इटावा 132 स्कूल वाहन बिना फिटनेस 20 सीज, अब सवाल: इतने दिन तक विभागीय निगरानी कहां थी?
इटावा। परिवहन विभाग के प्रवर्तन दल ने बिना फिटनेस चल रहे 132 स्कूली वाहनों को नोटिस जारी कर 20 वाहनों को सीज किया है। कार्रवाई के बाद अभिभावकों और आम जनता के मन में एक बड़ा सवाल उठ रहा है।
सबसे बड़ा सवाल: "देरी क्यों?"
अगर इतनी बड़ी संख्या में स्कूली वाहन लंबे समय से बिना फिटनेस सड़कों पर संचालित हो रहे थे, तो नियमित जांच और निगरानी की व्यवस्था अब तक कहां थी?
पूर्व में इन वाहनों की कितनी बार फिटनेस जांच हुई, कितने नोटिस जारी हुए - इसका ब्यौरा सार्वजनिक होना चाहिए।
चालकों के आरोप, विभाग का पक्ष
कुछ वाहन चालकों ने कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाए हैं। एक चालक ने कहा, _"गाड़ी की कीमत और चालान की राशि बराबर है। कागज मांगे बिना ही कार्रवाई हुई।"_
वहीं विभाग का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं होगा।
मांग: पारदर्शी जांच हो
स्थानीय लोगों और अभिभावकों की मांग है कि जिलाधिकारी महोदय पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएं। जांच में ये बिंदु शामिल हों:
1. इतने वाहनों के बिना फिटनेस चलने के लिए कौन जिम्मेदार था?
2. पिछले 1 साल में कितनी चेकिंग अभियान चले?
3. वर्तमान कार्रवाई नियम और प्रक्रिया के अनुसार हुई या नहीं?
नियम सबके लिए बराबर होने चाहिए। अगर वाहन संचालकों ने गलती की है तो कार्रवाई हो, और अगर विभागीय स्तर पर लापरवाही रही है तो उसकी समीक्षा भी जरूरी है। बच्चों की जान से कोई समझौता नहीं।
जनता का मत: _कार्रवाई स्वागत योग्य है, लेकिन समय पर होती तो बेहतर होता।_
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