*नेपाल से होकर बहने वाली नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि से बाल्मीकि नगर बैराज पर दबाव बढ़ाने की संभावना*
*संध्या 04:00 बजे 1.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है
बाल्मीकि नगर बैराज से*
*जिलाधिकारी ने मीडिया के साथ वार्ता कर दी जानकारी*
नेपाल से होकर बहने वाली नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि से बाल्मीकि नगर बैराज पर पानी का दबाव बढ़ गया है। बाल्मीकि नगर बैराज से अधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने पर गंडक नदी के जलस्तर में भी वृद्धि की संभावना है।
जिलाधिकारी के द्वारा समाहरणालय स्थित एनआईसी में मीडिया से वार्ता के दौरान बताया गया कि गंडक नदी से जुड़े हुए अरेराज,पहाड़पुर संग्रामपुर और केसरिया अंचल के लिए अलर्ट जारी किया गया है। आपदा प्रबंधन शाखा के साथ-साथ बाढ़ प्रमंडल मोतिहारी के अभियंता एवं स्थानीय पदाधिकारी के साथ साथ सभी थानों अलर्ट मोड में किया गया है। सभी पदाधिकारी की छुट्टी रद्द कर दी गई है एवं मुख्यालय एवं क्षेत्र में बने रहने का निर्देश दिया गया है।
जिलाधिकारी के द्वारा बताया गया है कि नदी में अचानक पानी बढ़ने से पानी के फैलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। इसको लेकर सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे है।
जिलाधिकारी के द्वारा बताया गया कि गंडक तटबंध सहित निचले इलाकों में लोगों को जागरूक करने के लिए माइकिंग करा कर लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया गया है। लोगों को निचले इलाकों में अनावश्यक रूप से जाने की मनाही की जा रही है, साथ ही साथ मवेशी को भी खुले में नहीं छोड़ने की अपील की जा रही है।
चारों अंचल के अंचल अधिकारी एवं थाना प्रभारी को सभी जरूरी व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि चिन्हित किए गए शरण स्थल पर मुकम्मल व्यवस्था रखने का निर्देश दिया गयाहै।एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीम को लगातार पेट्रोलिंग करने का निर्देश दिया गया है। सिविल सर्जन और जिला पशुपालन पदाधिकारी को सभी जरूरी मेडिसिन के साथ मेडिकल टीम चिन्हित स्थानों पर प्रतिनियुक्त करने का निर्देश दिया गया है।
जिला पंचायत राज पदाधिकारी को संबंधित प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी के साथ बैठक कर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ ग्रामीण स्तर पर बैठक कर लेने का निर्देश दिया गया है ताकि क्षेत्र में लोग जल्द से जल्द जागरूक हो सकें।
जिलाधिकारी के द्वारा निर्देश दिया गया है कि बाढ़ के अवसर पर की जाने वाली सभी तैयारियों की मुकम्मल व्यवस्था की जाए परंतु यह ध्यान दिया जाए कि किसी भी परिस्थिति में लोग पैनिक नहीं हो।
जिलाधिकारी के द्वारा बताया गया की बाढ़ से निपटने हेतु सभी आवश्यक संसाधन जिला को उपलब्ध है जिसमें चार सरकारी नाव ,165 निजी नाव, 07 मोटर बोट, 25281 पॉलिथीन सीट, 436 लाइफ जैकेट, 01 इनफ्लैटेबल लाइटिंग सिस्टम,04 जीपीएस सेट, चिन्हित किए गए 244 शरण स्थली एवं सामुदायिक रसोई केंद्र, एनडीआरएफ की एक टीम और एसडीआरएफ की एक टीम जिला में मौजूद है। एनडीआरएफ की टीम को अरेराज संग्रामपुर के लिए लगाया गया है जबकि एसडीआरएफ की टीम को केसरिया के लिए डेप्युट किया गया है।
मीडिया के माध्यम से जिलाधिकारी ने निचले इलाकों में रह रहे लोगों से अपील की है कि लोग जागरुक और सतर्क रहें, वर्तमान स्थिति में पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है।
प्रेस वार्ता से निकलने के बाद जिलाधिकारी ने आपातकालीन संचालन केंद्र का भी निरीक्षण किया और वहां के कार्य को देखा। जिला आपातकालीन संचालन केंद्र 24 घंटे 06252- 242418 पर क्रियाशील है जिस पर आपदा से संबंधित कोई भी सूचना दी जा सकती है। प्रेस वार्ता में अपर समाहर्ता पूर्वी चंपारण श्री मुकेश कुमार सिन्हा की उपस्थित थे।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar Disaster Management Department Govt. of Bihar