बिहार राज्य आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन (ऐक्टू) के बैनर तले सीडीपीओ कार्यालय अरियरी पर एक दिवसीय धरना का आयोजन किया गया।
धरना की अध्यक्षता आंगनबाड़ी नेत्री संजू कुमारी ने किया जबकि संचालन ममता कुमारी ने किया मौके पर पहुंचे ऐक्टू जिला संयोजक कमलेश प्रसाद ने धरना को संबोधित करते हुए कहा कि चाहे केंद्र सरकार हो या फिर राज्य सरकार दोनों सरकारें इनकी मांगों की उपेक्षा कर रही हैं,क्योंकि लगभग छः महीने से मानदेय नहीं दे रहे हैं इससे इनको परिवार चलाने में ,बच्चे को पढ़ाने में काफी संकट का सामना करना पड़ा रहा है,एक तरफ मानदेय काफी कम मिल रहा है तो दूसरे तरफ समय पर भुगतान नहीं ये रवैया सही नहीं है,न्यूनतम वेतनमान,सामाजिक सुरक्षा आज आंगनबाड़ी सेविका व सहायिका बहनों का प्रमुख सवाल बना हुआ है,उन्होंने कहा कि वर्तमान आदेश पॉकेट भुगतान एवं बच्चों के पोशाक वितरण से प्रतीत होता है कि विभागीय उद्देश्य एवं सेवाओं का निजीकरण किया जा रहा है तथा वर्तमान विभागीय व्यवस्था के करण माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन नहीं हो रहा है वर्ष में 300 दिन को शहर एवं अन्य राज्यों की तरह ग्रेच्युटी भुगतान सरकार को करनी चाहिए साथ ही साथ बढ़ती महंगाई को देखते हुए सोने के मूल्य के अनुपात मंडे एवं अन्य मदों में भी वृद्धि की जानी चाहिए, सभी सेविकाओं को 5G मोबाइल या गुणवत्ता पूर्ण क्रय हेतु 15000 रुपया राशि का भुगतान किया जाना चाहिए ताकि से अधिकार नहीं मोबाइल ले सके। आंगनबाड़ी नेत्री संजू कुमारी ने कहा कि सरकार चुनाव के समय बड़ी-बड़ी बादा करती है फिर चुनाव जीतने के बाद भूल जाती है पटना, दिल्ली की सरकार हम तमाम सेविका, सहायिका बहनों के साथ छल कर रही है,धरना में सभी सेविका, सहायिका को सरकारी कर्मचारी घोषित करो,9000 हजार में दम नहीं 25000 हजार से कम नहीं,समय पर मानदेय का भुगतान करो,5 G मोबाइल का प्रबंध करो,पटना दिल्ली खोलो कान,नहीं तो होगा नींद हराम,आदि नारे लगा रहे थे,अंत में पांच सूत्री मांगों को संबंधित अधिकारी को ज्ञापन सौंपा,इस कार्यक्रम में सेविका नेत्रीअनिता कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, सुषमा कुमारी, सुनीता कुमारी सहित सैकड़ो की संख्या में सेविका सहायिका उपस्थित रही।