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राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी के मुख्य आतिथ्य में विश्व सिकल सेल दिवस 2026 के अवसर पर ओंकारेश्वर, जिला खण्डवा में आयोजित 'राज्य स्तरीय कार्यक्रम'

@rashtrapatibhvn

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी के मुख्य आतिथ्य में विश्व सिकल सेल दिवस 2026 के अवसर पर ओंकारेश्वर, जिला खण्डवा में आयोजित 'राज्य स्तरीय कार्यक्रम' @rashtrapatibhvn

Khandwa, Madhya Pradesh | Jun 19, 2026

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने "विश्व सिकलसेल दिवस" कार्यक्रम में प्रदर्शनी का अवलोकन किया
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मध्यप्रदेश में सिकलसेल उन्मूलन के प्रयासों की सराहना की
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राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने अपने 5 दिवसीय मध्यप्रदेश प्रवास के दौरान शुक्रवार को खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन 2047 के अंतर्गत आयोजित विश्व सिकलसेल दिवस-2026 के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, आयुष विभाग मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, जनजातीय कार्य विभाग मंत्री श्री विजय शाह, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग राज्य मंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, खंडवा जिले के प्रभारी मंत्री श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, सांसद श्री ज्ञानेश्वर पाटिल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और सिकलसेल उन्मूलन मित्र उपस्थित थे।
          प्रदर्शनी के अवलोकन के दौरान राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने सिकलसेल उन्मूलन मिशन-2047 के तहत मध्यप्रदेश में किए जा रहे कार्यों, नवाचारों एवं जन-जागरूकता अभियानों की जानकारी ली। उन्होंने सिकलसेल रोग की रोकथाम, समय पर जांच, उपचार तथा प्रभावित परिवारों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
          प्रदर्शनी में चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा आयुष विभाग द्वारा सिकलसेल रोग की पहचान, उपचार, परामर्श, जागरूकता अभियान तथा बचाव संबंधी उपायों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया।  अधिकारियों ने राष्ट्रपति को मिशन के अंतर्गत चलाए जा रहे स्क्रीनिंग अभियान, जेनेटिक काउंसिलिंग, निःशुल्क उपचार व्यवस्था, सिकलसेल मोबाइल एप एवं पोर्टल एवं रोग उन्मूलन की कार्ययोजना की जानकारी दी।
    जनजातीय कार्य विभाग एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा प्रदर्शनी में जनजातीय अंचलों में संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट की सेवाओं, सिकलसेल रोगियों के लिए उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं,  अनुसूचित जाति राहत योजना तथा विभाग की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रदर्शन किया गया। राष्ट्रपति ने इन प्रयासों की जानकारी लेकर उनकी उपयोगिता की सराहना की।
         इसी प्रकार महिला एवं बाल विकास विभाग ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना, वन स्टॉप सेंटर, पोषण आहार, महिला हेल्पलाइन-181 सहित महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदर्शनी के माध्यम से प्रस्तुत की। राष्ट्रपति ने इन योजनाओं के माध्यम से समाज के कमजोर वर्गों तक पहुंचाई जा रही सेवाओं की भी प्रशंसा की।
        प्रदर्शनी के अवलोकन के दौरान राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों से संवाद कर उनके कार्यों की जानकारी प्राप्त की तथा सिकलसेल उन्मूलन मिशन को सफल बनाने के लिए किए जा रहे समन्वित प्रयासों की सराहना की।
        इस दौरान राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने सिकलसेल उन्मूलन मिशन 2047 से जुड़े सिकलसेल मित्रों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ ग्रुप फोटो भी खिंचवाया। यह कार्यक्रम सिकलसेल रोग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने तथा वर्ष 2047 तक इसके उन्मूलन के राष्ट्रीय संकल्प को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
         इस दौरान बताया गया कि सिकलसेल रोग एक आनुवंशिक रक्त विकार है, जो माता-पिता से बच्चों में जीन के माध्यम से फैलता है। इस रोग में लाल रक्त कोशिकाएं सामान्य गोल आकार की बजाय हंसिए के आकार की हो जाती हैं। इसी कारण इसे सिकलसेल  कहा जाता है। इन असामान्य कोशिकाओं के कारण शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह प्रभावित होता है और रक्त वाहिकाओं में रुकावट आ सकती है, जिससे कई स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
        भारत सरकार और मध्यप्रदेश सरकार सिकलसेल उन्मूलन मिशन-2047 के तहत व्यापक स्तर पर जांच, उपचार और जन-जागरूकता अभियान चला रही हैं।

CM Madhya Pradesh 
Dr Mohan Yadav 
Jansampark Madhya Pradesh 
General Administration Department, MP 
Directorate of Health Services, Madhya Pradesh 
Department of Culture, Madhya Pradesh 
#omkareshwer 
#khandwa

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने "विश्व सिकलसेल दिवस" कार्यक्रम में प्रदर्शनी का अवलोकन किया --- मध्यप्रदेश में सिकलसेल उन्मूलन के प्रयासों की सराहना की --- राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने अपने 5 दिवसीय मध्यप्रदेश प्रवास के दौरान शुक्रवार को खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन 2047 के अंतर्गत आयोजित विश्व सिकलसेल दिवस-2026 के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, आयुष विभाग मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, जनजातीय कार्य विभाग मंत्री श्री विजय शाह, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग राज्य मंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, खंडवा जिले के प्रभारी मंत्री श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, सांसद श्री ज्ञानेश्वर पाटिल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और सिकलसेल उन्मूलन मित्र उपस्थित थे। प्रदर्शनी के अवलोकन के दौरान राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने सिकलसेल उन्मूलन मिशन-2047 के तहत मध्यप्रदेश में किए जा रहे कार्यों, नवाचारों एवं जन-जागरूकता अभियानों की जानकारी ली। उन्होंने सिकलसेल रोग की रोकथाम, समय पर जांच, उपचार तथा प्रभावित परिवारों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। प्रदर्शनी में चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा आयुष विभाग द्वारा सिकलसेल रोग की पहचान, उपचार, परामर्श, जागरूकता अभियान तथा बचाव संबंधी उपायों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया। अधिकारियों ने राष्ट्रपति को मिशन के अंतर्गत चलाए जा रहे स्क्रीनिंग अभियान, जेनेटिक काउंसिलिंग, निःशुल्क उपचार व्यवस्था, सिकलसेल मोबाइल एप एवं पोर्टल एवं रोग उन्मूलन की कार्ययोजना की जानकारी दी। जनजातीय कार्य विभाग एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा प्रदर्शनी में जनजातीय अंचलों में संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट की सेवाओं, सिकलसेल रोगियों के लिए उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, अनुसूचित जाति राहत योजना तथा विभाग की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रदर्शन किया गया। राष्ट्रपति ने इन प्रयासों की जानकारी लेकर उनकी उपयोगिता की सराहना की। इसी प्रकार महिला एवं बाल विकास विभाग ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना, वन स्टॉप सेंटर, पोषण आहार, महिला हेल्पलाइन-181 सहित महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदर्शनी के माध्यम से प्रस्तुत की। राष्ट्रपति ने इन योजनाओं के माध्यम से समाज के कमजोर वर्गों तक पहुंचाई जा रही सेवाओं की भी प्रशंसा की। प्रदर्शनी के अवलोकन के दौरान राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों से संवाद कर उनके कार्यों की जानकारी प्राप्त की तथा सिकलसेल उन्मूलन मिशन को सफल बनाने के लिए किए जा रहे समन्वित प्रयासों की सराहना की। इस दौरान राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने सिकलसेल उन्मूलन मिशन 2047 से जुड़े सिकलसेल मित्रों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ ग्रुप फोटो भी खिंचवाया। यह कार्यक्रम सिकलसेल रोग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने तथा वर्ष 2047 तक इसके उन्मूलन के राष्ट्रीय संकल्प को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। इस दौरान बताया गया कि सिकलसेल रोग एक आनुवंशिक रक्त विकार है, जो माता-पिता से बच्चों में जीन के माध्यम से फैलता है। इस रोग में लाल रक्त कोशिकाएं सामान्य गोल आकार की बजाय हंसिए के आकार की हो जाती हैं। इसी कारण इसे सिकलसेल कहा जाता है। इन असामान्य कोशिकाओं के कारण शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह प्रभावित होता है और रक्त वाहिकाओं में रुकावट आ सकती है, जिससे कई स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होती हैं। भारत सरकार और मध्यप्रदेश सरकार सिकलसेल उन्मूलन मिशन-2047 के तहत व्यापक स्तर पर जांच, उपचार और जन-जागरूकता अभियान चला रही हैं। CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh General Administration Department, MP Directorate of Health Services, Madhya Pradesh Department of Culture, Madhya Pradesh #omkareshwer #khandwa

Khandwa, Madhya Pradesh | Jun 19, 2026

सिकल सेल उन्मूलन अभियान आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य देने की ऐतिहासिक पहल - राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु
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मध्यप्रदेश की उपलब्धियों की राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने की सराहना
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मिशन में समाज के सभी वर्ग सक्रिय सहभागिता करें -राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल
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सिकल सेल मुक्त मध्यप्रदेश का हमारा संकल्प जन सहयोग से होगा साकार - मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
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अंतर्राष्ट्रीय सिकल सेल दिवस पर ओंकारेश्वर में सम्पन्न हुआ राज्य स्तरीय सम्मेलन
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अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस के अवसर पर इन्दौर संभाग के ओंकारेश्वर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने सिकल सेल उन्मूलन को देश की एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य चुनौती बताते हुए कहा कि इसके समाधान के लिए केंद्र और राज्य सरकारें मिशन मोड में कार्य कर रही हैं। उन्होंने इस आयोजन से जुड़े सभी लोगों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह सार्थक अभियान आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। कार्यक्रम में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विशेष रूप से मौजूद थे। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, उच्च शिक्षा मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार, जनजातीय कल्याण मंत्री डॉ. विजय शाह, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल भी मौजूद थे।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि राष्ट्रीय सिकल सेल - एनीमिया उन्मूलन मिशन के अंतर्गत मध्यप्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने राज्य सरकार की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मध्यप्रदेश के शहडोल से इस राष्ट्रीय मिशन की शुरुआत की गई थी और निर्धारित समय से पहले स्क्रीनिंग का लक्ष्य पूरा होना बड़ी उपलब्धि है। देश में नवजात शिशुओं से लेकर 40 वर्ष तक की आयु वर्ग के करोड़ों लोगों की स्क्रीनिंग पूरी की जा चुकी है, जो विश्व स्तर पर आनुवांशिक रोगों की जांच की सबसे बड़ी पहलों में शामिल है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि मध्यप्रदेश का इसमें विशेष योगदान है। प्रदेश में करोड़ों लोगों की स्क्रीनिंग के साथ उन्हें जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड भी प्रदान किए गए हैं।
 राष्ट्रपति ने कहा कि सिकल सेल को केवल स्वास्थ्य समस्या के रूप में नहीं देखा जा सकता, बल्कि यह सामाजिक जागरूकता, आनुवांशिक परामर्श और व्यवहार परिवर्तन से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं जनजातीय कार्य मंत्रालय के संयुक्त प्रयासों से पहली बार इस प्रकार का समग्र मिशन प्रारंभ किया गया है।
 उन्होंने कहा कि सिकल सेल का सर्वाधिक प्रभाव जनजातीय समुदायों पर पड़ता है और देश के 17 राज्यों में यह अभियान चलाया जा रहा है। मध्यप्रदेश और उड़ीसा जैसे राज्यों में इसके प्रभाव को देखते हुए व्यापक स्क्रीनिंग और परामर्श की व्यवस्था की गई है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मुने कहा कि मध्यप्रदेश में गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और जनजातीय विद्यार्थियों के लिए विशेष जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने “सिकल मित्र” पहल की भी सराहना की, जिसके माध्यम से जागरूकता, परामर्श और उपचार सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।
 राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू ने कहा कि यदि इसी तरह प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्य जारी रहा तो वर्ष 2047 से पहले ही भारत सिकल सेल जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन के अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकेगा। उन्होंने सभी राज्यों से इस अभियान को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
 कार्यक्रम में सिकल सेल उन्मूलन की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों, सरपंचों, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी कार्यकर्ताओं आदि का सम्मान किया।

डिजिटल और जेनेटिक कार्ड समाज के लिए जन्मकुण्डली के समान
 कार्यक्रम में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिकल सेल रोग केवल स्वास्थ्य की समस्या नहीं, बल्कि विशेष रूप से जनजातीय समाज के सामाजिक और आर्थिक विकास से जुड़ी गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सिकल सेल उन्मूलन को राष्ट्रीय मिशन का स्वरूप दिया गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2023 में शहडोल से राष्ट्रीय सिकल सेल - एनीमिया उन्मूलन मिशन-2047 का शुभारंभ किया गया। मध्यप्रदेश में इस अभियान को सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। 
 राज्यपाल श्री पटेल ने बताया कि मध्यप्रदेश में अब तक एक करोड़ 32 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है और लगभग 95 से 96 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। आगामी दो से तीन महीनों में शेष कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने जनजातीय क्षेत्रों में बीमारी के प्रति जागरूकता और सतर्कता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 
 राज्यपाल श्री पटेल ने बताया कि प्रदेश में एलोपैथिक उपचार के साथ आयुर्वेदिक दवाओं के उपयोग पर भी कार्य किया जा रहा है और इसके प्रारंभिक परिणाम सकारात्मक रहे हैं। उन्होंने सिकल सेल रोगियों से अपील की कि उपचार में दोनों पद्धतियों का समन्वित उपयोग करें। उन्होंने डिजिटल जेनेटिक कार्ड को विवाह संबंधों के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह जन्म कुंडली की तरह उपयोगी है और विवाह से पूर्व इसका मिलान आवश्यक है। इससे आने वाली पीढ़ियों को इस आनुवंशिक बीमारी से बचाया जा सकेगा।

सिकल सेल उन्मूलन जन आंदोलन बने, भावी पीढ़ियों को बचाना हम सबकी जिम्मेदारी
 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि शिरोमणि आदि शंकराचार्य की तपोभूमि और जननायक टंट्या मामा की कर्मस्थली पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन के माध्यम से जनजागरूकता बढ़ाकर इस गंभीर बीमारी की रोकथाम की दिशा में देश और प्रदेश मिलकर कार्य कर रहे हैं।
 मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान आने वाली पीढ़ियों को सिकल सेल जैसी घातक बीमारी से बचाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि इस बीमारी का प्रभाव केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा परिवार और कई पीढ़ियां इसकी पीड़ा झेलती हैं। इसलिए इसे रोकना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु की उपस्थिति को प्रेरणादायी बताते हुए उनका अभिनंदन किया और कहा कि उनके सान्निध्य में यह संकल्प और अधिक मजबूत हुआ है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2023 में शहडोल से शुरू किए गए राष्ट्रीय सिकल सेल मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि आज यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक जनआंदोलन का रूप ले चुका है।
 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में गर्भवती महिलाओं की पहचान कर परामर्श, जेनेटिक काउंसलिंग और सिकल सेल कार्ड वितरण जैसे कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 3700 से अधिक ‘सिकल मित्र’ भी जन-जागरूकता के इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार मजबूत कर रही है। उन्होंने बताया कि जहां पहले प्रदेश में केवल 5 मेडिकल कॉलेज थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 32 तक पहुंच रही है। आयुर्वेदिक चिकित्सा शिक्षा में भी तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि टंट्îा मामा के नाम पर विश्वविद्यालय, जनजातीय नायकों के नाम पर छात्रावास और संग्रहालय स्थापित कर उनकी विरासत को सहेजने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सिकल सेल के खिलाफ यह लड़ाई समाज के हर वर्ग की भागीदारी से ही जीती जा सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंत में मां नर्मदा और ओंकारेश्वर महाराज की पावन धरती पर संकल्प लेते हुए कहा कि जब तक सिकल सेल उन्मूलन अभियान पूरी तरह सफल नहीं होगा, तब तक यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
 कार्यक्रम के प्रारम्भ में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने स्वागत भाषण देते हुए सिकल सेल उन्मूलन अभियान की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सिकल सेल उन्मूलन अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मध्यप्रदेश में स्क्रीनिंग रोगियों की पहचान, उनका निरंतर उपचार, जनजागरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में निर्धारित लक्ष्य समय सीमा के पूर्व ही पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम में खण्डवा के प्रभारी मंत्री श्री धर्मेन्द्र लोधी, सांसद श्री ज्ञानेश्वर पाटिल, खंडवा विधायक श्रीमती कंचन तनवे, पंधाना विधायक श्रीमती छाया मोरे, मांधाता विधायक श्री नारायण पटेल जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पिंकी सुदेश वानखेडे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी भी उपस्थित थे।

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Governor MP 
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सिकल सेल उन्मूलन अभियान आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य देने की ऐतिहासिक पहल - राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु --- मध्यप्रदेश की उपलब्धियों की राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने की सराहना --- मिशन में समाज के सभी वर्ग सक्रिय सहभागिता करें -राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल --- सिकल सेल मुक्त मध्यप्रदेश का हमारा संकल्प जन सहयोग से होगा साकार - मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव --- अंतर्राष्ट्रीय सिकल सेल दिवस पर ओंकारेश्वर में सम्पन्न हुआ राज्य स्तरीय सम्मेलन --- अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस के अवसर पर इन्दौर संभाग के ओंकारेश्वर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने सिकल सेल उन्मूलन को देश की एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य चुनौती बताते हुए कहा कि इसके समाधान के लिए केंद्र और राज्य सरकारें मिशन मोड में कार्य कर रही हैं। उन्होंने इस आयोजन से जुड़े सभी लोगों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह सार्थक अभियान आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। कार्यक्रम में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विशेष रूप से मौजूद थे। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, उच्च शिक्षा मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार, जनजातीय कल्याण मंत्री डॉ. विजय शाह, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल भी मौजूद थे। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि राष्ट्रीय सिकल सेल - एनीमिया उन्मूलन मिशन के अंतर्गत मध्यप्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने राज्य सरकार की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मध्यप्रदेश के शहडोल से इस राष्ट्रीय मिशन की शुरुआत की गई थी और निर्धारित समय से पहले स्क्रीनिंग का लक्ष्य पूरा होना बड़ी उपलब्धि है। देश में नवजात शिशुओं से लेकर 40 वर्ष तक की आयु वर्ग के करोड़ों लोगों की स्क्रीनिंग पूरी की जा चुकी है, जो विश्व स्तर पर आनुवांशिक रोगों की जांच की सबसे बड़ी पहलों में शामिल है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि मध्यप्रदेश का इसमें विशेष योगदान है। प्रदेश में करोड़ों लोगों की स्क्रीनिंग के साथ उन्हें जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड भी प्रदान किए गए हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि सिकल सेल को केवल स्वास्थ्य समस्या के रूप में नहीं देखा जा सकता, बल्कि यह सामाजिक जागरूकता, आनुवांशिक परामर्श और व्यवहार परिवर्तन से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं जनजातीय कार्य मंत्रालय के संयुक्त प्रयासों से पहली बार इस प्रकार का समग्र मिशन प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि सिकल सेल का सर्वाधिक प्रभाव जनजातीय समुदायों पर पड़ता है और देश के 17 राज्यों में यह अभियान चलाया जा रहा है। मध्यप्रदेश और उड़ीसा जैसे राज्यों में इसके प्रभाव को देखते हुए व्यापक स्क्रीनिंग और परामर्श की व्यवस्था की गई है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मुने कहा कि मध्यप्रदेश में गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और जनजातीय विद्यार्थियों के लिए विशेष जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने “सिकल मित्र” पहल की भी सराहना की, जिसके माध्यम से जागरूकता, परामर्श और उपचार सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू ने कहा कि यदि इसी तरह प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्य जारी रहा तो वर्ष 2047 से पहले ही भारत सिकल सेल जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन के अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकेगा। उन्होंने सभी राज्यों से इस अभियान को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में सिकल सेल उन्मूलन की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों, सरपंचों, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी कार्यकर्ताओं आदि का सम्मान किया। डिजिटल और जेनेटिक कार्ड समाज के लिए जन्मकुण्डली के समान कार्यक्रम में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिकल सेल रोग केवल स्वास्थ्य की समस्या नहीं, बल्कि विशेष रूप से जनजातीय समाज के सामाजिक और आर्थिक विकास से जुड़ी गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सिकल सेल उन्मूलन को राष्ट्रीय मिशन का स्वरूप दिया गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2023 में शहडोल से राष्ट्रीय सिकल सेल - एनीमिया उन्मूलन मिशन-2047 का शुभारंभ किया गया। मध्यप्रदेश में इस अभियान को सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। राज्यपाल श्री पटेल ने बताया कि मध्यप्रदेश में अब तक एक करोड़ 32 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है और लगभग 95 से 96 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। आगामी दो से तीन महीनों में शेष कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने जनजातीय क्षेत्रों में बीमारी के प्रति जागरूकता और सतर्कता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राज्यपाल श्री पटेल ने बताया कि प्रदेश में एलोपैथिक उपचार के साथ आयुर्वेदिक दवाओं के उपयोग पर भी कार्य किया जा रहा है और इसके प्रारंभिक परिणाम सकारात्मक रहे हैं। उन्होंने सिकल सेल रोगियों से अपील की कि उपचार में दोनों पद्धतियों का समन्वित उपयोग करें। उन्होंने डिजिटल जेनेटिक कार्ड को विवाह संबंधों के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह जन्म कुंडली की तरह उपयोगी है और विवाह से पूर्व इसका मिलान आवश्यक है। इससे आने वाली पीढ़ियों को इस आनुवंशिक बीमारी से बचाया जा सकेगा। सिकल सेल उन्मूलन जन आंदोलन बने, भावी पीढ़ियों को बचाना हम सबकी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि शिरोमणि आदि शंकराचार्य की तपोभूमि और जननायक टंट्या मामा की कर्मस्थली पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन के माध्यम से जनजागरूकता बढ़ाकर इस गंभीर बीमारी की रोकथाम की दिशा में देश और प्रदेश मिलकर कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान आने वाली पीढ़ियों को सिकल सेल जैसी घातक बीमारी से बचाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि इस बीमारी का प्रभाव केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा परिवार और कई पीढ़ियां इसकी पीड़ा झेलती हैं। इसलिए इसे रोकना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु की उपस्थिति को प्रेरणादायी बताते हुए उनका अभिनंदन किया और कहा कि उनके सान्निध्य में यह संकल्प और अधिक मजबूत हुआ है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2023 में शहडोल से शुरू किए गए राष्ट्रीय सिकल सेल मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि आज यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में गर्भवती महिलाओं की पहचान कर परामर्श, जेनेटिक काउंसलिंग और सिकल सेल कार्ड वितरण जैसे कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 3700 से अधिक ‘सिकल मित्र’ भी जन-जागरूकता के इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार मजबूत कर रही है। उन्होंने बताया कि जहां पहले प्रदेश में केवल 5 मेडिकल कॉलेज थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 32 तक पहुंच रही है। आयुर्वेदिक चिकित्सा शिक्षा में भी तेजी से विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि टंट्îा मामा के नाम पर विश्वविद्यालय, जनजातीय नायकों के नाम पर छात्रावास और संग्रहालय स्थापित कर उनकी विरासत को सहेजने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सिकल सेल के खिलाफ यह लड़ाई समाज के हर वर्ग की भागीदारी से ही जीती जा सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंत में मां नर्मदा और ओंकारेश्वर महाराज की पावन धरती पर संकल्प लेते हुए कहा कि जब तक सिकल सेल उन्मूलन अभियान पूरी तरह सफल नहीं होगा, तब तक यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। कार्यक्रम के प्रारम्भ में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने स्वागत भाषण देते हुए सिकल सेल उन्मूलन अभियान की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सिकल सेल उन्मूलन अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मध्यप्रदेश में स्क्रीनिंग रोगियों की पहचान, उनका निरंतर उपचार, जनजागरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में निर्धारित लक्ष्य समय सीमा के पूर्व ही पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम में खण्डवा के प्रभारी मंत्री श्री धर्मेन्द्र लोधी, सांसद श्री ज्ञानेश्वर पाटिल, खंडवा विधायक श्रीमती कंचन तनवे, पंधाना विधायक श्रीमती छाया मोरे, मांधाता विधायक श्री नारायण पटेल जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पिंकी सुदेश वानखेडे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी भी उपस्थित थे। CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Governor MP Jansampark Madhya Pradesh General Administration Department, MP Directorate of Health Services, Madhya Pradesh Department of Culture, Madhya Pradesh #omkareshwer #khandwa

Khandwa, Madhya Pradesh | Jun 19, 2026

मोदी vs नेहरू: किसने बदला भारत का भविष्य? | बड़ा मुकाबला

मोदी vs नेहरू: किसने बदला भारत का भविष्य? | बड़ा मुकाबला

Khandwa Nagar, Khandwa | Jun 19, 2026

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु प्रदेश की तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर के प्रवास पर ,ओंकारेश्वर तीर्थ और ज्योतिर्लिंग ममलेश्वर के दर्शन कर किया अभिषेक
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महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु मप्र के प्रवास पर आज गुरुवार को पहले दिन प्रदेश में तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर पहुँची। यहां उन्होंने ओंकारेश्वर तीर्थ और द्वादश ज्योतिर्लिंग ममलेश्वर के दर्शन कर अभिषेक भी किया। उन्होंने ममलेश्वर और ओंकारेश्वर के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की। 12 ज्योतिर्लिंग में से एक ममलेश्वर मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश से पहले महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने नंदी प्रतिमा पर बेलपत्र अर्पित कर आशीर्वाद लिया। इसके पश्चात मुख्य गर्भगृह में मुख्य पुजारियों द्वारा वैदिक रीति-रिवाज और विशेष मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव का अभिषेक और पूजन किया। इस दौरान राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने देशवासियों के कल्याण, सुख-समृद्धि तथा उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। ओंकारेश्वर तीर्थ के दर्शन से पूर्व राज्यपाल श्री मंगूभाई पटेल ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन उपरांत कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता द्वारा स्मृति चिह्न भेंट किया गया। साथ ही सांसद श्री ज्ञानेश्वर पाटिल ने इस अवसर पर राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु को स्मृति चिन्ह के रूप में नर्मदेश्वर शिवलिंग, शंख और भगवान ओंकारेश्वर तीर्थ का छायाचित्र भेंट किया। इस अवसर पर जनजाति कार्य मंत्री डॉ. विजय शाह, क्षेत्रीय विधायक श्री नारायण पटेल, इंदौर संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, आईजी श्री अनुराग सिंह व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु प्रदेश की तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर के प्रवास पर ,ओंकारेश्वर तीर्थ और ज्योतिर्लिंग ममलेश्वर के दर्शन कर किया अभिषेक --- महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु मप्र के प्रवास पर आज गुरुवार को पहले दिन प्रदेश में तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर पहुँची। यहां उन्होंने ओंकारेश्वर तीर्थ और द्वादश ज्योतिर्लिंग ममलेश्वर के दर्शन कर अभिषेक भी किया। उन्होंने ममलेश्वर और ओंकारेश्वर के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की। 12 ज्योतिर्लिंग में से एक ममलेश्वर मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश से पहले महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने नंदी प्रतिमा पर बेलपत्र अर्पित कर आशीर्वाद लिया। इसके पश्चात मुख्य गर्भगृह में मुख्य पुजारियों द्वारा वैदिक रीति-रिवाज और विशेष मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव का अभिषेक और पूजन किया। इस दौरान राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने देशवासियों के कल्याण, सुख-समृद्धि तथा उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। ओंकारेश्वर तीर्थ के दर्शन से पूर्व राज्यपाल श्री मंगूभाई पटेल ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन उपरांत कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता द्वारा स्मृति चिह्न भेंट किया गया। साथ ही सांसद श्री ज्ञानेश्वर पाटिल ने इस अवसर पर राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु को स्मृति चिन्ह के रूप में नर्मदेश्वर शिवलिंग, शंख और भगवान ओंकारेश्वर तीर्थ का छायाचित्र भेंट किया। इस अवसर पर जनजाति कार्य मंत्री डॉ. विजय शाह, क्षेत्रीय विधायक श्री नारायण पटेल, इंदौर संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, आईजी श्री अनुराग सिंह व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh General Administration Department, MP Directorate of Health Services, Madhya Pradesh Panchayat, Rural Development and Social Welfare Department of Madhya Pradesh #omkareshwer #khandwa

Khandwa, Madhya Pradesh | Jun 18, 2026

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