डीआईजी चंबल के साथ कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने किया व्यापक निरीक्षण
350 एकड़ भूमि में विकसित किए गए 22 पार्किंग स्थल,
50 किलोमीटर क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था,दो सीसीटीवी कंट्रोल रूम से होगी संपूर्ण मेला क्षेत्र की निगरानी
सिंध नदी के घाटों, पुल एवं स्नान स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा, माता रानी एवं कुँवर बाबा महाराज के दर्शन के लिए बनाया गया पृथक विशेष मार्ग
दो ट्रॉली लगाकर आने वाले ट्रैक्टर, ओवरलोड एवं भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक एवं आस्था के प्रमुख केंद्र रतनगढ़ माता मंदिर पर दीपावली दौज के अवसर पर आयोजित होने वाले विशाल लख्खी मेले की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मेले में देश के विभिन्न क्षेत्रों से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन, यातायात प्रबंधन एवं मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।
इसी क्रम आज डीआईजी चंबल संभाग श्री सुनील कुमार जैन, कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े एवं पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खंडेलवाल ने रतनगढ़ माता मंदिर परिसर सहित संपूर्ण मेला क्षेत्र का सघन स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन कर संबंधित विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं व्यवस्थाओं से जुड़े ठेकेदारों से जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के उपरांत मंदिर परिसर में समीक्षा बैठक आयोजित कर विभागवार तैयारियों की समीक्षा की गई।
350 एकड़ भूमि में 22 पार्किंग स्थल विकसित
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों की व्यवस्थित पार्किंग के लिए लगभग 350 एकड़ भूमि में 22 पार्किंग स्थल विकसित किए गए हैं। अधिकारियों ने पार्किंग स्थलों का निरीक्षण कर प्रत्येक स्थल पर पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती, वाहनों को निर्धारित स्थानों पर व्यवस्थित खड़ा कराने तथा प्रवेश एवं निकास मार्ग अलग-अलग रखने के निर्देश दिए। पार्किंग स्थलों पर दिशा-सूचक एवं सूचना बोर्ड लगाने तथा प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था सुचारू रखने को कहा गया, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी न हो और जाम की स्थिति निर्मित न हो।
50 किलोमीटर क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मेला क्षेत्र, पार्किंग स्थलों एवं प्रमुख आवागमन मार्गों सहित लगभग 50 किलोमीटर क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था की गई है। कलेक्टर ने विद्युत विभाग को निर्देश दिए कि मेले के दौरान संपूर्ण प्रकाश व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित रहे। विद्युत लाइनों, पोल एवं केबल की सुरक्षा के साथ किसी भी तकनीकी समस्या का तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था भी उपलब्ध रखी जाए।
दो सीसीटीवी कंट्रोल रूम से होगी निगरानी
संपूर्ण मेला क्षेत्र की सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन के लिए दो सीसीटीवी कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। अधिकारियों ने दोनों कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर कैमरों एवं निगरानी प्रणाली की कार्यशीलता का जायजा लिया। उन्होंने मंदिर परिसर, प्रमुख मार्गों, पार्किंग स्थलों, नदी घाटों एवं संवेदनशील स्थानों पर सतत निगरानी रखने तथा कंट्रोल रूम में प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती के निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खंडेलवाल ने कंट्रोल रूम एवं मैदानी पुलिस बल के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि, भीड़ के अत्यधिक दबाव अथवा आपात स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
सिंध नदी के घाटों एवं स्नान स्थलों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
रतनगढ़ मेले के दौरान सिंध नदी में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं द्वारा स्नान एवं धार्मिक गतिविधियां की जाती हैं। इसे दृष्टिगत रखते हुए अधिकारियों ने नदी के विभिन्न घाटों, पुल एवं निर्धारित स्नान स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान नदी में लगभग एक किलोमीटर तक लगाए गए सुरक्षा महाजाल, बैरिकेडिंग एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए तैनात 4 मोटरबोट सहित अन्य बचाव व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि निर्धारित सुरक्षित स्नान स्थलों की सीमाएं स्पष्ट रखी जाएं तथा नदी के गहरे एवं संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी की जाए। घाटों पर पर्याप्त सुरक्षा कर्मियों एवं बचाव दल की तैनाती सुनिश्चित करने के साथ श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित रखने और जोखिमपूर्ण गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश दिए।
माता रानी एवं कुँवर बाबा महाराज के दर्शन के लिए पृथक विशेष मार्ग
लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए माता रानी एवं कुँवर बाबा महाराज के दर्शन के लिए पृथक विशेष मार्ग तैयार किया गया है। अधिकारियों ने इस मार्ग का निरीक्षण कर बैरिकेडिंग, दिशा-सूचक बोर्ड, प्रकाश व्यवस्था एवं कर्मचारियों की तैनाती का जायजा लिया। मार्ग को बाधारहित रखने तथा प्रवेश एवं निकास व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए। दिव्यांगजनों, बुजुर्गों एवं जरूरतमंद श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष आवागमन व्यवस्था तथा आवश्यकतानुसार व्हीलचेयर उपलब्ध कराने को भी कहा गया।
स्वास्थ्य, एंबुलेंस, पेयजल एवं स्वच्छता व्यवस्थाओं की समीक्षा
मेले में श्रद्धालुओं को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्राथमिक उपचार केंद्र, मेडिकल पॉइंट, चिकित्सा दल एवं एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। मेडिकल पॉइंट के अतिरिक्त मार्गों पर 9 एंबुलेंस तैनात करने तथा प्रत्येक एक किलोमीटर पर चिकित्सा दल सहित एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही शुद्ध पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता, पानी की टंकियों एवं वितरण स्थलों, नियमित साफ-सफाई, कचरा संग्रहण तथा शौचालयों की उपलब्धता एवं उनकी नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अग्नि सुरक्षा एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं को भी पूरी तरह सक्रिय रखने पर जोर दिया गया।
9 नवंबर को दोपहर 12 बजे तक ड्यूटी स्थल पर उपस्थित होंगे अधिकारी-कर्मचारी
कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े ने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को 9 नवंबर को दोपहर 12 बजे तक अपने-अपने निर्धारित दायित्व स्थल पर अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि 9 नवंबर को दोपहर 12 बजे के बाद बसई मलिक के आगे नो व्हीकल जोन प्रभावी रहेगा।
मेले की अवधि में दो ट्रॉली लगाकर आने वाले ट्रैक्टरों, ओवरलोड वाहनों तथा गिट्टी एवं रेत के भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने श्रद्धालुओं से भी सुरक्षा की दृष्टि से मालवाहक वाहनों से यात्रा नहीं करने की अपील की।
2500 अधिकारी-कर्मचारी एवं लगभग 3000 पुलिसकर्मी संभालेंगे व्यवस्थाएं
मेले के सुचारू संचालन एवं व्यवस्थाओं के लिए लगभग 2500 अधिकारी-कर्मचारियों एवं 3000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। कलेक्टर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने तथा प्रत्येक सेक्टर अधिकारी को अपने आवंटित क्षेत्र का नियमित भ्रमण कर व्यवस्थाओं की निगरानी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि रतनगढ़ माता मंदिर का दीपावली दौज मेला जिले का अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक एवं आस्था का आयोजन है। देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता रानी एवं कुँवर बाबा महाराज के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक एवं व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कलेक्टर ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पूर्ण जिम्मेदारी, सतर्कता एवं सेवाभाव के साथ सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन करने तथा मेले के दौरान व्यवस्थाओं पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक एवं निरीक्षण के दौरान ग्वालियर एवं दतिया जिले के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा मेला व्यवस्थाओं से जुड़े संबंधित प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
Dr Mohan Yadav
CM Madhya Pradesh
Department of Religious trusts & Endowments, MP
Department of Culture, Madhya Pradesh
Jansampark Madhya Pradesh
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