आईटीआई पास-आउट युवाओं को शिक्षुता एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना प्राथमिकता:- उपायुक्त सतबीर सिंह
- जिला के 1,190 प्रतिष्ठान एनएपीएस पोर्टल पर पंजीकृत, 865 के लक्ष्य के मुकाबले 392 शिक्षुता लक्ष्य हासिल
रोहतक, 7 अक्टूबर। उपायुक्त सतबीर सिंह की अध्यक्षता में जिला शिक्षुता एवं आत्मनिर्भर समिति (डीएएसी) की बैठक स्थानीय लघु सचिवालय स्थित सभागार में आयोजित हुई। बैठक में जिला में शिक्षुता के अवसरों को बढ़ाने, अधिक से अधिक औद्योगिक प्रतिष्ठानों को राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना (एनएपीएस) पोर्टल से जोड़ने तथा आईटीआई के पास-आउट प्रशिक्षणार्थियों को शिक्षुता एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने से संबंधित विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई।
सतबीर सिंह ने कहा कि आईटीआई से प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को उनकी योग्यता एवं ट्रेड के अनुरूप शिक्षुता और रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए औद्योगिक प्रतिष्ठानों और आईटीआई के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए तथा प्रशिक्षणार्थियों की काउंसलिंग, मोबिलाइजेशन और प्लेसमेंट गतिविधियों को प्रभावी बनाया जाए। बैठक में जिला में एनएपीएस पोर्टल पर पंजीकृत प्रतिष्ठानों की स्थिति की समीक्षा की गई।
उपायुक्त सतबीर सिंह ने कहा कि जिला में कुल 1,190 प्रतिष्ठान एनएपीएस पोर्टल पर पंजीकृत हैं, जिनमें 1,127 प्रतिष्ठान ऐसे हैं, जिनमें 30 या इससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। पंजीकृत प्रतिष्ठानों में शिक्षुता सीटों के सृजन और उन पर प्रशिक्षणार्थियों की वास्तविक ज्वाइनिंग की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला के ऐसे प्रतिष्ठानों को भी एनएपीएस से जोड़ा जाए, जो अभी तक योजना के दायरे में नहीं आए हैं। बैठक में 31 मार्च 2027 तक निर्धारित शिक्षुता लक्ष्य की भी समीक्षा की गई। नामित ट्रेडों के लिए 865 शिक्षुता का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके मुकाबले अब तक 392 शिक्षुता का लक्ष्य हासिल किया जा चुका है। यह निर्धारित लक्ष्य का लगभग 45 प्रतिशत है। उन्होंने शेष लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रतिष्ठानवार शिक्षुता सीटों के सृजन, प्रशिक्षणार्थियों की उपलब्धता तथा वास्तविक ज्वाइनिंग की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
सितंबर माह की रिपोर्ट के अनुसार जिला के विभिन्न आईटीआई से पास-आउट हुए 1,985 प्रशिक्षणार्थियों के विवरण की भी समीक्षा की गई। एडीसी ने कहा कि बेरोजगार एवं इच्छुक प्रशिक्षणार्थियों को उपलब्ध शिक्षुता एवं रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए विशेष काउंसलिंग अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही कैंपस गतिविधियों, मोबिलाइजेशन कार्यक्रमों तथा औद्योगिक प्रतिष्ठानों के साथ समन्वय को और मजबूत किया जाए। उन्होंने बैठक में विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के साथ किए गए संपर्क तथा प्रशिक्षणार्थियों के लिए आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों की भी जानकारी ली गई।
अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने कहा कि समिति ने नए प्रतिष्ठानों का एनएपीएस पोर्टल पर पंजीकरण, अतिरिक्त शिक्षुता सीटों का सृजन, प्रशिक्षणार्थियों की काउंसलिंग, उद्योगों के साथ समन्वय और शिक्षुता में वास्तविक ज्वाइनिंग को प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में चिन्हित किया। उन्होंने कहा कि उद्योगों की आवश्यकता के अनुसार प्रशिक्षित युवाओं को अवसर उपलब्ध करवाने के लिए आईटीआई और औद्योगिक इकाइयों के बीच नियमित संवाद आवश्यक है। औद्योगिक प्रतिष्ठानों को अधिक से अधिक शिक्षुता सीटें सृजित करने तथा आईटीआई प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण के साथ-साथ रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए प्रेरित किया जाए।
नरेंद्र कुमार ने आगामी समीक्षा बैठकों में प्रतिष्ठानवार एनएपीएस पंजीकरण, नई शिक्षुता सीटों का सृजन, सीटों पर वास्तविक ज्वाइनिंग, आईटीआईवार लक्ष्य एवं उपलब्धि तथा पास-आउट प्रशिक्षणार्थियों के शिक्षुता एवं रोजगार परिणामों की विस्तृत समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि उद्योगों और आईटीआई के बीच मजबूत समन्वय स्थापित कर जिले के अधिक से अधिक युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षुता प्रशिक्षण एवं रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाए जाएं। इसके लिए संबंधित विभाग एवं अधिकारी आपसी समन्वय के साथ निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना सुनिश्चित करें।
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Uklana, Hissar | Oct 7, 2026