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PRO JS MORENA

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<nis:link nis:type=tag nis:id=betibachaobetipadhao nis:value=BetiBachaoBetiPadhao nis:enabled=true nis:link/> योजना के अंतर्गत किशोरी बालिकाओं का एक्सपोजर विजिट आयोजित 

कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी के मार्गदर्शन में “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना” के अंतर्गत ओंकार इंटरनेशनल स्कूल की किशोरी बालिकाओं के लिए एक दिवसीय एक्सपोजर विजिट आयोजित किया गया। भ्रमण के दौरान बालिकाओं को विभिन्न शासकीय एवं सामाजिक संस्थानों का अवलोकन कराया गया, जिससे उन्हें स्वास्थ्य, सुरक्षा, शिक्षा एवं सहायता तंत्र से संबंधित व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हो सके।
भ्रमण की शुरुआत वन स्टॉप सेंटर, मुरैना से हुई, जहां बालिकाओं को महिलाओं एवं बालिकाओं के अधिकारों के साथ-साथ 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन तथा 181 महिला हेल्पलाइन के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें वन स्टॉप सेंटर द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली आश्रय, पुलिस सहायता, विधिक सहायता एवं परामर्श जैसी सेवाओं से भी अवगत कराया गया।
इसके बाद बालिकाओं ने महिला थाना का भ्रमण किया, जहां थाना प्रभारी श्रीमती नेहा शर्मा ने उन्हें महिला थाना की कार्यप्रणाली एवं महिला सुरक्षा शाखा की भूमिका की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में महिलाओं एवं बालिकाओं से संबंधित अपराधों का अभिलेखीकरण एवं निगरानी इसी शाखा के माध्यम से की जाती है। साथ ही संकट, हिंसा या उत्पीड़न की स्थिति में सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया एवं संबंधित संस्थाओं से संपर्क करने के तरीकों की भी जानकारी दी गई।
भ्रमण के अगले चरण में बालिकाओं ने अमर शहीद पंडित रामप्रसाद बिस्मिल संग्रहालय का अवलोकन किया, जहां उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीदों के जीवन तथा उनके योगदान के बारे में जानकारी प्राप्त की।
एक्सपोजर विजिट का उद्देश्य बालिकाओं को विभिन्न शासकीय एवं सामाजिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली से परिचित कराना, उनके ज्ञान का विस्तार करना, आत्मविश्वास विकसित करना तथा उन्हें अपने अधिकारों एवं उपलब्ध संसाधनों के प्रति जागरूक बनाना था। भ्रमण के दौरान बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए इसे ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक अनुभव बताया।
कार्यक्रम में वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक एवं उनका स्टाफ, ओंकार इंटरनेशनल स्कूल के प्राचार्य श्री विनोद कुशवाह तथा विद्यालय की महिला खेल शिक्षिका उपस्थित रहीं।

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मिलेट मिशन योजना अंतर्गत कृषि विज्ञान केन्द्र मुरैना में सेमीनार एवं कार्यशाला आयोजित

मध्यप्रदेश राज्य मिलेट मिशन योजना के अंतर्गत कृषि विज्ञान केन्द्र, मुरैना में 16 एवं 17 जुलाई 2026 को दो दिवसीय सेमीनार एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य श्री केशव सिंह, कृषि वैज्ञानिक, उप संचालक कृषि, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी तथा जिले के सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।   
 कार्यक्रम के दौरान कृषि वैज्ञानिकों ने श्रीअन्न (मिलेट) मिशन योजना के अंतर्गत बाजरा, रागी, कोदो, कुटकी एवं ज्वार जैसी फसलों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। वैज्ञानिकों ने बताया कि इन मोटे अनाजों का पोषण एवं स्वास्थय की दृष्टि से विशेष महत्व है। साथ ही उन्होंने इस वर्ष अलनीनो के प्रभाव के कारण जिले में सूखा एवं अनियमित वर्षा की आशंका व्यक्त करते हुए किसानों को कम अवधि वाली मूंग एवं उड़द की फसलों की बोनी करने की सलाह दी। 
 विशेषज्ञों ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों के उपयोग के बिना फसल उत्पादन करने से किसानों को आर्थिक एवं स्वास्थय दोनों स्तरों पर लाभ प्राप्त होता है। 
 उप संचालक कृषि श्री अनन्त बिहारी सड़ैया ने बताया कि कृषि अवसंरचना निधि (एआईएफ) योजना वर्ष 2020-21 से 2032-33 तक कुल 13 वर्षों के लिए संचालित की जा रही है। इस संबंध में जिले के विभागीय अधिकारियों को प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, दाल, चावल एवं आटा मिल, कस्टम हायरिंग सेंटर, मसाला प्रसंस्करण इकाई, रायपनिंग चैम्बर, एकीकृत शीत श्रृंखला आपूर्ति प्रणाली, प्राथमिक प्रसंस्करण केन्द्र तथा सरसों तेल प्रसंस्करण इकाई से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। 
 उन्होंने बताया कि एआईएफ योजना के अंतर्गत किसानों को तीन प्रतिशत ब्याज अनुदान का अतिरिक्त लाभ प्राप्त होता है, जिससे कृषि अवसंरचना के विकास को प्रोत्साहन मिलता है। उप संचालक कृषि ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे कृषि अवसंरचना निधि योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपनी आय में वृद्धि करें। इससे किसानों को प्राकृतिक जोखिमों से सुरक्षा मिलने के साथ-साथ वर्षभर निरंतर आय प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

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ग्राम सिकरोदा में आयोजित हुई उर्वरक पाठशाला, किसानों को जैव उर्वरकों के उपयोग के लिए किया प्रेरित

मुरैना जिले के ग्राम सिकरोदा में उर्वरक पाठशाला का आयोजन किया गया, जिसमें 75 किसानों के साथ इफको अधिकारियों एवं इफको ई-बाजार के कर्मचारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इफको के राज्य विपणन प्रबंधक, भोपाल डॉ. दिनेश कुमार सोलंकी रहे, जबकि अध्यक्षता प्रगतिशील कृषक श्री तोताराम ने की।

कार्यक्रम में इफको मुरैना के मुख्य क्षेत्र प्रबंधक डॉ. बी.एस. जादौन ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण एवं मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए जैव उर्वरकों के अधिकाधिक उपयोग की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग के साथ इफको के नवीन बायो-फर्टिलाइजर उत्पाद अपनाने से भूमि की गुणवत्ता बेहतर होगी। उन्होंने राज्य शासन द्वारा लागू की गई ई-टोकन प्रणाली की भी विस्तार से जानकारी दी।

इफको के राज्य विपणन प्रबंधक डॉ. दिनेश कुमार सोलंकी ने किसानों से बायो-फर्टिलाइजर, सागरिका एवं नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों के उपयोग से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी, खेती की लागत में कमी आएगी तथा उत्पादन और किसानों की आय में वृद्धि होगी।

कार्यक्रम के अंत में इफको बाजार, मुरैना के विक्रय अधिकारी श्री प्रदीप शर्मा ने उपस्थित अतिथियों एवं किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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अवैध रूप से संचालित निजी छात्रावास सील, 32 नाबालिग बच्चों को अभिभावकों के सुपुर्द किया गया

अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सबलगढ़ सुश्री मेघा तिवारी के निर्देशन में 16 जुलाई 2026 को नायब तहसीलदार, सबलगढ़ एवं राजस्व अमले द्वारा जयपुरिया बाग, सबलगढ़ स्थित एक निजी छात्रावास का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि उक्त छात्रावास बिना किसी सक्षम प्राधिकारी की अनुमति एवं आवश्यक पंजीयन के संचालित किया जा रहा था। छात्रावास में लगभग 7 से 14 वर्ष आयु वर्ग के 32 नाबालिग बालक निवासरत पाए गए। निरीक्षण के समय छात्रावास में निवासरत बच्चों से संबंधित आवश्यक अभिलेख, प्रवेश पंजी, पंजीयन एवं अन्य वैधानिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं पाए गए। प्रथम दृष्टया छात्रावास का संचालन नियमों के विपरीत एवं अवैध रूप से किया जाना परिलक्षित हुआ।

उक्त अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए छात्रावास संचालक एवं भवन स्वामी के विरुद्ध कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए।
अग्रिम कार्रवाई के क्रम में 17 जुलाई 2026 को नायब तहसीलदार, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी, महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी सबलगढ़ तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा छात्रावास का पुनः निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण उपरांत नाबालिग बच्चों की सुरक्षा एवं उनके सर्वोत्तम हित को दृष्टिगत रखते हुए उक्त छात्रावास को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। साथ ही छात्रावास में निवासरत सभी 32 नाबालिग बालकों को आवश्यक सत्यापन एवं विधिवत कार्रवाई के उपरांत उनके अभिभावकों के सुपुर्द कर दिया गया।

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अनुसूचित जाति वर्ग की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत दिलाना सुनिश्चित करें - डॉ. कैलाश जाटव

प्रकरणों में त्रुटि होने पर हितग्राही को बैंकर्स लिखित सूचना दें, लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के दिए निर्देश

मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. कैलाश जाटव ने कहा है कि प्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण के लिए संचालित समस्त योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत रूप से पहुंचाना संबंधित अधिकारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति वर्ग के ऋण प्रकरणों में यदि किसी प्रकार की त्रुटि अथवा कमी पाई जाती है, तो संबंधित बैंकर्स द्वारा हितग्राही को इसकी लिखित सूचना उपलब्ध कराई जाए, जिससे प्रकरण निरस्त होने अथवा लंबित रहने के कारणों की स्पष्ट जानकारी हितग्राही को प्राप्त हो सके।

डॉ. जाटव गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव, अपर कलेक्टर श्री अश्विनी कुमार रावत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुरेन्द्र पाल सिंह डाबर सहित सभी जिला अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में डॉ. जाटव ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को समय पर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने सांसद एवं विधायक निधि के अंतर्गत अनुसूचित जाति बस्तियों में नाली, सीसी सड़क, खरंजा सहित अन्य विकास कार्यों पर निर्धारित 18 प्रतिशत राशि व्यय किए जाने की समीक्षा करते हुए विगत तीन वर्षों के अभिलेखों का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने जिले में किराए के भवनों में संचालित 23 छात्रावासों के लिए भूमि प्रस्ताव तैयार कर स्थायी भवन निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी जिला अधिकारियों को निर्वाचन प्रक्रिया की तर्ज पर रात्रिकालीन छात्रावास निरीक्षण नियमित रूप से करने के लिए कहा। शिक्षा, स्वास्थ्य, पशुपालन, रोजगार, बैंकिंग, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों की समीक्षा के दौरान उन्होंने अनुसूचित जाति वर्ग के हितग्राहियों को राहत राशि एवं अन्य योजनाओं के लाभ वितरण में किसी प्रकार की देरी नहीं होने पर विशेष जोर दिया।

डॉ. जाटव ने अनुसूचित जाति बस्तियों में झोलाछाप चिकित्सकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने, शासकीय भूमि पर पात्र व्यक्तियों को बेदखल नहीं करने, डिजिटल जाति प्रमाण-पत्रों में "माइग्रेटेड" संबंधी त्रुटियों का सात दिवस के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने तथा छात्रवृत्ति वितरण प्रभावित नहीं होने देने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठकें नियमानुसार आयोजित करने, नल-जल योजनाओं के क्रियान्वयन में हो रहे विलंब की जांच कराने तथा आउटसोर्स एवं ठेका व्यवस्था में 16 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

पुलिस अधिकारियों की बैठक में लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर दिया जोर

पुलिस सभागार में आयोजित बैठक में डॉ. जाटव ने निर्देश दिए कि जिले में जाति प्रमाण-पत्र से संबंधित 20 लंबित प्रकरणों का एक सप्ताह के भीतर निराकरण कराया जाए। उन्होंने अनुसूचित जाति अत्याचार से संबंधित 93 लंबित आपराधिक प्रकरणों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा बजट के अभाव में लंबित 107 राहत प्रकरणों के संबंध में आवश्यक अनुस्मारक प्रेषित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने थानों में गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) की अद्यतन सूची संधारित करने, अनुसूचित जाति बस्तियों में नियमित पुलिस संवाद स्थापित करने तथा एफआईआर दर्ज करने में किसी प्रकार की अनावश्यक विलंब नहीं होने देने के निर्देश भी दिए। बैठक के अंत में उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई।

जिला पंचायत में योजनाओं की समीक्षा

जिला पंचायत में आयोजित बैठक में डॉ. जाटव ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए जिला स्तर पर हेल्पलाइन अथवा व्हाट्सएप नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने, पंचायतवार आवास पात्रता सूची सार्वजनिक करने तथा सभी पंचायतों, विशेषकर अनुसूचित जाति बस्तियों में नियमित स्वच्छता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा भी की।

नगर निगम में हितग्राही योजनाओं की समीक्षा

नगर निगम सभागार में आयोजित बैठक में डॉ. जाटव ने भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), जनकल्याण संबल योजना तथा विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का अपेक्षित लाभ नहीं मिलने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में महापौर श्रीमती शारदा सोलंकी, नगर निगम आयुक्त श्री सत्येन्द्र धाकरे, पूर्व विधायक अंबाह श्री सखवार सहित नगरीय निकायों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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महाराजा अग्रसेन जी के आदर्श आज भी समाज को एकता और सेवा का संदेश देते हैं - विधानसभा अध्यक्ष Narendra Singh Tomar

कैलारस में महाराजा अग्रसेन जी की प्रतिमा का हुआ अनावरण, 3.68 करोड़ रुपये के 27 विकास कार्यों का भूमिपूजन

मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा है कि महाराजा अग्रसेन ने भले ही मनुष्य रूप में जन्म लिया हो, लेकिन अपने उत्कृष्ट व्यक्तित्व, आदर्श शासन व्यवस्था और जनकल्याणकारी विचारों के कारण वे आज भगवान के रूप में पूजे जाते हैं। वे एक आदर्श शासक थे, जिन्होंने सामाजिक समरसता, सहयोग और जनसेवा को शासन का आधार बनाया। उनके जीवन से समाज को सेवा, सहयोग और समर्पण की अमूल्य प्रेरणा प्राप्त होती है।

विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर कैलारस मुख्यालय स्थित शास्त्री मार्ग चौराहे पर अग्रसेन चौक में नगर परिषद कैलारस द्वारा आयोजित महाराजा अग्रसेन जी की प्रतिमा अनावरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि सृष्टि की रचना के साथ अच्छे और बुरे दोनों प्रकार के लोग अस्तित्व में आए, किंतु व्यक्ति अपनी बुद्धि, विवेक और कर्मों के बल पर गौतम बुद्ध, भगवान महावीर और महाराजा अग्रसेन जैसे महान व्यक्तित्वों की श्रेणी में स्थान प्राप्त करता है। महाराजा अग्रसेन के राज्य में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को एक ईंट और एक रुपया देकर सहयोग प्रदान किया जाता था, जो सामाजिक सहभागिता और आत्मनिर्भरता का अद्वितीय उदाहरण है। समाज को उनके इस आदर्श से प्रेरणा लेते हुए सहयोग और सेवा की भावना को निरंतर आगे बढ़ाना चाहिए।

श्री तोमर ने कहा कि उनके क्षेत्र में अनेक स्थानों पर महाराजा अग्रसेन जी की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं और उन्हें इन प्रतिमाओं के लोकार्पण कार्यक्रमों में सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने अग्रवाल समाज के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महाराजा अग्रसेन जी की असीम कृपा सदैव उन पर बनी रही है। उन्होंने समाजजनों से प्रतिमा की नियमित पूजा-अर्चना और संरक्षण का आग्रह करते हुए कहा कि यह केवल एक प्रतिमा नहीं, बल्कि समाज के कुल प्रवर्तक महाराजा अग्रसेन का प्रेरणा स्थल और मंदिर है।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने विधिवत पूजा-अर्चना कर महाराजा अग्रसेन जी की प्रतिमा का अनावरण किया।

कार्यक्रम में सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर, नगर परिषद कैलारस की अध्यक्ष श्रीमती अंजना बृजेश बंसल, पूर्व विधायक श्री सूबेदार सिंह रजौधा, समाजसेवी श्री कमलेश कुशवाह, डॉ. योगेश पाल गुप्ता, नगर परिषद जौरा के अध्यक्ष श्री अखिल माहेश्वरी, नगर परिषद उपाध्यक्ष श्रीमती सीमा अशोक राजावत सहित अनेक जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर ने नगर परिषद कैलारस द्वारा 3 करोड़ 68 लाख रुपये की लागत से कराए जाने वाले 27 निर्माण एवं विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया।

सोन नदी पर बने दो पुलों के लोकार्पण से दर्जनों गांवों को मिलेगा आवागमन का लाभ

विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने ग्राम रीझोनी एवं बघोरा में सोन नदी पर निर्मित दो महत्वपूर्ण पुलों का लोकार्पण भी किया। उन्होंने ग्राम रीझोनी में लगभग 3 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से निर्मित लगभग 60 मीटर लंबे पुल का लोकार्पण किया। इस पुल के निर्माण से क्षेत्र के लगभग 15 गांवों के ग्रामीणों को सुगम एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी।

इसी प्रकार ग्राम बघोरा में लगभग 3 करोड़ 15 लाख रुपये की लागत से निर्मित 75 मीटर लंबे पुल का लोकार्पण किया गया। इस पुल के निर्माण से लगभग 12 गांवों के ग्रामीणों को बेहतर संपर्क एवं आवागमन सुविधाओं का लाभ प्राप्त होगा।

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चंबल से खत्म हुआ रेत माफिया का साम्राज्य, सीईसी ने मुरैना प्रशासन को दी क्लीन चिट

कभी अवैध रेत उत्खनन के लिए चर्चाओं में रहने वाली चंबल नदी अब पुनः अपने प्राकृतिक स्वरूप की ओर लौटती दिखाई दे रही है। केंद्रीय सशक्त समिति (सीईसी) के सदस्य श्री चंद्र प्रकाश गोयल ने मुरैना जिले में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान यह बात कही। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि मुरैना जिले में चंबल नदी से अवैध रेत उत्खनन पूरी तरह बंद हो चुका है तथा इसके लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस द्वारा किए गए प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई भी दी।

चंबल स्थित देवरी घड़ियाल केंद्र पर आयोजित अंतर्राज्यीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता सीईसी सदस्य श्री चंद्र प्रकाश गोयल ने की। बैठक में मध्यप्रदेश एवं राजस्थान के चंबल अंचल से जुड़े वरिष्ठ प्रशासनिक, पुलिस एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान चंबल नदी क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन की रोकथाम के लिए किए गए प्रयासों तथा वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।

श्री गोयल ने कहा कि मुरैना जिले में चंबल नदी से अवैध रेत उत्खनन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा चुका है और इसका सकारात्मक प्रभाव नदी के पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी तंत्र पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। उन्होंने कहा कि चंबल नदी अब धीरे-धीरे अपने मूल एवं प्राकृतिक स्वरूप में लौट रही है, जो संरक्षण और सतत प्रबंधन के प्रयासों का प्रत्यक्ष परिणाम है।

उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय मुरैना पुलिस एवं जिला प्रशासन को देते हुए कहा कि लगातार निगरानी, सघन अभियान, कठोर कार्रवाई तथा विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों के कारण अवैध उत्खनन पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सका है। प्रशासन की सतत सक्रियता और अंतरविभागीय समन्वय ने चंबल क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

समीक्षा बैठक में चंबल संभाग आयुक्त श्री सुरेश कुमार, कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़, पुलिस अधीक्षक श्री धर्मराज मीणा, भिण्ड कलेक्टर, धौलपुर कलेक्टर सुश्री निधि बीटा, धौलपुर पुलिस अधीक्षक श्री विकास सांगवान, आगरा, धौलपुर, भिण्ड, श्योपुर एवं मुरैना के वनमंडलाधिकारी,  भिण्ड, श्योपुर, धौलपुर, आगरा  और मुरैना जिले के श्री सुखदेव निर्मल सभी जिलों के NHAI के अधिकारी,  CSC चैयरमेन तथा पांचों जिलों के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुरैना ज़िलें द्वारा की गई कार्यवाही और प्लानिंग की तारीफ की, m sand और रेत भंडारणों के माध्यम से रेत उपलब्ध करवाने को अच्छा बताया।
ग्रीन-एजी परियोजना अंतर्गत ग्रीन लैंडस्केप मेनेजमेंट प्लान पर पाँच दिवसीय कार्यशाला का आयोजन   
 
किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा संचालित ग्रीन-एजी परियोजना के अंतर्गत ग्रीन लैंडस्केप मेनेजमेंट प्लान (जीएलएमपी) के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पाँच दिवसीय कार्यशाला का आयोजन राज्य कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण संस्थान भोपाल में किया गया। कार्यशाला का आयोजन 13 से 17 जुलाई 2026 तक किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य ग्राम स्तर पर जीएलएमपी के प्रभावी क्रियान्वयन, प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर प्रबंधन तथा स्थानीय संस्थागत क्षमता को सुदृढ़ करना है।  
 कार्यशाला में एफएओ इंडिया के प्रतिनिधि श्री टाकायुकी हागीवारा ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होनें कार्यशाला में भाग लेने वाले प्रतिभागियों से प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन के सूत्र दिए। श्री टाका नुं जिलों से आए सीआरपी सदस्यों से जमीनी स्तर पर समुदायों के साथ मिलकर कार्य करते हुए ग्लोबल एन्वायरमेंट बेनिफिट के प्रति जागरूकता एवं चुनौतियों के समाधान की बात की। 
 पांच दिवसीय चलने वाली इस कार्यशाला में राष्ट्रीय परियोजना प्रबंधन इकाई नई दिल्ली, राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई भोपाल, ग्राम परिदृश्य क्रियान्वयन इकाई श्योपुर एवं मुरैना से तथा सीआरपी सदस्यों, विभागीय वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ, परियोजना अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।   
 इस कार्यशाला में (जीएलएमपी) के सफल क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय, स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी तथा वैज्ञानिक एवं सहभागी दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जीएलएमपी सतत कृषि को बढ़ावा देने, भूमि क्षरण को कम करने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा जैव विविधता संवर्धन के लक्ष्यों को प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

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वित्त नियंत्रक श्रीमती ललिता गर्ग ने किया मखमली खिलौना निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण

सेंट आरसेटी मुरैना द्वारा ग्राम विसंगपुर में 35 स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के लिए संचालित मखमली खिलौना निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण बुधवार को राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, मध्यप्रदेश की वित्त नियंत्रक श्रीमती ललिता गर्ग ने किया।  
 निरीक्षण के दौरान श्रीमती गर्ग ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं से संवाद स्थापित कर प्रशिक्षण की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से अब तक सिखाए गए विभिन्न विषयों पर चर्चा करते हुए प्रशिक्षण को गंभीरता और नियमितता के साथ पूरा करने के लिए प्रेरित किया।
 उन्होंने महिलाओं को स्व-रोजगार के अवसरों की पहचान करने, व्यवसाय की व्यवहारिक योजना तैयार करने तथा भविष्य में तैयार किए जाने वाले उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने उत्पादों की ब्रांडिंग, आकर्षक पैकेजिंग, उचित मूल्य निर्धारण और प्रभावी विपणन रणनीतियों के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
 इस अवसर पर जिला परियोजना प्रबंधक श्री दिनेश सिंह तोमर ने भी महिलाओं को स्व-सहायता समूहों की भूमिका, समूह संचालन, नियमित बचत, बैंक लिंकेज, वित्तीय अनुशासन तथा आजीविका संवर्धन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।  
 श्रीमती ललिता गर्ग एवं श्री दिनेश सिंह तोमर ने संयुक्त रूप से महिलाओं को प्रशिक्षण का पूर्ण लाभ उठाने, आत्मनिर्भर बनने तथा समूह आधारित स्वरोजगार गतिविधियों के माध्यम से अपनी आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।
 कार्यक्रम में सेंट आरसेटी मुरैना के फैकल्टी एवं प्रशिक्षण समन्वयक श्री सचिन बंसल, एनआरएलएम मुरैना के ब्लॉक मैनेजर श्री अमित राजपूत सहित अन्य अधिकारी एवं प्रशिक्षणार्थी महिलाएं उपस्थित रहीं।
मनरेगा के कार्यों का सामाजिक अंकेक्षण प्रारंभ, ग्राम पंचायतवार कैलेंडर जारी

वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान जिले की समस्त जनपद पंचायतों के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत कराए गए कार्यों का सामाजिक अंकेक्षण कराया जा रहा है। इस संबंध में कलेक्टर, मुरैना द्वारा ग्राम पंचायतवार सामाजिक अंकेक्षण कैलेंडर जारी किया गया है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत मुरैना श्री कमलेश कुमार भार्गव ने बताया कि ग्राम सामाजिक एनीमेटर (व्हीएसए) के माध्यम से ग्राम पंचायतों में सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया संचालित की जा रही है। शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक ग्राम पंचायत में सामाजिक अंकेक्षण विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मनरेगा के अंतर्गत संपादित कार्यों का परीक्षण एवं सत्यापन किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि विशेष ग्राम सभाओं के सुचारु संचालन हेतु कलेक्टर द्वारा नोडल अधिकारियों एवं कार्यवाही लेखन अधिकारियों का नामांकन किया गया है। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया है कि यदि कोई नामांकित अधिकारी ग्राम सभा में अनुपस्थित पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत द्वारा जिले की सभी ग्राम पंचायतों के सरपंचों, सचिवों एवं ग्राम रोजगार सहायकों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे सामाजिक अंकेक्षण दल को आवश्यक लेखा अभिलेख उपलब्ध कराएं, निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित कराएं तथा सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया में अपेक्षित सहयोग प्रदान करें।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सामाजिक अंकेक्षण प्रक्रिया में सहयोग नहीं करने अथवा लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिले में मनरेगा के सामाजिक अंकेक्षण कार्य का संचालन कलेक्टर के आदेशानुसार तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत मुरैना के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।

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उप जेल जौरा में लगाया गया एकीकृत स्वास्थ्य शिविर 

बंदियों की एचआईवी, सिफीलिस, टीबी एवं हेपेटाइटिस बी, सी की जांचें की गई

राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस कंट्रोल कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के आदेशानुसार सिविल हॉस्पिटल जौरा द्वारा विश्व हेपेटाइटिस दिवस के उपलक्ष्य में उप जेल जौरा में एकीकृत स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। मौके पर जेल के सहायक अधीक्षक श्री बीएल माहौर विशेष रूप से मौजूद रहे।  
 शिविर के दौरान 49 बंदियों की लेब टेक्नीशियन द्वारा एचआईवी, सिफीलिस, टीबी  एवं हेपेटाइटिस बी, सी की जांचें की गई। परामर्शदाता श्री संदीप सेंगर ने बंदियों को एचआईवी संक्रमण होने के चार कारणों को विस्तार से समझाया। वहीं एसटीएलएस श्री रणवीर गोयल द्वारा टीबी रोग के लक्षण एवं निदान पर चर्चा की गई। इस अवसर पर लेव टेक्नीशियन श्री अनिल सिंह, फार्मासिस्ट श्री आशुतोष दुबे, मुख्य प्रहरी श्री धर्मेन्द्र श्रीवास्तव, कोमल गुर्जर, छाया पचौरी, मंजुलता विश्वकर्मा आदि लोग मौजूद थे।

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मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. कैलाश जाटव ने मुरैना में सुनीं जनसमस्याएं

अधिकारियों के माध्यम से समस्याओं के निराकरण कराने का दिया आश्वासन

मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. कैलाश जाटव ने बुधवार को मुरैना प्रवास के दौरान सर्किट हाउस पहुंचकर अनुसूचित जाति वर्ग के नागरिकों की समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरतापूर्वक सुना। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों से संवाद करते हुए उनकी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की तथा संबंधित अधिकारियों के माध्यम से उनके त्वरित एवं प्रभावी निराकरण का आश्वासन दिया।

सर्किट हाउस में आयोजित सामाजिक संवाद कार्यक्रम के दौरान डॉ. जाटव ने अनुसूचित जाति वर्ग के नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, धार्मिक एवं सामाजिक बुद्धिजीवियों तथा विशिष्ट जनों से भेंट कर उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को जाना। इस अवसर पर उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों से शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा स्थानीय स्तर की समस्याओं के संबंध में सुझाव प्राप्त किए।

कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों ने अपनी-अपनी समस्याओं एवं अपेक्षाओं को आयोग के अध्यक्ष के समक्ष रखा। डॉ. जाटव ने सभी बिंदुओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए कहा कि प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक उत्थान तथा सशक्तिकरण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि शासन की मंशा समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। सामाजिक संवाद के माध्यम से समाज कीh वास्तविक समस्याओं को समझने तथा उनके समाधान की दिशा में प्रभावी एवं व्यावहारिक पहल करने का अवसर प्राप्त होता है। समाज के लोगों द्वारा दिए गए सुझावों एवं समस्याओं के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

डॉ. जाटव ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है कि अनुसूचित जाति वर्ग के प्रत्येक पात्र व्यक्ति को शासन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी एवं सुगम तरीके से प्राप्त हो सके। उन्होंने नागरिकों से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने तथा अन्य पात्र व्यक्तियों को भी इन योजनाओं से जोड़ने का आह्वान किया।

इस अवसर पर महापौर श्रीमती शारदा सोलंकी, समाजसेवी श्री कमलेश कुमार कुशवाह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव, जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग श्री सौरव राठौर, पूर्व महापौर श्री अशोक अर्गल, पूर्व मंत्री श्री मुंशीलाल, पूर्व विधायक श्री रघुराज सिंह कंषाना, श्री कमलेश जाटव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गुड्डी खटीक, श्री दिलीप पिप्पल सहित पार्षद, अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में अनुसूचित जाति वर्ग के नागरिक उपस्थित रहे।

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विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने जौरा में महिला पार्क का किया लोकार्पण

गांधी प्रतिमा का अनावरण एवं शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का किया भूमि पूजन

लगभग सवा करोड़ रुपये के विकास कार्यों की दी सौगात

मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने बुधवार को जौरा नगर पालिका परिषद द्वारा लगभग सवा करोड़ रुपये की लागत से कराए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने महिला पार्क का लोकार्पण, महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण तथा पंचबीघा क्षेत्र में निर्मित होने वाले शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का भूमि पूजन किया।

कार्यक्रम में सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर, पूर्व विधायक जौरा श्री सूबेदार सिंह रजौधा, समाजसेवी डॉ. योगेशपाल गुप्ता, श्री हमीर सिंह पटेल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जौरा श्री शुभम शर्मा सहित जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

गांधी पार्क में आयोजित कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अखिल माहेश्वरी तथा पूर्व विधायक श्री सूबेदार सिंह रजौधा ने महिला पार्क का लोकार्पण किया। इसी अवसर पर महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया गया। साथ ही पंचबीघा क्षेत्र में निर्मित किए जाने वाले शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का भूमि पूजन भी संपन्न हुआ।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि नगर पालिका परिषद जौरा द्वारा अध्यक्ष श्री अखिल माहेश्वरी के नेतृत्व में नगर के विकास एवं आधारभूत अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा क्षेत्र के समग्र विकास को गति देने के उद्देश्य से विभिन्न विकास परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि विकास कार्य केवल आधारभूत सुविधाओं के विस्तार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से नगर की सौंदर्यवृद्धि तथा नागरिकों की आवश्यकताओं की पूर्ति भी सुनिश्चित की जा रही है। शासन की मंशा के अनुरूप जनसुविधाओं का विस्तार एवं विकास कार्यों का लाभ आमजन तक पहुंचाना प्राथमिकता है।

इस अवसर पर सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अखिल माहेश्वरी तथा पूर्व विधायक श्री सूबेदार सिंह रजौधा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने जौरा नगर में संचालित विकास कार्यों तथा आगामी योजनाओं की जानकारी देते हुए क्षेत्र के समग्र विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत द्वितीय क्रेडिट आउटरीच कैंप आयोजित

1434 लंबित प्रकरणों एवं 389 विचाराधीन ऋण आवेदनों के त्वरित निराकरण हेतु किया गया विशेष प्रयास

कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को समयबद्ध एवं सुगम ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अग्रणी बैंक कार्यालय, मुरैना द्वारा जनपद पंचायत कैलारस में द्वितीय क्रेडिट आउटरीच कैंप का आयोजन किया गया।

शिविर का मुख्य उद्देश्य उन हितग्राहियों के ऋण प्रकरणों का पुनर्विचार करना था, जिनके आवेदन बैंक शाखाओं द्वारा संपर्क स्थापित नहीं हो पाने के कारण अस्वीकृत कर दिए गए थे। इसके साथ ही विभिन्न बैंक शाखाओं में लंबित विचाराधीन प्रकरणों के त्वरित निराकरण की दिशा में भी विशेष प्रयास किए गए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री राजन, एमएसएमई शाखा, डीएफओ ग्वालियर ने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना देश के पारंपरिक शिल्पकारों एवं कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी एवं दूरदर्शी पहल है। उन्होंने बैंक अधिकारियों से पात्र हितग्राहियों के ऋण प्रकरणों का शीघ्र, पारदर्शी एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने का आह्वान किया, जिससे अधिकाधिक लाभार्थी योजना का लाभ प्राप्त कर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

इस अवसर पर ग्रामोद्योग अधिकारी श्री जगदीश यादव, अग्रणी जिला प्रबंधक मुरैना श्री सिद्धार्थ कुमार सहित कैलारस, पहाड़गढ़ एवं सबलगढ़ क्षेत्र के अनेक आवेदक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत ऋण स्वीकृत होने वाले पात्र हितग्राहियों को मुख्य अतिथि श्री राजन द्वारा ऋण स्वीकृति एवं संवितरण पत्र प्रदान किए गए। लाभार्थियों ने योजना के माध्यम से प्राप्त वित्तीय सहयोग के लिए भारत सरकार, जिला प्रशासन एवं बैंकिंग तंत्र के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्य अतिथि ने हितग्राहियों को ऋण राशि का सदुपयोग करते हुए अपने पारंपरिक व्यवसाय को सुदृढ़ बनाने तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर अग्रसर रहने के लिए प्रेरित किया।

शिविर में जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत जिले के 1434 ऐसे पंजीकृत आवेदकों, जिनके ऋण आवेदन बैंक शाखाओं द्वारा संपर्क स्थापित नहीं हो पाने के कारण अस्वीकृत कर दिए गए थे, उनके प्रकरणों के पुनर्विचार की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। इसके अतिरिक्त 389 विचाराधीन ऋण प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण हेतु संबंधित बैंक शाखाओं एवं विभागीय अधिकारियों के साथ समन्वित प्रयास किए गए।

शिविर के दौरान विभिन्न बैंक शाखाओं के शाखा प्रबंधकों ने हितग्राहियों से सीधे संवाद स्थापित कर आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण किया तथा पात्र आवेदनों के शीघ्र अनुमोदन का आश्वासन दिया। शिविर में कुल 150 विश्वकर्मा हितग्राहियों ने सहभागिता की, जिनमें से 90 आवेदनों पर पुनर्विचार किया गया तथा 16 हितग्राहियों को ऋण संवितरण पत्र प्रदान किए गए। शेष आवेदकों को आगामी प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए एक से दो दिवस के भीतर संबंधित बैंक शाखा में उपस्थित होने की सलाह दी गई।

अग्रणी जिला प्रबंधक श्री सिद्धार्थ कुमार ने कहा कि ऐसे क्रेडिट आउटरीच कैंपों का उद्देश्य पात्र हितग्राहियों तक बैंकिंग सेवाओं की सहज एवं प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी बैंक शाखाओं से निर्देशानुसार लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने तथा प्रत्येक पात्र लाभार्थी को योजना का लाभ उपलब्ध कराने का आग्रह किया।

शिविर के दौरान बड़ी संख्या में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों ने सहभागिता कर बैंक अधिकारियों एवं विभागीय प्रतिनिधियों से ऋण प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों तथा योजना के विभिन्न प्रावधानों एवं सुविधाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के माध्यम से अनेक लंबित प्रकरणों का मौके पर ही समाधान किया गया तथा शेष प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ की गई।

अंत में ग्रामोद्योग अधिकारी श्री जगदीश यादव ने सभी हितग्राहियों, बैंक अधिकारियों एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए योजना के महत्व पर प्रकाश डाला तथा शिविर का समापन किया।

यह क्रेडिट आउटरीच कैंप प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, बैंकिंग सेवाओं की सुलभता तथा जिले के पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पकारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय पहल सिद्ध हुआ।

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मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. कैलाश जाटव ने कन्या छात्रावासों का किया निरीक्षण

छात्राओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए व्यवस्थाओं की समीक्षा, आवश्यक सुधार के दिए निर्देश

छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आरओ को सामान्य उपयोग स्थलों पर स्थापित करने के निर्देश

मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. कैलाश जाटव ने बुधवार को मुरैना शहर स्थित विभिन्न कन्या छात्रावासों का निरीक्षण कर छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही आवासीय, शैक्षणिक एवं मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने छात्राओं से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं एवं सुझावों की जानकारी प्राप्त की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिला संयोजक, आदिम जाति कल्याण विभाग श्री सौरभ सिंह राठौर, समाजसेवी श्री दिलीप पिप्पल सहित विभागीय अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

अध्यक्ष डॉ. जाटव ने सर्वप्रथम गणेशपुरा स्थित शासकीय जूनियर कन्या छात्रावास (100 सीटर) का निरीक्षण किया। उन्होंने छात्रावास की व्यवस्थाओं, भोजन कक्ष, स्टॉक रजिस्टर एवं अन्य अभिलेखों का अवलोकन किया तथा छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्हें अवगत कराया गया कि छात्रावास में नवीन प्रवेश प्रक्रिया जारी है।

इसके उपरांत उन्होंने शासकीय सीनियर कन्या छात्रावास, गणेशपुरा (50 सीटर) का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने छात्रावास के कमरों, बिस्तरों, स्टॉक रजिस्टर एवं अध्ययन सामग्री का अवलोकन किया तथा छात्राओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।

अध्यक्ष डॉ. जाटव ने संभागीय कन्या छात्रावास, गणेशपुरा का निरीक्षण कर रसोई व्यवस्था, राशन सामग्री, अभिलेखों एवं छात्राओं की उपस्थिति संबंधी व्यवस्थाओं का परीक्षण किया तथा छात्रावास संचालन से संबंधित आवश्यक जानकारियां प्राप्त कीं।

इसके पश्चात उन्होंने शासकीय महाविद्यालयीन कन्या छात्रावास, व्हीआईपी रोड, मुरैना का निरीक्षण किया। इस दौरान छात्राओं ने भोजन व्यवस्था, फर्नीचर एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं से संबंधित सुझाव प्रस्तुत किए, जिन पर अध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अध्यक्ष डॉ. जाटव ने कहा कि शासन छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है तथा छात्रावासों में उपलब्ध संसाधनों एवं व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने छात्राओं से मन लगाकर अध्ययन करने तथा अपने जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का आह्वान किया।

उन्होंने निर्देश दिए कि छात्राओं की सुविधा एवं स्वच्छ पेयजल की सुगम उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए छात्रावासों में आरओ मशीनों को ऐसे स्थानों पर स्थापित किया जाए, जहां सभी छात्राएं आसानी से उनका उपयोग कर सकें।

अध्यक्ष डॉ. जाटव ने वार्ड क्रमांक-29 स्थित अंबेडकर पार्क पहुंचकर नागरिकों से सामाजिक संवाद भी किया। उन्होंने स्थानीय नागरिकों की समस्याएं एवं सुझाव सुने तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस अवसर पर उन्होंने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा करते हुए डॉ. जाटव ने कहा कि मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग अनुसूचित जाति वर्ग के हितों के संरक्षण, संवर्धन एवं उनके अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाएगा तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

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समयबद्ध रोड रेस्टोरेशन एवं जनप्रतिनिधियों से समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश

नगर निगम मुरैना के आयुक्त श्री सत्येन्द्र सिंह धाकरे ने वार्ड क्रमांक 29 स्थित मनोहर नगर क्षेत्र का भ्रमण कर प्रगतिरत परियोजना कार्यों का निरीक्षण किया तथा कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति का जायजा लिया। 
 निरीक्षण के दौरान आयुक्त श्री धाकरे ने संबंधित संविदाकार को निर्देश दिए कि सड़क खुदाई के उपरांत रोड रेस्टोरेशन का कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों से निरंतर समन्वय बनाए रखते हुए कार्य किया जाए, जिससे विकास कार्यों का प्रभावी एवं सुचारु संचालन सुनिश्चित हो सके। इस अवसर पर स्थानीय निकाय के जनप्रतिनिधियों, नगर निगम के अधिकारियों तथा मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी की सामुदायिक विकास अधिकारी सुश्री सोनिका शर्मा सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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आगामी जनगणना कार्य को सुव्यवस्थित, सटीक एवं प्रभावी ढंग से संपादित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में जनगणना संबंधी डीएलएच एवं बी-हैंडबुक के विषय में पटवारियों तथा नगरीय निकायों के फील्ड स्तरीय अधिकारियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम पुरानी जिला पंचायत सभागार, मुरैना में आयोजित किया जा रहा है।
भोपाल से आए मास्टर ट्रेनर्स एवं प्रशिक्षण अधिकारियों द्वारा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 8 जुलाई से 20 जुलाई 2026 तक संचालित किया जा रहा है। जिला सूचना विज्ञान अधिकारी श्री सुनील त्यागी के मार्गदर्शन में प्रतिभागी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनगणना कार्य से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं, प्रपत्रों, अभिलेखों एवं निर्धारित दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनगणना कार्य के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं, आंकड़ों के संकलन, अभिलेखों के संधारण तथा फील्ड स्तर पर किए जाने वाले कार्यों के संबंध में व्यवहारिक एवं तकनीकी जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे आगामी जनगणना कार्य को प्रभावी एवं त्रुटिरहित ढंग से संपादित किया जा सके।
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जब मेहनत पर बरसी आफत, तब प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना बनी किसान श्री संजय सिंह का संबल

अतिवृष्टि ने छीनी खेतों की हरियाली, बीमा दावा राशि ने लौटाया भरोसा और नई शुरुआत का साहस

किसान के लिए उसकी फसल केवल अनाज नहीं होती, बल्कि उसके परिवार की उम्मीदें, बच्चों के सपने और पूरे वर्ष की आजीविका का आधार होती है। खेत में लहलहाती फसल देखकर किसान भविष्य के सुनहरे सपने बुनता है, लेकिन जब प्रकृति अचानक करवट बदल लेती है, तो उसकी वर्षों की मेहनत कुछ ही दिनों में मिट्टी में मिल जाती है। ऐसे ही कठिन दौर से गुजरे मुरैना जिले की पोरसा तहसील के ग्राम रजौधा निवासी किसान श्री संजय सिंह, जिनके लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना संकट की घड़ी में एक मजबूत सहारा बनकर सामने आई।

वर्ष 2025-26 में हुई अतिवृष्टि और जलभराव ने श्री संजय सिंह के खेतों में खड़ी फसल को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। जिन खेतों में कुछ समय पहले तक हरियाली लहरा रही थी, वहां पानी भर गया और देखते ही देखते पूरी फसल नष्ट हो गई। अपनी आंखों के सामने महीनों की मेहनत को बर्बाद होते देख वे गहरे आर्थिक और मानसिक संकट में आ गए। उन्हें चिंता सताने लगी कि अब परिवार का खर्च कैसे चलेगा और अगली फसल की तैयारी के लिए संसाधन कहां से जुटेंगे।

इसी मुश्किल समय में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना उनके लिए उम्मीद की नई किरण बनकर आई। योजना के अंतर्गत उन्हें 50 हजार रुपये की दावा राशि प्राप्त हुई। 

श्री संजय सिंह बताते हैं कि यदि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ नहीं मिलता, तो फसल नुकसान से उबरना उनके लिए बेहद कठिन हो जाता। उनका कहना है कि यह योजना किसानों को केवल आर्थिक सुरक्षा ही नहीं देती, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में उन्हें मानसिक संबल और आगे बढ़ने का साहस भी प्रदान करती है। वे अन्य किसानों से भी आग्रह करते हैं कि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले संभावित नुकसान से बचाव के लिए अपनी फसलों का बीमा समय पर अवश्य कराएं।

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जनगणना संबंधी डीएलएच एवं बी-हैंडबुक के लिए पटवारियों एवं नगरीय निकायों के फील्ड स्तरीय अधिकारियों का प्रशिक्षण जारी

आगामी जनगणना कार्य को सुव्यवस्थित, सटीक एवं प्रभावी ढंग से संपादित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में जनगणना संबंधी डीएलएच एवं बी-हैंडबुक के विषय में पटवारियों तथा नगरीय निकायों के फील्ड स्तरीय अधिकारियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम पुरानी जिला पंचायत सभागार, मुरैना में आयोजित किया जा रहा है।
भोपाल से आए मास्टर ट्रेनर्स एवं प्रशिक्षण अधिकारियों द्वारा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 8 जुलाई से 20 जुलाई 2026 तक संचालित किया जा रहा है। जिला सूचना विज्ञान अधिकारी श्री सुनील त्यागी के मार्गदर्शन में प्रतिभागी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनगणना कार्य से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं, प्रपत्रों, अभिलेखों एवं निर्धारित दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनगणना कार्य के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं, आंकड़ों के संकलन, अभिलेखों के संधारण तथा फील्ड स्तर पर किए जाने वाले कार्यों के संबंध में व्यवहारिक एवं तकनीकी जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे आगामी जनगणना कार्य को प्रभावी एवं त्रुटिरहित ढंग से संपादित किया जा सके।

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जब बारिश ने छीन ली किसान की मेहनत, तब प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना बनी श्री हरि कृष्ण शर्मा का सहारा

36 हजार 700 रुपये की दावा राशि ने टूटते हौसलों को दिया संबल, फिर से शुरू हुई नई उम्मीदों के साथ खेती की तैयारी

किसान पूरे वर्ष अपनी फसल को संतान की तरह सहेजता है। खेत में बोए गए हर बीज के साथ वह बेहतर भविष्य और परिवार की खुशहाली के सपने भी बोता है। लेकिन जब प्राकृतिक आपदाएं उसकी मेहनत पर पानी फेर देती हैं, तब उसकी सबसे बड़ी चिंता परिवार और खेती को दोबारा संभालने की होती है। ऐसे ही कठिन समय में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना मुरैना जिले के कैलारस विकासखंड के ग्राम चौढ़ेरा, ग्राम पंचायत कोढ़ेरा निवासी किसान श्री हरि कृष्ण शर्मा के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई।

वर्ष 2025-26 के दौरान जिले में हुई अत्यधिक वर्षा और जलभराव ने श्री शर्मा की बाजरे की फसल को गंभीर नुकसान पहुंचाया। जिस फसल से उन्हें परिवार की जरूरतें पूरी करने और आगामी खेती की तैयारियों की उम्मीद थी, वह देखते ही देखते नष्ट हो गई। फसल खराब होने के बाद उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया और भविष्य को लेकर चिंता बढ़ने लगी।

किन्तु प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत फसल का बीमा होने के कारण उन्हें 36 हजार 700 रुपये की दावा राशि प्राप्त हुई। यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं थी, बल्कि उनके टूटते मनोबल को संभालने और दोबारा खेती की तैयारी करने का विश्वास भी थी। इस सहायता से उन्हें आर्थिक राहत मिली और वे आगामी कृषि कार्यों की तैयारियों में पुनः जुट सके।

श्री हरि कृष्ण शर्मा बताते हैं कि यदि उन्होंने अपनी फसल का बीमा नहीं कराया होता, तो नुकसान की भरपाई करना उनके लिए अत्यंत कठिन होता। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ने संकट की घड़ी में उनके परिवार को सहारा दिया और उन्हें दोबारा खड़े होने की ताकत प्रदान की।

वे जिले के अन्य किसानों से भी अपील करते हैं कि वे अपनी फसलों का समय पर बीमा अवश्य कराएं, ताकि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की स्थिति में उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्राप्त हो सके और कठिन समय में उन्हें किसी प्रकार की आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्राकृतिक आपदाओं, अतिवृष्टि, सूखा, ओलावृष्टि तथा अन्य जोखिमों से प्रभावित किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही है। यह योजना केवल फसल का बीमा नहीं, बल्कि किसानों के सपनों, मेहनत और भविष्य को सुरक्षित करने का माध्यम बन रही है।

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राज्य स्तरीय राज पुरस्कार स्काउट-गाइड, रोवर-रेंजर जांच शिविर का सफलतापूर्वक समापन

भारत स्काउट एवं गाइड, मध्य प्रदेश द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय राज पुरस्कार स्काउट-गाइड, रोवर-रेंजर जांच शिविर का आयोजन 6 जुलाई 2026 से 10 जुलाई 2026 तक संभागीय शासकीय ज्ञानोदय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महाराजपुर, मुरैना में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। पांच दिवसीय इस राज्य स्तरीय शिविर में मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए स्काउट, गाइड, रोवर, रेंजर एवं यूनिट लीडरों सहित कुल 110 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा विभिन्न मूल्यांकन परीक्षाओं में सहभागिता की। शिविर के समापन अवसर पर आयोजित भव्य ग्राउंड कैम्प फायर कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।  
 कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नगर निगम मुरैना की महापौर श्रीमती शारदा सोलंकी थीं, जबकि अध्यक्षता जिला पंचायत मुरैना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कमलेश कुमार भार्गव ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रदेश उपाध्यक्ष, स्काउट-गाइड मध्य प्रदेश श्री ओ.पी. गुप्ता उपस्थित रहे।
 शिविर का संचालन सहायक राज्य संगठन आयुक्त श्री मनोज पटेल (इंदौर) एवं जिला संगठन आयुक्त (स्काउट) तथा रोवर लीडर श्री मुकेश कुशवाह के कुशल निर्देशन में किया गया। जिला संगठन आयुक्त स्काउट छिंदवाड़ा श्री नरेंद्र शर्मा, श्री जितेंद्र मंडलोई (देवास), श्रीमती कीर्ति भदौरिया एवं श्रीमती रेखा भदौरिया (भिंड) के नेतृत्व में समस्त गतिविधियां अनुशासित, व्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुईं। सहयोगी अधिकारियों ने जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं सुचारु रूप से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।  
 शिविर में प्रतिभागियों की स्काउटिंग एवं गाइडिंग से संबंधित विभिन्न दक्षताओं, नेतृत्व क्षमता, सेवा भावना, प्राथमिक उपचार, गांठें एवं बंधन, मानचित्र अध्ययन, शिविर कौशल, ध्वज शिष्टाचार, सामूहिक जीवन, अनुशासन तथा अन्य विषयों पर व्यावहारिक, लिखित एवं मौखिक परीक्षाएं आयोजित की गईं। इन परीक्षाओं के माध्यम से प्रतिभागियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यक्तित्व का समग्र मूल्यांकन किया गया।
 मुख्य अतिथि श्रीमती शारदा सोलंकी ने कहा कि स्काउट-गाइड आंदोलन युवाओं में अनुशासन, सेवा, नेतृत्व एवं राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम है।  
 कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री कमलेश कुमार भार्गव ने कहा कि ऐसे शिविर युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा समाज को समर्पित नागरिक तैयार करते हैं। समापन कार्यक्रम में सहायक राज्य संगठन आयुक्त स्काउट, ग्वालियर संभाग श्री शंकर सिंह, जिला सचिव श्री शेखर सिंह यादव, आयुक्त (कब) श्री राकेश कुमार शर्मा, जिला संघ वित्त समिति सदस्य एवं तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के संभागीय अध्यक्ष श्री रामनरेश डण्डोतिया, श्री अतर सिंह राजपूत, श्री सीताराम गुर्जर, श्री हरेन्द्र कुमार दीक्षित, श्री नवनीत धाकड़, श्रीमती बेटी बाई बांदिल एवं श्रीमती सारिका चतुर्वेदी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। पांच दिवसीय यह राज्य स्तरीय आयोजन अनुशासन, सेवा, सहयोग एवं उत्कृष्ट व्यवस्थाओं के कारण प्रतिभागियों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव सिद्ध हुआ। कार्यक्रम के पश्चात सभी अतिथियों एवं स्काउट-गाइड सदस्यों द्वारा परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया।

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नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, मुरैना की प्रथम छमाही बैठक संपन्न

राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सभी सदस्य कार्यालयों से सक्रिय सहभागिता का आह्वान

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), मुरैना की प्रथम छमाही बैठक का आयोजन 10 जुलाई 2026 को पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय, मुरैना में किया गया। बैठक की अध्यक्षता अग्रणी जिला प्रबंधक श्री सिद्धार्थ कुमार द्वारा की गई, जबकि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री नरेन्द्र सिंह मेहरा, उप-निदेशक, राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार एवं क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय (मध्य) रहे।              
 बैठक में नगर मुरैना स्थित केन्द्र सरकार के सभी सदस्य कार्यालयों के कार्यालयाध्यक्षों एवं राजभाषा प्रभारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के बढ़ते प्रयोग तथा सदस्य कार्यालयों के मध्य समन्वय एवं श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।       
 कार्यक्रम में श्री उमा शंकर, उप महाप्रबंधक, गेल (इंडिया) लिमिटेड, श्री रौशन कुमार, सहायक महाप्रबंधक, सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया, मुरैना शाखा, श्री हंसराज सैनी, प्राचार्य, पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय, मुरैना तथा श्रीमती वंदना कुलश्रेष्ठ, प्राचार्य, पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, मुरैना सहित अनेक गणमान्य अधिकारी उपस्थित रहे।  
 पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय, मुरैना के विद्यार्थियों ने मुख्य अतिथि का कागज से निर्मित पर्यावरण-अनुकूल पुष्पगुच्छ भेंट कर अपनी रचनात्मक प्रतिभा एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का प्रभावशाली परिचय दिया। विद्यार्थियों की इस अभिनव पहल की सभी अतिथियों ने मुक्तकंठ से सराहना की।
 बैठक के दौरान पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, मुरैना द्वारा प्रकाशित विद्यालय पत्रिका का मुख्य अतिथि एवं मंचासीन अतिथियों के करकमलों से विधिवत विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर पत्रिका के माध्यम से विद्यार्थियों की साहित्यिक, भाषायी एवं सृजनात्मक अभिव्यक्तियों की सराहना की गई।  
 अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि श्री नरेन्द्र सिंह मेहरा ने राजभाषा हिंदी के संवैधानिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राजभाषा का प्रभावी क्रियान्वयन केवल वैधानिक दायित्व नहीं, बल्कि प्रशासनिक दक्षता, सुशासन एवं जनसंपर्क को सुदृढ़ बनाने का प्रभावी माध्यम भी है। उन्होंने सभी सदस्य कार्यालयों से राजभाषा संबंधी वार्षिक कार्यक्रमों एवं निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करते हुए कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग को और अधिक प्रोत्साहित करने का आह्वान किया। 
 अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री सिद्धार्थ कुमार ने सभी सदस्य कार्यालयों द्वारा राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं कार्यान्वयन के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समन्वित एवं सतत प्रयासों से राजभाषा के उद्देश्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने सभी कार्यालयों से आपसी सहयोग एवं अनुभवों के आदान-प्रदान के माध्यम से राजभाषा कार्यान्वयन को नई गति प्रदान करने का आग्रह किया। बैठक का समापन राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति सभी सदस्य कार्यालयों की प्रतिबद्धता दोहराने तथा भविष्य में समन्वित प्रयासों के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।

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जब प्रकृति ने ली कठिन परीक्षा, तब प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना बनी किसान श्री गजेन्द्र सिंह यादव का संबल

फसल क्षति के बाद प्राप्त 14,900 रुपये की दावा राशि से मिली नई ऊर्जा, फिर शुरू हुई अगली फसल की तैयारी

किसानों की आजीविका का आधार खेती है और खेती का भविष्य काफी हद तक मौसम की अनिश्चितताओं पर निर्भर करता है। ऐसे में प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाली फसल क्षति किसानों के सामने आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की चुनौतियां खड़ी कर देती है। ऐसे कठिन समय में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच बनकर उभर रही है। मुरैना जिले की तहसील कैलारस के ग्राम रिठौनिया निवासी किसान श्री गजेन्द्र सिंह यादव की कहानी इसका प्रेरक उदाहरण है।

वर्ष 2025-26 में अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव के कारण श्री गजेन्द्र सिंह यादव की बाजरे की फसल पूरी तरह प्रभावित हो गई। फसल नष्ट होने से उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा और आगामी कृषि कार्यों को लेकर भी चिंता बढ़ गई। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ने उन्हें संबल प्रदान किया। योजना के अंतर्गत उन्हें 14,900 रुपये की दावा राशि प्राप्त हुई, जिससे फसल क्षति की आंशिक भरपाई संभव हो सकी और उन्होंने समय पर अगली फसल की तैयारी भी प्रारंभ कर दी।

श्री गजेन्द्र सिंह यादव बताते हैं कि यदि उन्हें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ नहीं मिलता, तो नुकसान से उबरना काफी कठिन हो सकता था। उनके अनुसार इस योजना ने केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दी, बल्कि कठिन परिस्थितियों में आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी प्रदान किया। वे अन्य किसानों से भी अपील करते हैं कि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले संभावित नुकसान से सुरक्षा के लिए समय पर अपनी फसलों का बीमा अवश्य कराएं।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्राकृतिक आपदाओं, अतिवृष्टि, बाढ़, जलभराव एवं अन्य प्रतिकूल मौसमीय परिस्थितियों से होने वाली फसल क्षति की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। यह योजना किसानों की आय को सुरक्षित रखने, कृषि जोखिम को कम करने तथा उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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मुरैना जिले की औसत वर्षा 706.9 मि.मी., 

10 जुलाई को 1.3 मि.मी. बारिश दर्ज

जिले में 10 जुलाई को औसतन 1.3 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई। भू-अभिलेख एवं भू-संसाधन प्रबंधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून 2026 से 10 जुलाई 2026 तक जिले में कुल औसत 126.1 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई है। जिले की सामान्य औसत वर्षा 706.9 मि.मी. है।
वर्षामापी केन्द्रों के अनुसार जौरा में सर्वाधिक 6 मि.मी. तथा मुरैना में 2 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई। पोरसा, अम्बाह, कैलारस और सबलगढ़ में वर्षा नहीं हुई।
1 जून से 10 जुलाई 2026 तक अम्बाह में 152.5 मि.मी., कैलारस में 156 मि.मी., जौरा में 220 मि.मी., मुरैना में 83.4 मि.मी., सबलगढ़ में 81 मि.मी. तथा पोरसा में 64 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई है।
गत वर्ष इसी अवधि में जिले में औसतन 356.9 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई थी, जबकि 10 जुलाई 2025 को औसतन 6.5 मि.मी. वर्षा हुई थी।

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अम्बाह तहसील के ग्राम रुअर निवासी किसान श्री रघुराज सिंह को अतिवृष्टि से फसल नुकसान होने पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 5 हजार रुपये की दावा राशि मिली।

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