तेघड़ा विधायक रजनीश कुमार के बाद अब बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और बछवाड़ा विधायक सुरेंद्र मेहता चर्चा में है। गौरतलब हो दियारा का पांच पंचायत बाढ़ जैसी विभीषिकाओं से जूझ रहा है और इससे निपटने के लिए सरकारी स्तर पर लगातार चर्चाएं चल रहे हैं। इसी दौरान सोमवार को बछवाड़ा विधायक सुरेंद्र मेहता दियारा क्षेत्र के प्रभावित हिस्सों का जायजा कर प्रखंड मुख्यालय बछवाड़ा पहुंचे। जहां वह अंचलाधिकारी के कुर्सी पर बैठे नजर आए। इसी दौरान राजद के शिष्टमंडल युवा राजद प्रदेश उपाध्यक्ष कुमार रुपेश यादव, जिला प्रवक्ता श्याम प्रसाद दास, प्रखंड अध्यक्ष सुनील यादव और युवा नेता दिलीप यादव बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं और दियारा क्षेत्र को बाढ़ घोषित करने को लेकर मांग पत्र सौंपने पहुंचे। वहां चमथा एक पंचायत के मुखिया संजय दास भी थे। जिन्होंने अंचलाधिकारी की कुर्सी पर विधायक सुरेंद्र मेहता को बैठे हुए देखा। शिष्टमंडलों ने विधायक सुरेंद्र मेहता और अंचलाधिकारी प्रीतम गौतम को समस्याओं से अवगत कराकर मांग पत्र सौंपा। इसके बाद बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और विधायक सुरेंद्र मेहता की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और प्रशासनिक नियमों को लेकर राजनीतिक गरमा गई। राजद प्रखंड अध्यक्ष सुनील यादव ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि सत्ताधारी लोगों को हर एक नियम-कायदे के उल्लंघन करने का छूट मिला हुआ और खुले तौर पर प्रशासनिक अधिकारियों को नीचे दिखाने का काम किया जा रहा है। अधिकारियों की कुर्सियों पर विधायक बैठते हैं, जो शासन और प्रशासन की मर्यादाओं को सीधे तौर पर हनन करती है। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार और विधायक प्रशासनिक अधिकारियों को तहरीज नहीं देते हैं। साथ ही साथ क्षेत्र में जन समस्याओं को दरकिनार कर बाढ़ पीड़ितों को जिंदगी और मौत से जूझने के हालात पर छोड़ रखे हैं। प्रशासनिक नियमों के अनुसार सीओ, बीडीओ की मुख्य कुर्सी पर केवल पदस्थापित पदाधिकारी ही बैठ सकते हैं। यदि सांसद, विधायक या अन्य जनप्रतिनिधि कार्यालय पहुंचते हैं तो आमतौर पर बगल के कुर्सी पर बैठते हैं।
Bachhwara, Begusarai | Sep 8, 2026