Public App Logo
Jansamasya
News
पुलिस
Maharashtra
Bjp
National
Police
Bihar
कांग्रेस
Congress
Modi
Delhi
Viral
Crime
Up
अमित_शाह
Bollywood
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
Pmmodi
Rahulgandhi
यूपी
Uttarpradesh
Haryana
Cricket
Lucknow
Uttarakhand
Sambalpur
Crimenews

Transportdepartment

एचआरटीसी में चालकों की भर्ती को उमड़ी भीड़
नालागढ़ डिपो में 15 पदों के लिए 137 युवाओं ने किया आवेदन
स्किल टेस्ट के जरिए होगा योग्य उम्मीदवारों का चयन
हैवी व्हीकल लाइसेंस और अनुभव रखने वालों को मिला मौका
कमेटी की सिफारिश के बाद जल्द घोषित होगा अंतिम परिणाम
#HRTC #Nalagarh #DriverRecruitment #HimachalPradesh #JobOpportunity #SkillTest #HeavyVehicleLicense #YouthEmployment #TransportDepartment #HRTCJobs #RecruitmentDrive #BreakingNews #BBNNews #NalagarhNews

एचआरटीसी में चालकों की भर्ती को उमड़ी भीड़ नालागढ़ डिपो में 15 पदों के लिए 137 युवाओं ने किया आवेदन स्किल टेस्ट के जरिए होगा योग्य उम्मीदवारों का चयन हैवी व्हीकल लाइसेंस और अनुभव रखने वालों को मिला मौका कमेटी की सिफारिश के बाद जल्द घोषित होगा अंतिम परिणाम #HRTC #Nalagarh #DriverRecruitment #HimachalPradesh #JobOpportunity #SkillTest #HeavyVehicleLicense #YouthEmployment #TransportDepartment #HRTCJobs #RecruitmentDrive #BreakingNews #BBNNews #NalagarhNews

Baddi, Solan | Jun 24, 2026

ओवरलोडिंग पर प्रशासनिक दावों की खुली पोल! वायरल जीपीएस वीडियो ने मचाई खलबली

फतेहपुर में बेखौफ दौड़ रहे ओवरलोड ट्रक-डंपर, खनिज और आरटीओ विभाग पर उठे सवाल

जनता ने मांगी उच्चस्तरीय जांच, वीडियो साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की मांग

✒️रिपोर्ट पिंटू तिवारी

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद में ओवरलोडिंग के खिलाफ प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अभियान और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए जीपीएस आधारित वीडियो ने जिले में ओवरलोड वाहनों के संचालन को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि प्रशासनिक निगरानी और टास्क फोर्स की मौजूदगी के बावजूद मोरम और गिट्टी से लदे ओवरलोड वाहन प्रमुख मार्गों पर लगातार फर्राटा भर रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद खनिज विभाग, परिवहन विभाग और संबंधित अधिकारियों की भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

फतेहपुर जिले में ओवरलोडिंग का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। जिला प्रशासन की ओर से ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के दावे किए जाते रहे हैं। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक द्वारा समय-समय पर संबंधित विभागों को निर्देश भी जारी किए जाते हैं। इसके बावजूद रामनगर कौहन यमुना पुल, असोथर, प्रताप नगर झाल और आसपास के क्षेत्रों से गुजरते कथित ओवरलोड वाहनों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

स्थानीय नागरिकों द्वारा बनाए गए जीपीएस वीडियो और फुटेज में कथित तौर पर मोरम और गिट्टी से लदे भारी वाहन क्षमता से अधिक माल ढोते हुए दिखाई दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासनिक स्तर पर चौबीसों घंटे निगरानी और चेकिंग की व्यवस्था लागू है, तो ऐसे वाहन खुलेआम कैसे संचालित हो रहे हैं।

ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि ओवरलोडिंग से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचता है, बल्कि सड़कें भी समय से पहले क्षतिग्रस्त होती हैं और दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। लोगों ने खनिज विभाग और आरटीओ विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं तथा निष्पक्ष जांच की मांग की है।

क्षेत्र में चर्चा यह भी है कि कुछ लोग कथित रूप से वाहनों को चेकिंग प्वाइंट्स और अधिकारियों की गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध कराते हैं। हालांकि इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वायरल वीडियो के बाद ऐसे आरोपों को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि वायरल जीपीएस वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित लोकेशन डेटा की तकनीकी जांच कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। साथ ही यदि किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।

फतेहपुर में सामने आए इस प्रकरण ने प्रशासनिक निगरानी, परिवहन व्यवस्था और ओवरलोडिंग नियंत्रण तंत्र की प्रभावशीलता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो में दिखाई गई स्थितियां किस हद तक सही हैं और जिम्मेदारी किसकी बनती है।

🟥 ND NEWS की विशेष अपील

ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा जिला प्रशासन, खनिज विभाग, परिवहन विभाग एवं पुलिस प्रशासन से अपील करता है कि वायरल वीडियो और जन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराई जाए।

ओवरलोडिंग केवल नियमों का उल्लंघन नहीं बल्कि सड़क सुरक्षा, पर्यावरण और सरकारी राजस्व से जुड़ा गंभीर विषय है। यदि समय रहते इस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में बड़े हादसों और आर्थिक नुकसान की आशंका बढ़ सकती है।

"सुरक्षित सड़कें, पारदर्शी व्यवस्था और जवाबदेही ही सुशासन की पहचान है।"
👇👇
@dgpup
@RSSorg
@UPGovt
@wpl1090
@RSSgeet
@Uppolice
@MIB_India
@PMOIndia
@HMOIndia
@abmanglik
@VHPDigital
@igrangealld
@myogioffice
@InfoDeptUP 
@dmfatehpur
@sdmsadarftp
@CMOfficeUP
@CMOUP_RC
@UPPRD1948
@ChiefSecyUP
@ChiefSecyUP
@MahantYogiG
@FatehpurSdm
@fatehpurpolice
@BajrangDalOrg
@112UttarPradesh
@myogiadityanath
@CommissionerPrg
@ADGZonPrayagraj
👇👇
#NDNews #दैनिकनिष्पक्षधारा #Fatehpur #Overloading #OverloadTrucks #MiningDepartment #RTO #RoadSafety #UPPolice #FatehpurNews #TransportDepartment #PublicInterest #NDNewsChannel #GPSVideo #ViralVideo #Accountability
👇👇
🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा
मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा
सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया
📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – (110092) (NCR)
📞 मोबाइल: 9696119696

ओवरलोडिंग पर प्रशासनिक दावों की खुली पोल! वायरल जीपीएस वीडियो ने मचाई खलबली फतेहपुर में बेखौफ दौड़ रहे ओवरलोड ट्रक-डंपर, खनिज और आरटीओ विभाग पर उठे सवाल जनता ने मांगी उच्चस्तरीय जांच, वीडियो साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की मांग ✒️रिपोर्ट पिंटू तिवारी उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद में ओवरलोडिंग के खिलाफ प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अभियान और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए जीपीएस आधारित वीडियो ने जिले में ओवरलोड वाहनों के संचालन को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि प्रशासनिक निगरानी और टास्क फोर्स की मौजूदगी के बावजूद मोरम और गिट्टी से लदे ओवरलोड वाहन प्रमुख मार्गों पर लगातार फर्राटा भर रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद खनिज विभाग, परिवहन विभाग और संबंधित अधिकारियों की भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है। फतेहपुर जिले में ओवरलोडिंग का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। जिला प्रशासन की ओर से ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के दावे किए जाते रहे हैं। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक द्वारा समय-समय पर संबंधित विभागों को निर्देश भी जारी किए जाते हैं। इसके बावजूद रामनगर कौहन यमुना पुल, असोथर, प्रताप नगर झाल और आसपास के क्षेत्रों से गुजरते कथित ओवरलोड वाहनों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय नागरिकों द्वारा बनाए गए जीपीएस वीडियो और फुटेज में कथित तौर पर मोरम और गिट्टी से लदे भारी वाहन क्षमता से अधिक माल ढोते हुए दिखाई दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासनिक स्तर पर चौबीसों घंटे निगरानी और चेकिंग की व्यवस्था लागू है, तो ऐसे वाहन खुलेआम कैसे संचालित हो रहे हैं। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि ओवरलोडिंग से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचता है, बल्कि सड़कें भी समय से पहले क्षतिग्रस्त होती हैं और दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। लोगों ने खनिज विभाग और आरटीओ विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं तथा निष्पक्ष जांच की मांग की है। क्षेत्र में चर्चा यह भी है कि कुछ लोग कथित रूप से वाहनों को चेकिंग प्वाइंट्स और अधिकारियों की गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध कराते हैं। हालांकि इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वायरल वीडियो के बाद ऐसे आरोपों को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि वायरल जीपीएस वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित लोकेशन डेटा की तकनीकी जांच कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। साथ ही यदि किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। फतेहपुर में सामने आए इस प्रकरण ने प्रशासनिक निगरानी, परिवहन व्यवस्था और ओवरलोडिंग नियंत्रण तंत्र की प्रभावशीलता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो में दिखाई गई स्थितियां किस हद तक सही हैं और जिम्मेदारी किसकी बनती है। 🟥 ND NEWS की विशेष अपील ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा जिला प्रशासन, खनिज विभाग, परिवहन विभाग एवं पुलिस प्रशासन से अपील करता है कि वायरल वीडियो और जन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराई जाए। ओवरलोडिंग केवल नियमों का उल्लंघन नहीं बल्कि सड़क सुरक्षा, पर्यावरण और सरकारी राजस्व से जुड़ा गंभीर विषय है। यदि समय रहते इस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में बड़े हादसों और आर्थिक नुकसान की आशंका बढ़ सकती है। "सुरक्षित सड़कें, पारदर्शी व्यवस्था और जवाबदेही ही सुशासन की पहचान है।" 👇👇 @dgpup @RSSorg @UPGovt @wpl1090 @RSSgeet @Uppolice @MIB_India @PMOIndia @HMOIndia @abmanglik @VHPDigital @igrangealld @myogioffice @InfoDeptUP @dmfatehpur @sdmsadarftp @CMOfficeUP @CMOUP_RC @UPPRD1948 @ChiefSecyUP @ChiefSecyUP @MahantYogiG @FatehpurSdm @fatehpurpolice @BajrangDalOrg @112UttarPradesh @myogiadityanath @CommissionerPrg @ADGZonPrayagraj 👇👇 #NDNews #दैनिकनिष्पक्षधारा #Fatehpur #Overloading #OverloadTrucks #MiningDepartment #RTO #RoadSafety #UPPolice #FatehpurNews #TransportDepartment #PublicInterest #NDNewsChannel #GPSVideo #ViralVideo #Accountability 👇👇 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया 📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – (110092) (NCR) 📞 मोबाइल: 9696119696

Fatehpur, Fatehpur | Jun 22, 2026

ओवरलोडिंग पर प्रशासनिक दावों की खुली पोल! वायरल जीपीएस वीडियो ने मचाई खलबली

फतेहपुर में बेखौफ दौड़ रहे ओवरलोड ट्रक-डंपर, खनिज और आरटीओ विभाग पर उठे सवाल

जनता ने मांगी उच्चस्तरीय जांच, वीडियो साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की मांग

✒️रिपोर्ट पिंटू तिवारी

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद में ओवरलोडिंग के खिलाफ प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अभियान और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए जीपीएस आधारित वीडियो ने जिले में ओवरलोड वाहनों के संचालन को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि प्रशासनिक निगरानी और टास्क फोर्स की मौजूदगी के बावजूद मोरम और गिट्टी से लदे ओवरलोड वाहन प्रमुख मार्गों पर लगातार फर्राटा भर रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद खनिज विभाग, परिवहन विभाग और संबंधित अधिकारियों की भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

फतेहपुर जिले में ओवरलोडिंग का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। जिला प्रशासन की ओर से ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के दावे किए जाते रहे हैं। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक द्वारा समय-समय पर संबंधित विभागों को निर्देश भी जारी किए जाते हैं। इसके बावजूद रामनगर कौहन यमुना पुल, असोथर, प्रताप नगर झाल और आसपास के क्षेत्रों से गुजरते कथित ओवरलोड वाहनों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

स्थानीय नागरिकों द्वारा बनाए गए जीपीएस वीडियो और फुटेज में कथित तौर पर मोरम और गिट्टी से लदे भारी वाहन क्षमता से अधिक माल ढोते हुए दिखाई दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासनिक स्तर पर चौबीसों घंटे निगरानी और चेकिंग की व्यवस्था लागू है, तो ऐसे वाहन खुलेआम कैसे संचालित हो रहे हैं।

ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि ओवरलोडिंग से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचता है, बल्कि सड़कें भी समय से पहले क्षतिग्रस्त होती हैं और दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। लोगों ने खनिज विभाग और आरटीओ विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं तथा निष्पक्ष जांच की मांग की है।

क्षेत्र में चर्चा यह भी है कि कुछ लोग कथित रूप से वाहनों को चेकिंग प्वाइंट्स और अधिकारियों की गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध कराते हैं। हालांकि इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वायरल वीडियो के बाद ऐसे आरोपों को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि वायरल जीपीएस वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित लोकेशन डेटा की तकनीकी जांच कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। साथ ही यदि किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।

फतेहपुर में सामने आए इस प्रकरण ने प्रशासनिक निगरानी, परिवहन व्यवस्था और ओवरलोडिंग नियंत्रण तंत्र की प्रभावशीलता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो में दिखाई गई स्थितियां किस हद तक सही हैं और जिम्मेदारी किसकी बनती है।

🟥 ND NEWS की विशेष अपील

ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा जिला प्रशासन, खनिज विभाग, परिवहन विभाग एवं पुलिस प्रशासन से अपील करता है कि वायरल वीडियो और जन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराई जाए।

ओवरलोडिंग केवल नियमों का उल्लंघन नहीं बल्कि सड़क सुरक्षा, पर्यावरण और सरकारी राजस्व से जुड़ा गंभीर विषय है। यदि समय रहते इस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में बड़े हादसों और आर्थिक नुकसान की आशंका बढ़ सकती है।

"सुरक्षित सड़कें, पारदर्शी व्यवस्था और जवाबदेही ही सुशासन की पहचान है।"
👇👇
@dgpup
@RSSorg
@UPGovt
@wpl1090
@RSSgeet
@Uppolice
@MIB_India
@PMOIndia
@HMOIndia
@abmanglik
@VHPDigital
@igrangealld
@myogioffice
@InfoDeptUP 
@dmfatehpur
@sdmsadarftp
@CMOfficeUP
@CMOUP_RC
@UPPRD1948
@ChiefSecyUP
@ChiefSecyUP
@MahantYogiG
@FatehpurSdm
@fatehpurpolice
@BajrangDalOrg
@112UttarPradesh
@myogiadityanath
@CommissionerPrg
@ADGZonPrayagraj
👇👇
#NDNews #दैनिकनिष्पक्षधारा #Fatehpur #Overloading #OverloadTrucks #MiningDepartment #RTO #RoadSafety #UPPolice #FatehpurNews #TransportDepartment #PublicInterest #NDNewsChannel #GPSVideo #ViralVideo #Accountability
👇👇
🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा
मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा
सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया
📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – (110092) (NCR)
📞 मोबाइल: 9696119696

ओवरलोडिंग पर प्रशासनिक दावों की खुली पोल! वायरल जीपीएस वीडियो ने मचाई खलबली फतेहपुर में बेखौफ दौड़ रहे ओवरलोड ट्रक-डंपर, खनिज और आरटीओ विभाग पर उठे सवाल जनता ने मांगी उच्चस्तरीय जांच, वीडियो साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की मांग ✒️रिपोर्ट पिंटू तिवारी उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद में ओवरलोडिंग के खिलाफ प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अभियान और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए जीपीएस आधारित वीडियो ने जिले में ओवरलोड वाहनों के संचालन को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि प्रशासनिक निगरानी और टास्क फोर्स की मौजूदगी के बावजूद मोरम और गिट्टी से लदे ओवरलोड वाहन प्रमुख मार्गों पर लगातार फर्राटा भर रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद खनिज विभाग, परिवहन विभाग और संबंधित अधिकारियों की भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है। फतेहपुर जिले में ओवरलोडिंग का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। जिला प्रशासन की ओर से ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के दावे किए जाते रहे हैं। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक द्वारा समय-समय पर संबंधित विभागों को निर्देश भी जारी किए जाते हैं। इसके बावजूद रामनगर कौहन यमुना पुल, असोथर, प्रताप नगर झाल और आसपास के क्षेत्रों से गुजरते कथित ओवरलोड वाहनों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय नागरिकों द्वारा बनाए गए जीपीएस वीडियो और फुटेज में कथित तौर पर मोरम और गिट्टी से लदे भारी वाहन क्षमता से अधिक माल ढोते हुए दिखाई दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासनिक स्तर पर चौबीसों घंटे निगरानी और चेकिंग की व्यवस्था लागू है, तो ऐसे वाहन खुलेआम कैसे संचालित हो रहे हैं। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि ओवरलोडिंग से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचता है, बल्कि सड़कें भी समय से पहले क्षतिग्रस्त होती हैं और दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। लोगों ने खनिज विभाग और आरटीओ विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं तथा निष्पक्ष जांच की मांग की है। क्षेत्र में चर्चा यह भी है कि कुछ लोग कथित रूप से वाहनों को चेकिंग प्वाइंट्स और अधिकारियों की गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध कराते हैं। हालांकि इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वायरल वीडियो के बाद ऐसे आरोपों को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि वायरल जीपीएस वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित लोकेशन डेटा की तकनीकी जांच कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। साथ ही यदि किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। फतेहपुर में सामने आए इस प्रकरण ने प्रशासनिक निगरानी, परिवहन व्यवस्था और ओवरलोडिंग नियंत्रण तंत्र की प्रभावशीलता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो में दिखाई गई स्थितियां किस हद तक सही हैं और जिम्मेदारी किसकी बनती है। 🟥 ND NEWS की विशेष अपील ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा जिला प्रशासन, खनिज विभाग, परिवहन विभाग एवं पुलिस प्रशासन से अपील करता है कि वायरल वीडियो और जन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराई जाए। ओवरलोडिंग केवल नियमों का उल्लंघन नहीं बल्कि सड़क सुरक्षा, पर्यावरण और सरकारी राजस्व से जुड़ा गंभीर विषय है। यदि समय रहते इस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में बड़े हादसों और आर्थिक नुकसान की आशंका बढ़ सकती है। "सुरक्षित सड़कें, पारदर्शी व्यवस्था और जवाबदेही ही सुशासन की पहचान है।" 👇👇 @dgpup @RSSorg @UPGovt @wpl1090 @RSSgeet @Uppolice @MIB_India @PMOIndia @HMOIndia @abmanglik @VHPDigital @igrangealld @myogioffice @InfoDeptUP @dmfatehpur @sdmsadarftp @CMOfficeUP @CMOUP_RC @UPPRD1948 @ChiefSecyUP @ChiefSecyUP @MahantYogiG @FatehpurSdm @fatehpurpolice @BajrangDalOrg @112UttarPradesh @myogiadityanath @CommissionerPrg @ADGZonPrayagraj 👇👇 #NDNews #दैनिकनिष्पक्षधारा #Fatehpur #Overloading #OverloadTrucks #MiningDepartment #RTO #RoadSafety #UPPolice #FatehpurNews #TransportDepartment #PublicInterest #NDNewsChannel #GPSVideo #ViralVideo #Accountability 👇👇 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया 📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – (110092) (NCR) 📞 मोबाइल: 9696119696

Fatehpur, Fatehpur | Jun 22, 2026

सीधी की सड़कों पर मौत का सफर! 7 सीटर वाहन में ठूंस-ठूंसकर भरी सवारियां, छत पर भी बैठे लोग
नियमों की उड़ रही धज्जियां, सीधी में मार्शल वाहन बना ओवरलोड यात्री वाहन
हादसे का इंतजार या कार्रवाई? सीधी में खतरनाक तरीके से दौड़ रहे जर्जर वाहन
सीधी में यात्रियों की जान से खिलवाड़, क्षमता से ज्यादा सवारियों से भरी गाड़ी का वीडियो वायरल
प्रशासन की अनदेखी पर सवाल, ओवरलोड वाहनों से बढ़ा सड़क हादसों का खतरा#Sidhi #SidhiNews #MadhyaPradesh #MPNews #RoadSafety #Overloading #TrafficRules #TransportDepartment #RoadAccident #BreakingNews #MPBreakingNews #HindiNews #ViralVideo #PublicSafety #TrafficViolation #SidhiUpdate #MadhyaPradeshNews #LatestNews #RoadSafetyIndia #NewsUpdate

सीधी की सड़कों पर मौत का सफर! 7 सीटर वाहन में ठूंस-ठूंसकर भरी सवारियां, छत पर भी बैठे लोग नियमों की उड़ रही धज्जियां, सीधी में मार्शल वाहन बना ओवरलोड यात्री वाहन हादसे का इंतजार या कार्रवाई? सीधी में खतरनाक तरीके से दौड़ रहे जर्जर वाहन सीधी में यात्रियों की जान से खिलवाड़, क्षमता से ज्यादा सवारियों से भरी गाड़ी का वीडियो वायरल प्रशासन की अनदेखी पर सवाल, ओवरलोड वाहनों से बढ़ा सड़क हादसों का खतरा#Sidhi #SidhiNews #MadhyaPradesh #MPNews #RoadSafety #Overloading #TrafficRules #TransportDepartment #RoadAccident #BreakingNews #MPBreakingNews #HindiNews #ViralVideo #PublicSafety #TrafficViolation #SidhiUpdate #MadhyaPradeshNews #LatestNews #RoadSafetyIndia #NewsUpdate

Madhya Pradesh, India | Jun 18, 2026

रिश्वत के आरोप के बीच बस कर्मचारी से मारपीट? नोएडा का वीडियो वायरल

परिवहन विभाग के पीटीओ पर गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग तेज

महामाया फ्लाईओवर पर हुई कथित घटना से विभागीय कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

✒️रिपोर्ट स्टेट हेड रोशन लाल श्रीवास्तव एनसीआर

नोएडा। गौतमबुद्ध नगर के नोएडा स्थित महामाया फ्लाईओवर पर परिवहन विभाग के एक अधिकारी और बस कर्मचारी के बीच हुए कथित विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली और अधिकारियों के आचरण को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि वायरल वीडियो में लगाए जा रहे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है और मामले की आधिकारिक जांच की प्रतीक्षा है।

उत्तर प्रदेश के नोएडा में सोमवार सुबह उस समय विवाद खड़ा हो गया जब गोरखपुर से दिल्ली जा रही एक स्लीपर बस को महामाया फ्लाईओवर के पास परिवहन विभाग की चेकिंग टीम ने रोक लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चेकिंग के दौरान बस कर्मचारी और परिवहन विभाग के पीटीओ के बीच कहासुनी हो गई।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कथित तौर पर बस कर्मचारी के साथ अभद्र व्यवहार और थप्पड़ मारने की घटना दिखाई दे रही है। वायरल पोस्टों में आरोप लगाया जा रहा है कि कथित रिश्वत की मांग पूरी न होने पर विवाद बढ़ा और मामला मारपीट तक पहुंच गया। हालांकि इन आरोपों की अभी तक किसी सक्षम जांच एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं की गई है।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर निष्कर्ष निकालने से पहले पूरे मामले की जांच आवश्यक है।

परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल

वायरल वीडियो के बाद यह बहस तेज हो गई है कि सड़क परिवहन चेकिंग के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच व्यवहार की मर्यादा तथा पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित की जाए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला विभागीय अनुशासन और जवाबदेही से भी जुड़ सकता है।

जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई

फिलहाल घटना को लेकर आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। ऐसे में वायरल वीडियो और सोशल मीडिया दावों के आधार पर किसी भी पक्ष को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

नोएडा में सामने आई इस घटना ने प्रशासनिक जवाबदेही, पारदर्शिता और सार्वजनिक सेवाओं में आचरण संबंधी मानकों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित विभाग मामले की जांच किस प्रकार करता है और यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

🟥 ND NEWS की अपील

🔹 सभी सरकारी विभागों में पारदर्शिता, जवाबदेही और सम्मानजनक व्यवहार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
🔹 किसी भी शिकायत या आरोप की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच होनी चाहिए ताकि जनता का विश्वास बना रहे।
🔹 सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को सेवा आचरण नियमों का पालन करते हुए जनता से संवाद करना चाहिए।
🔹 परिवहन विभाग को चेकिंग प्रक्रिया में बॉडी कैमरा, डिजिटल रिकॉर्डिंग और पारदर्शी व्यवस्था को बढ़ावा देना चाहिए।
🔹 नागरिकों से भी अपील है कि किसी घटना का वीडियो साझा करते समय अफवाहों से बचें और सत्यापित जानकारी को ही प्रसारित करें।

"पारदर्शी प्रशासन और जवाबदेह व्यवस्था ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।"
👇👇
@UPGovt
@InfoDeptUP
@UPTransportDept
@myogiadityanath
@CMOfficeUP
@ChiefSecyUP
@dmgbnagar
@noidatraffic
@Uppolice
@noidapolice
👇👇
#NDNews #दैनिकनिष्पक्षधारा #Noida #GautamBuddhNagar #TransportDepartment #ViralVideo #BreakingNews #UPNews #PublicAccountability #RoadTransport
#नोएडा #परिवहन_विभाग #उत्तरप्रदेश_सरकार #वायरल_वीडियो #जनहित #प्रशासनिक_जवाबदेही #NDNewsChannel #DailyNishpakshDhara
👇👇
🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा
मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा
सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया
✒️ रिपोर्ट : स्टेट हेड रोशन लाल श्रीवास्तव एनसीआर
📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – (110092) (NCR)
📍 कार्यालय-2: विधानसभा रोड, बर्लिंगटन चौराहा, लखनऊ (226001) (UP)
📍 कार्यालय-1: 1/1 अटल बिहारी चौराहा, नियर बर्मा चौराहा, फतेहपुर (212601) (UP)
📅 दिनांक: 18 जून 2026
📆 दिन: गुरुवार
📧 Email: ndnewschannel@gmail.com
📞 मोबाइल: 9696119696

रिश्वत के आरोप के बीच बस कर्मचारी से मारपीट? नोएडा का वीडियो वायरल परिवहन विभाग के पीटीओ पर गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग तेज महामाया फ्लाईओवर पर हुई कथित घटना से विभागीय कार्यप्रणाली पर उठे सवाल ✒️रिपोर्ट स्टेट हेड रोशन लाल श्रीवास्तव एनसीआर नोएडा। गौतमबुद्ध नगर के नोएडा स्थित महामाया फ्लाईओवर पर परिवहन विभाग के एक अधिकारी और बस कर्मचारी के बीच हुए कथित विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली और अधिकारियों के आचरण को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि वायरल वीडियो में लगाए जा रहे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है और मामले की आधिकारिक जांच की प्रतीक्षा है। उत्तर प्रदेश के नोएडा में सोमवार सुबह उस समय विवाद खड़ा हो गया जब गोरखपुर से दिल्ली जा रही एक स्लीपर बस को महामाया फ्लाईओवर के पास परिवहन विभाग की चेकिंग टीम ने रोक लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चेकिंग के दौरान बस कर्मचारी और परिवहन विभाग के पीटीओ के बीच कहासुनी हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कथित तौर पर बस कर्मचारी के साथ अभद्र व्यवहार और थप्पड़ मारने की घटना दिखाई दे रही है। वायरल पोस्टों में आरोप लगाया जा रहा है कि कथित रिश्वत की मांग पूरी न होने पर विवाद बढ़ा और मामला मारपीट तक पहुंच गया। हालांकि इन आरोपों की अभी तक किसी सक्षम जांच एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं की गई है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर निष्कर्ष निकालने से पहले पूरे मामले की जांच आवश्यक है। परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल वायरल वीडियो के बाद यह बहस तेज हो गई है कि सड़क परिवहन चेकिंग के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच व्यवहार की मर्यादा तथा पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित की जाए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला विभागीय अनुशासन और जवाबदेही से भी जुड़ सकता है। जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई फिलहाल घटना को लेकर आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। ऐसे में वायरल वीडियो और सोशल मीडिया दावों के आधार पर किसी भी पक्ष को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। नोएडा में सामने आई इस घटना ने प्रशासनिक जवाबदेही, पारदर्शिता और सार्वजनिक सेवाओं में आचरण संबंधी मानकों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित विभाग मामले की जांच किस प्रकार करता है और यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है। 🟥 ND NEWS की अपील 🔹 सभी सरकारी विभागों में पारदर्शिता, जवाबदेही और सम्मानजनक व्यवहार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। 🔹 किसी भी शिकायत या आरोप की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच होनी चाहिए ताकि जनता का विश्वास बना रहे। 🔹 सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को सेवा आचरण नियमों का पालन करते हुए जनता से संवाद करना चाहिए। 🔹 परिवहन विभाग को चेकिंग प्रक्रिया में बॉडी कैमरा, डिजिटल रिकॉर्डिंग और पारदर्शी व्यवस्था को बढ़ावा देना चाहिए। 🔹 नागरिकों से भी अपील है कि किसी घटना का वीडियो साझा करते समय अफवाहों से बचें और सत्यापित जानकारी को ही प्रसारित करें। "पारदर्शी प्रशासन और जवाबदेह व्यवस्था ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।" 👇👇 @UPGovt @InfoDeptUP @UPTransportDept @myogiadityanath @CMOfficeUP @ChiefSecyUP @dmgbnagar @noidatraffic @Uppolice @noidapolice 👇👇 #NDNews #दैनिकनिष्पक्षधारा #Noida #GautamBuddhNagar #TransportDepartment #ViralVideo #BreakingNews #UPNews #PublicAccountability #RoadTransport #नोएडा #परिवहन_विभाग #उत्तरप्रदेश_सरकार #वायरल_वीडियो #जनहित #प्रशासनिक_जवाबदेही #NDNewsChannel #DailyNishpakshDhara 👇👇 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया ✒️ रिपोर्ट : स्टेट हेड रोशन लाल श्रीवास्तव एनसीआर 📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – (110092) (NCR) 📍 कार्यालय-2: विधानसभा रोड, बर्लिंगटन चौराहा, लखनऊ (226001) (UP) 📍 कार्यालय-1: 1/1 अटल बिहारी चौराहा, नियर बर्मा चौराहा, फतेहपुर (212601) (UP) 📅 दिनांक: 18 जून 2026 📆 दिन: गुरुवार 📧 Email: ndnewschannel@gmail.com 📞 मोबाइल: 9696119696

Fatehpur, Fatehpur | Jun 17, 2026

Latest Transportdepartment News Videos - Watch the Latest News of June 25, 2026 | Public App