छतरपुर की महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी एक बार फिर विवादों में है। इस बार मामला प्रोफेसरों की भर्ती में भ्रष्टाचार का है। कांग्रेस नेताओं के साथ नाराज छात्रों ने ढोल-नगाड़े बजाकर प्रशासन को जगाने की कोशिश की और 9 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसरों की भर्ती प्रक्रिया में बड़ी अनियमितता बरती जा रही है। छात्रों के मुताबिक यूनिवर्सिटी को 120 से 130 एसोसिएट प्रोफेसरों की जरूरत है, लेकिन महज 50 लोगों की ही नियुक्ति की गई है। आरोप है कि करीब 70 से 80 अनुभवी और योग्य प्रोफेसरों को जानबूझकर भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया।,इसी को लेकर छात्रों ने यूनिवर्सिटी परिसर में ढोल-नगाड़े बजाकर विरोध जताया। छात्रों का कहना था कि ढोल बजाने का मकसद सोए हुए प्रशासन को नींद से जगाना है।,छात्रों ने भर्ती के अलावा 9 मांगों का ज्ञापन भी सौंपा है। जिसमें प्रथम वर्ष के छात्रों के आईडी कार्ड एक हफ्ते में जारी करना, छात्रों को बस किराए में छूट के लिए आरटीओ को पत्र लिखना, स्टेडियम में क्रिकेट पिच बनाना और कैंपस में स्वच्छ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं शामिल हैं।छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।वही यूनिवर्सिटी के कुलगुरु ने कहा छात्रो के ज्ञापन के आधार पर कारवाई की जायेगी ।
हिमांशु अग्रवाल
छतरपुर