*सीनियर सेकेंडरी स्कूल छतराड़ी स्कूल में शिक्षा व्यवस्था बदहाल, प्रवक्ताओं के छह पद खाली; क्लेरिकल स्टाफ भी शून्य*
*अंग्रेजी, हिंदी, बायोलॉजी, केमिस्ट्री, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र के प्रवक्ताओं के पद लंबे समय से रिक्त, शिक्षकों पर पढ़ाई के साथ कार्यालयी कामकाज का भी बोझ*
*लेक्चर थिएटर, शौचालय, रसोईघर और खेल मैदान जैसी सुविधाओं का अभाव; प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष सुखपाल शर्मा ने सरकार और शिक्षा विभाग से उठाई पद भरने की मांग*
हिमाचल 84 टीवी ब्यूरो | छतराड़ी (चंबा)
जिला चंबा के सबसे पुराने शिक्षण संस्थानों में शामिल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छतराड़ी में शिक्षकों और गैर-शिक्षक कर्मचारियों की कमी के चलते शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। स्कूल में प्रवक्ताओं के छह महत्वपूर्ण पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं, जबकि कार्यालय का कामकाज संभालने के लिए क्लेरिकल स्टाफ का भी एक कर्मचारी उपलब्ध नहीं है। इसके चलते जहां विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं स्कूल में कार्यरत शिक्षकों पर अध्यापन के साथ-साथ प्रशासनिक और कार्यालय संबंधी कार्यों का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। स्टाफ की कमी के साथ-साथ स्कूल में आधारभूत सुविधाओं का अभाव भी चिंता का विषय बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार स्कूल में अंग्रेजी, हिंदी, जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र विषयों के प्रवक्ताओं के पद खाली चल रहे हैं। ये सभी महत्वपूर्ण विषय हैं और वरिष्ठ माध्यमिक स्तर पर विद्यार्थियों की शैक्षणिक तैयारी में इनकी अहम भूमिका रहती है। विषय विशेषज्ञ प्रवक्ताओं की अनुपलब्धता के कारण विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई और पाठ्यक्रम पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विशेषकर बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए यह स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण बन सकती है। ऐसे में अभिभावकों की चिंता भी बढ़ना स्वाभाविक है कि उनके बच्चों की पढ़ाई और परीक्षा परिणाम पर इसका क्या असर पड़ेगा।
स्कूल में केवल शिक्षकों की कमी ही समस्या नहीं है, बल्कि गैर-शिक्षक कर्मचारियों के पद भी रिक्त पड़े हैं। क्लर्क, असिस्टेंट और सुपरिंटेंडेंट के पद खाली होने के कारण स्कूल का पूरा कार्यालयी कामकाज प्रभावित हो रहा है। क्लेरिकल स्टाफ का एक भी कर्मचारी नहीं होने से शिक्षकों को ही पढ़ाई के अलावा कार्यालय से जुड़े कार्य भी संभालने पड़ रहे हैं। इससे शिक्षकों का बहुमूल्य समय प्रशासनिक कार्यों में खर्च हो रहा है। शिक्षकों की प्राथमिक जिम्मेदारी विद्यार्थियों को पढ़ाना है, लेकिन कर्मचारियों की कमी के चलते उन्हें अतिरिक्त जिम्मेदारियां निभानी पड़ रही हैं।
स्कूल में आधारभूत सुविधाओं की स्थिति भी संतोषजनक नहीं बताई जा रही है। यहां लेक्चर थिएटर, शौचालय, रसोईघर और खेल मैदान जैसी आवश्यक सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ खेलकूद और अन्य गतिविधियों के लिए उचित व्यवस्था होना भी जरूरी है। खेल मैदान के अभाव में विद्यार्थियों को अपनी खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने और उसे निखारने के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। वहीं, अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी भी स्कूल के समग्र शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित कर रही है।
कई बार सरकार और शिक्षा विभाग के समक्ष उठाया मामला
स्कूल प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष सुखपाल शर्मा ने बताया कि स्कूल में रिक्त पड़े पदों और अन्य समस्याओं को लेकर कई बार शिक्षा विभाग और प्रदेश सरकार को अवगत करवाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री के समक्ष भी स्कूल की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया है। इस दौरान उन्हें आश्वासन दिया गया था कि नए स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध किए जाने के बाद वहां के स्टाफ को इस स्कूल में भेजा जाएगा। हालांकि, स्कूल में लंबे समय से बनी हुई स्टाफ की कमी के चलते विद्यार्थियों और मौजूदा कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पुराने शिक्षण संस्थान की अनदेखी से विद्यार्थियों के भविष्य पर सवाल
सुखपाल शर्मा का कहना है कि स्कूल में लंबे समय से पद रिक्त रहने के कारण न केवल विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, बल्कि स्कूल के नियमित संचालन में भी दिक्कतें पेश आ रही हैं। एक तरफ शिक्षकों को विषयों का अध्यापन करवाना पड़ता है, तो दूसरी तरफ कार्यालयी कार्यों की जिम्मेदारी भी संभालनी पड़ती है। इससे उन पर अतिरिक्त कार्यभार पड़ रहा है। उन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की है कि स्कूल में रिक्त पड़े प्रवक्ताओं और गैर-शिक्षक कर्मचारियों के पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए तथा विद्यार्थियों को आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं।
इस मामले पर डिप्टी डायरेक्टर हायर एजुकेशन विकास महाजन ने कहा कि स्कूल में रिक्त पड़े प्रवक्ताओं के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए महत्वपूर्ण विषयों की पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से करवाने की व्यवस्था की जाएगी। इसके तहत विद्यार्थियों को दूसरे स्कूलों में तैनात विषय विशेषज्ञ प्रवक्ताओं के साथ ऑनलाइन जोड़ा जाएगा, ताकि उन्हें संबंधित विषयों की पढ़ाई का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी और हिंदी विषयों के प्रवक्ताओं के रिक्त पदों को भरने के लिए प्राथमिकता के आधार पर प्रयास किए जाएंगे। विभाग की ओर से विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारू रखने और स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की कोशिश की जा रही है।
Dharwala, Chamba | Oct 30, 2026