शराब दुकान के विरोध में ग्रामीणों ने फिर लगाया जाम, महिलाओं ने किया प्रदर्शन
एक सप्ताह बाद भी समस्या का समाधान न होने पर फूटा आक्रोश, एसीपी ने समझाकर खुलवाया रास्ता; दो दिन बाद एसडीएम बारा के घेराव की चेतावनी
प्रयागराज। घूरपुर थाना क्षेत्र के कंजासा गांव में संचालित कंपोजिट अंग्रेजी शराब एवं बीयर की दुकान को बंद कराने की मांग को लेकर शुक्रवार शाम ग्रामीणों का आक्रोश एक बार फिर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में महिलाओं और ग्रामीणों ने कंजासा गांव के सामने घूरपुर-लालापुर मार्ग पर पहुंचकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया, जिससे करीब एक घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं का आरोप था कि गांव में शराब की दुकान संचालित होने से शराब की खपत लगातार बढ़ रही है। इसका असर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक पर पड़ रहा है। महिलाओं ने कहा कि शराब के कारण गांव का माहौल खराब हो रहा है और परिवारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कंपोजिट शराब दुकान को बंद कराने के साथ-साथ क्षेत्र में अवैध कच्ची शराब के कारोबार पर भी पूरी तरह रोक लगाने की मांग उठाई।
महिलाओं ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले भी ग्रामीणों ने शराब दुकान के विरोध में प्रदर्शन किया था। उस समय घूरपुर थाना प्रभारी हरिकेश सिंह ने समस्या के समाधान के लिए एक सप्ताह का समय मांगा था, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज ग्रामीणों ने शुक्रवार को दोबारा सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया।
सड़क जाम और हंगामे की सूचना मिलते ही घूरपुर थाना प्रभारी हरिकेश सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद एसीपी कौंधियारा अब्दुस सलाम खान भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रही महिलाओं और ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा समझा-बुझाकर शांत कराया। अधिकारियों के समझाने के बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया, जिसके बाद मार्ग पर यातायात बहाल हो सका।
हालांकि ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि दो दिनों के भीतर शराब दुकान बंद कराने और कच्ची शराब के कारोबार पर रोक लगाने की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे एसडीएम बारा कार्यालय का घेराव करेंगी। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
Bara, Allahabad | Oct 31, 2026