कलेक्टर हो तो इन मैडम जैसा!
"बुखार हुआ है आपको, मौसम ठंडा हुआ है, मैं देखती हूं अगर मेरे बैग में दवाई होगी।" — कलेक्टर कविता मीणा
ऐसे मृदुभाषी और संवेदनशील अधिकारी को देखकर पीड़ित की आधी समस्या तो खुद ही खत्म हो जाती है। उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिला कलेक्टर कविता मीना जब गढ़मुक्तेश्वर में बाढ़ प्रभावितों का हाल जानने पहुंचीं तो वहां डीएम का एक बेहद भावुक और मानवीय चेहरा सामने आया।
जब एक बुजुर्ग ने अपनी तबीयत खराब होने की बात कही, तो डीएम कविता मीना ने बेहद आत्मीयता से कहा—
"बुखार हुआ है आपको, मौसम ठंडा हुआ है, मैं देखती हूं अगर मेरे बैग में दवाई होगी।"
जनता को ऐसे ही संवेदनशील और मानवीय अधिकारियों की जरूरत है। 🙏