का सबसे पुराना और सबसे बड़ा फिल्म समारोह है। यह विशेष रूप से वृत्तचित्र, लघु कथा और एनीमेशन फिल्मों को समर्पित है। इस अवसर पर भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) के अतिरिक्त सचिव श्री प्रभात ने डॉ. बीना उन्नीकृष्णन एवं उनकी टीम को सम्मानित किया। कार्यक्रम में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एवं वित्तीय सलाहकार श्री दीपक नारायण, एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर सुश्री दीप्ति चावला, डॉ. बीना उन्नीकृष्णन, सिनेमैटोग्राफर श्री प्रदीप सहित अन्य अतिथियों की उपस्थिति रही।

हमारी पुरातन स्थापत्य कला के उत्कृष्ट उदाहरण हैं 64 योगिनी मंदिर: अपर मुख्य सचिव श्री शुक्ला

मध्यप्रदेश के अपर मुख्य सचिव, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा सामान्य प्रशासन श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश के मितावली (मुरैना), जबलपुर और खजुराहो के 64 योगिनी मंदिर हमारी पुरातन स्थापत्य कला के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। मितावली का 64 योगिनी मंदिर, जिसने भारत की पुरानी संसद भवन की वास्तुकला को प्रेरित किया, यह आज यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल की अस्थायी सूचि में भी शामिल है। ‘Y64 – Whispers of the Unseen’ जैसी परियोजना इस अद्वितीय विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचा रही है। डॉ. बीना उन्नीकृष्णन की कलात्मक यात्रा के माध्यम से यह फिल्म युवाओं को भारत की सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हुए सृजनशीलता, साहस, आत्म-अन्वेषण और स्त्री शक्ति जैसे सार्वभौमिक मूल्यों से परिचित कराती है।

64 योगिनियों ने मुझे इस कार्य के लिए चुना, यह मेरा सौभाग्य : डॉ. बीना उन्नीकृष्णन

डॉ. बीना उन्नीकृष्णन ने बताया कि लगभग साढ़े बारह वर्ष पूर्व उन्होंने 64 योगिनियों के चित्रांकन की प्रक्रिया को केवल एक दस्तावेज़ के रूप में संजोने की शुरुआत की थी, लेकिन समय के साथ यह प्रयास समर्पण, धैर्य और आत्म-परिवर्तन की प्रेरणादायक सिनेमाई यात्रा बन गया। इस वर्ष उन्होंने 64 मूल चित्रों के साथ भारत के 14 शहरों में लगभग 15,000 किलोमीटर की सड़क यात्रा कर हजारों लोगों को योगिनी परंपरा से परिचित कराया तथा कला, संस्कृति और अध्यात्म पर व्यापक संवाद स्थापित किया। उन्होंने कहा “जब मैंने यह यात्रा शुरू की थी, तब मैं केवल उत्तर खोजती एक कलाकार थी। मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह एक पुस्तक, प्रदर्शनी, हजारों किलोमीटर की यात्रा और अंततः एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म का रूप ले लेगी। योगिनियों ने मुझे भय से परे जाना और अपने स्त्रीत्व तथा अदृश्य मार्ग पर विश्वास करना सिखाया। मैं हमेशा कहती हूँ कि मैंने योगिनियों को नहीं चुना, बल्कि योगिनियों ने मुझे चुना है। उन्होंने बताया कि यह डॉक्यूमेंट्री केवल योगिनी मंदिरों के इतिहास और रहस्य को नहीं, बल्कि आध्यात्मिक आह्वान को पूरा करने के लिए आवश्यक साहस और समर्पण की कहानी भी प्रस्तुत करती है। इस उपलब्धि के लिए उन्होंने मध्यप्रदेश पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।

विरासत और संस्कृति का अद्भुत संगम है फिल्म

64 योगिनि मंदिरों से प्रेरित यह अनूठी फिल्म, संस्कृति, अध्यात्म और विरासत का अद्भुत संगम है। कंकाली ट्रस्ट और मध्यप्रदेश शासन के सहयोग से निर्मित यह डॉक्यूमेंट्री भारत के योगिनी मंदिरों से जुड़ी समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत का उत्सव भी है। यह डॉक्यूमेंट्री दर्शकों को ऐसे संसार में ले जाती है, जहाँ कला, आस्था, इतिहास और आत्म-परिवर्तन एक-दूसरे से जुड़कर एक अद्वितीय अनुभव का निर्माण करते हैं।
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खाद की कालाबाजारी रोकें, 1000 रूपए इनाम पाएं : सीएम किसान हेल्पलाइन 155253 पर दें गुप्त सूचना   

’सूचना दाता प्रोत्साहन योजना’ प्रदेश में लागू: नकली खाद, अवैध भंडारण की सूचना पर मिलेगी राशि

30 सितंबर तक चलेगी योजना: सूचना देने वाले की पहचान रहेगी पूर्णतः गोपनीय 

राज्य शासन द्वारा किसानों के हितों की रक्षा और गुणवत्तायुक्त खाद की उचित दाम पर उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु “सूचना दाता प्रोत्साहन योजना” पूरे मध्यप्रदेश में लागू की गई है। इस योजना के तहत उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, नकली या मिलावटी खाद की बिक्री और यूरिया के अवैध औद्योगिक उपयोग की सूचना देने पर 1,000 रूपए की प्रोत्साहन राशि सीधे बैंक खाते में दी जाएगी। इस योजना के तहत राज्य एवं जिले का कोई भी नागरिक, किसान या व्यापारी अवैध गतिविधियों की शिकायत दर्ज करा सकता है।      

1. पहचान रहेगी गोपनीयः- सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी। इसे किसी भी स्तर पर उजागर नहीं किया जाएगा।  

2. प्रोत्साहन राशिः- सूचना सही पाए जाने और विभाग द्वारा सामग्री जब्त या दोष सिद्ध होने पर प्रति सूचना 1,000 रूपए की राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी।   

3. योजना अवधिः यह योजना 20 मई 2026 से 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। 

इन गतिविधियों की दे सकते हैं सूचना

1. बिना लाइसेंस के खाद बेचना।  
2. तय सीमा से अधिक खाद का अवैध भंडारण करना।  
3. निर्धारित मूल्य से अधिक दाम पर खाद बेचना (कालाबाजारी)।  
4. नकली या मिलावटी खाद का निर्माण और बिक्री करना।  
5. सरकारी अनुदान वाले यूरिया का फैक्ट्रियों या औद्योगिक कार्यों में अवैध उपयोग।  
6. अनाधिकृत रूप से उर्वरक परिवहन। 

सूचना देने की प्रक्रिया

 कार्यालयीन दिनों में सुबह 10 बजे से शाम 06 बजे तक सी.एम. किसान हेल्पलाइन नंबर 155253 पर कॉल करें। हेल्पलाइन ऑपरेटर आपकी कॉल को संबंधित जिले के कलेक्टर के लैंडलाइन नंबर पर ट्रांसफर करेगा। कलेक्टर के स्टेनो आपकी गुप्त सूचना नोट कर तुरंत कलेक्टर को अवगत कराएंगे। आपको घटना का स्थान, समय, संबंधित व्यक्ति, संस्था का नाम-पता और यदि संभव हो तो साक्ष्य (फोटो व वीडियो) की जानकारी देनी होगी।   
 प्रोत्साहन राशि हेतु अपना बैंक खाता नंबर, आईएफएससी कोड और बैंक शाखा का नाम भी बताना होगा। शिकायत सही मिलने पर कलेक्टर द्वारा गठित विशेष टीम तुरंत छापेमारी करेगी। सूचना सही पाए जाने के 30 कार्य दिवसों के भीतर प्रोत्साहन राशि सीधे आपके खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।

किसानों से अपील

 कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने किसान भाईयों से अपील की है कि यदि आपके क्षेत्र में खाद की कालाबाजारी या नकली खाद बेचने जैसी कोई भी अवैध गतिविधि दिखती है, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 155253 पर इसकी सूचना देकर जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं और पुरस्कार प्राप्त करें।
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