सोनम वांगचुक से वार्ता के बदले हिरासत क्यों ? मोदी शाह जबाव दो
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा दो
RYA - AISA- CPIML का विरोध मार्च
शेखपुरा, RYA, AISA एवं CPI ml के बैनर से निकली गई विरोध मार्च का नेतृत्व भाकपा माले जिला सचिव कामरेड विजय कुमार विजय कर रहे थे। मार्च दल्लू चौक से निकलकर कटरा चौक,चांदनी चौक होते हुए जिला समाहरणालय तक पहुंचा। मार्च में RYA संयोजक रिक्की खान, आइसा संयोजक प्रवीण सिंह कुशवाहा, माले नेता कमलेश प्रसाद,राजेश कुमार राय,कमलेश मानव,तेतरी देवी जितेन्द्र मांझी, रामचंद्र रविदास सहित दर्जनों छात्र नौजवान शामिल हुए। वहां पर प्रेस मीडिया के समक्ष aisa के जिला संयोजक मो रिक्की खान , RYA के जिला संयोजक प्रवीण सिंह कुशवाहा, माले जिला सचिव कामरेड विजय कुमार विजय ने संयुक्त रूप से अपनी बात रखते हुए बताया कि दिल्ली के जंतर मंतर पर सोनम बांगचुक, आइसा नेत्री कामरेड नेहा बोरा और aisa के अन्य छात्र–छात्राओं द्वारा किए जा रहे भूख हड़ताल व आंदोलन के समर्थन में हमलोगों का आज विरोध मार्च है। नेताओं ने कहा कि सोनम वांगचुक की मोदी शाह के द्वारा हिरासत में लेने के बाद भी आइसा और अन्य संगठनों के छात्र–नौजवानों के नेतृत्व में अनशन जारी हैं और आज संसद मार्च किया जा रहा है।दो दिन पहले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से बलपूर्वक उठाकर अपने साथ ले गई। शायद यह सोच थी कि इससे आंदोलन थम जाएगा। लेकिन हुआ ठीक इसके विपरीत। दिन चढ़ते-चढ़ते हजारों लोग जंतर-मंतर पहुंच गए और आंदोलन पहले से कहीं अधिक संगठित, व्यापक और मजबूत होकर सामने आया। आज देश के लाखों छात्र नौजवान जुटकर संसद भवन मार्च कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जबतक देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते तब तक आंदोलन जारी रहेगा । और अब तो इस आंदोलन का पूरे देश ही नहीं विदेशों से भी समर्थन मिलने लगा है। नेताओं ने तमाम छात्र–नौजवानों से, लोकतंत्र और न्यायपसंद लोगों से अपील किया कि पेपर लीक, और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एकजुट होकर आंदोलन को और तेज करें।