#बलरामपुर! एक ही घर से उठे चार जनाजे, मातम में बदल गई बारह रबीउल अव्वल की तैयारियां, हर एक आंख थी नम...
सुपुर्द-ए-खाक में लोगों की भीग गई आंखें, हर जुबान पर हादसे का जिक्र,
मंगलवार को बाराबंकी में हुआ था भीषण सड़क हादसा
बुधवार को बलरामपुर जिले में बारह रबीउल अव्वल मनाया जाना था। नगर और मोहल्लों में मंगलवार से ही सजावट और तैयारियां शुरू हो गई थीं। त्योहार को लेकर लोगों में उत्साह का माहौल था, लेकिन मंगलवार को हुए हादसे की खबर ने मोहल्ले की खुशियां मातम में बदल दीं। चार लोगों की मौत की सूचना मिलते ही मृतक परिवार के घर लोगों का पहुंचना शुरू हो गया। घर में महिलाओं की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मृतकों के बेटों व अन्य परिजनों को सांत्वना देने के लिए आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में पहुंचे। बुधवार सुबह चारों मृतकों के जनाजे एक साथ निकले तो लोगों की आंखें नम हो गईं। जनाजे में शामिल होने के लिए नगर और आसपास के क्षेत्रों से हजारों लोग पहुंचे। एक ही परिवार के चार लोगों को अंतिम विदाई देते समय हर किसी की आंखों से आंसू छलक पड़े।
मदरसे में शिक्षक थे मौलाना मोहम्मद शरीफ
मृतक मौलाना मोहम्मद शरीफ का पैतृक निवास नगर के मोहल्ला बलुहा में है। वह पिछले करीब दस वर्षों से भिनगा के पुरानी बाजार में मकान बनाकर परिवार के साथ रह रहे थे। वहीं से मंगलवार सुबह वह पत्नी व बच्चों के साथ लखनऊ के लिए रवाना हुए। मौलाना मोहम्मद शरीफ भिनगा स्थित मदरसा अरबिया अनवारुल उलूम में शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे थे। परिवार में उनके चार बेटे बताए गए हैं, जिनमें एक बेटे उजैम की इस हादसे में मौत हो गई। उनके अन्य बेटों में सुहेम (21), सुरेम (18) और नोएम (14) शामिल हैं। हादसे के बाद परिवार के सामने दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि मौलाना मिलनसार और धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे। उनकी मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग परिवार को ढांढस बंधाने के लिए घर पहुंचने लगे। हर किसी की आंखें नम थीं। जब पूरा परिवार भिनगा के घर से लखनऊ के लिए रवाना हुआ था, तो किसी को भी अंदाजा नहीं था कि यह सफर परिवार के लिए आखिरी सफर साबित होगा।
बाराबंकी-बहराइच हाईवे पर मंगलवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। बिंदोरा चौराहे के पास यू-टर्न लेते समय तेज रफ्तार डंपर ने कार को सामने से जोरदार टक्कर मार दी। जिस घर से बच्चों की पढ़ाई व बारावफात की तैयारियों को लेकर चहल-पहल होनी थी, बुधवार को एक घर से एक साथ चार जनाजे उठे। जनाजे में हर आंख नम थी। हर जुबान पर हादसे का जिक्र। हादसे में कार सवार मौलाना मोहम्मद शरीफ (50), उनकी पत्नी तबस्सुम बानो (45), बेटे उजैम (22) और बेटी रुश्दा (14) की मौत हो गई है। हादसे में मोहम्मद शरीफ की सात वर्षीय बेटी हुदा गंभीर रूप से घायल है, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
बताया जाता है कि मोहल्ला बलुहा निवासी मौलाना मोहम्मद शरीफ भिनगा के मदरसा अरबिया अनवारुल उलूम में शिक्षक थे। मंगलवार की सुबह वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ कार से लखनऊ जा रहे थे। बताया गया कि उनके दोनों बच्चे लखनऊ में पढ़ाई करते हैं और बेटा उजैम नीट की तैयारी कर रहा था। परिवार लखनऊ में इलाज करा रही उनकी बड़ी बेटी को देखने भी जा रहा था। इसी दौरान बिंदोरा चौराहे के पास ढाबे की ओर जाने के लिए यू-टर्न लेते समय तेज रफ्तार डंपर ने कार को रौंद दिया। हादसे की खबर मिलते ही परिवार और मोहल्ले में कोहराम मच गया। बुधवार को चारों मृतकों के जनाजे निकले तो हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। घर की महिलाओं की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। जिन घरों और गलियों में बारह रबीउल अव्वल की तैयारियों को लेकर उत्साह था, वहां हादसे के बाद मातम पसरा रहा।
लखनऊ में पढ़ाई कर रहे थे बच्चे, साथ लेकर निकले थे मौलाना: मृतक के भतीजे मोहम्मद रफी ने बताया कि चाचा मौलाना मोहम्मद शरीफ अपने बच्चों के भविष्य को लेकर काफी चिंतित रहते थे। परिवार के अनुसार उनके बच्चे लखनऊ में पढ़ाई कर रहे थे। बेटा उजैम नीट की तैयारी कर रहा था, जबकि बेटी रुशता भी पढ़ाई कर रही थी। मंगलवार को मौलाना पत्नी और बच्चों के साथ लखनऊ के लिए निकले थे। बताया गया कि परिवार की बड़ी बेटी का लखनऊ में इलाज चल रहा था, जिसे देखने के लिए भी उन्हें जाना था। रास्ते में परिवार ने ढाबे पर चाय-नाश्ता करने का मन बनाया। बिंदोरा चौराहे के पास कार को यू-टर्न लेने के लिए मोड़ा गया। तभी तेज रफ्तार डंपर ने कार में सामने से जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में सात वर्षीय हुदा गंभीर रूप से घायल हो गई। एक पल में परिवार की यात्रा जिंदगी भर का दर्द बनकर रह गई।