गुरुकुल पब्लिक स्कूल झलवाण में हर्षोल्लास से मनाया दीपावली उत्सव
रंगोली प्रतियोगिता में गैलेंट्री हाउस ने मारी बाजी, ग्लोरी हाउस रहा दूसरे स्थान पर
देवभूमि लाइव टीवी/जोगिंदर नगर/उमेश कुमार।
गुरुकुल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल झलवाण में दीपावली का पर्व बड़े हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए विभिन्न रचनात्मक एवं मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण हाउस वाइज रंगोली प्रतियोगिता रही। इसमें विद्यालय के चारों हाउस के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए रंग-बिरंगी रंगोलियों के माध्यम से दीपावली की खुशियों और भारतीय संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की। प्रतियोगिता में गैलेंट्री हाउस ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि ग्लोरी हाउस दूसरे स्थान पर रहा।
प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले गैलेंट्री हाउस में अनामिका, अवनी, नव्या, सुमित, शुभम, कोमल और आराध्या शामिल रहे। वहीं ग्लोरी हाउस की ओर से श्वेता, यथार्थ, तपस्या, कृतिका, इशुकांत, आयुष और तेजस्वी ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
इसके अतिरिक्त नर्सरी से सातवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए आर्ट एंड क्राफ्ट गतिविधि आयोजित की गई। इसमें नन्हे विद्यार्थियों ने रंगीन कागज, चार्ट और अन्य सजावटी सामग्री से दीपावली से संबंधित सुंदर कलाकृतियां एवं सजावट की वस्तुएं तैयार कीं।
इस दौरान स्पेशल लंच बॉक्स डे भी मनाया गया। विद्यार्थियों ने घर से विभिन्न पारंपरिक एवं स्वादिष्ट व्यंजन लाकर अपने सहपाठियों के साथ साझा किए। इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों को घर के बने पौष्टिक भोजन और भारतीय पारंपरिक खान-पान के महत्व से भी अवगत करवाया गया।
विद्यालय की को-ऑर्डिनेटर नीतू अवस्थी ने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ इस तरह की रचनात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इनसे बच्चों में आत्मविश्वास, टीम भावना, सहयोग और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है।
वहीं विद्यालय की वाइस प्रिंसिपल मोनिका शर्मा ने कहा कि दीपावली केवल दीप जलाने का त्योहार नहीं, बल्कि खुशियां बांटने, सकारात्मकता अपनाने और अपनी संस्कृति एवं परंपराओं से जुड़े रहने का संदेश भी देता है। विद्यालय का प्रयास है कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ भारतीय त्योहारों के सांस्कृतिक एवं नैतिक महत्व से भी परिचित करवाया जाए।