दस साल से सड़क का इंतजार, अब ग्रामीणों के साथ यूकेडी ने संभाला मोर्चा!।
भरदार पट्टी के चौंडा–पालीगाड़–मुरचौंडा मोटरमार्ग के लिए बुजुर्गों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने किया श्रमदान, सड़क नहीं बनने पर चुनाव बहिष्कार की चेतावनी!!
रुद्रप्रयाग जनपद के चौंडा सिरांई गांव में सड़क की मांग को लेकर ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। पिछले दस वर्षों से मोटर मार्ग का इंतजार कर रहे ग्रामीणों ने शुक्रवार को खुद ही मोर्चा संभालते हुए श्रमदान के जरिए चौंडा–पालीगाड़–मुरचौंडा मोटर मार्ग के निर्माण की पहल शुरू कर दी। यूकेडी कार्यकर्ताओं के इस प्रयास में बुजुर्गों से लेकर महिलाओं, युवाओं और बच्चों तक ने भागीदारी की।
ग्रामीणों का कहना है कि करीब दो किलोमीटर लंबे इस मोटर मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर वे कई बार शासन-प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक सड़क सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है। ग्रामीणों के अनुसार, वन भूमि की स्वीकृति नहीं मिलने के कारण सड़क निर्माण की प्रक्रिया लंबे समय से अटकी हुई है। ऐसे में वर्षों से सड़क का इंतजार कर रहे ग्रामीणों ने अब श्रमदान के माध्यम से अपनी मांग को आवाज देने का निर्णय लिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क सुविधा के अभाव में उन्हें आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लंबे समय से मांग उठाने के बावजूद समाधान नहीं निकलने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। इसी के चलते उन्होंने खुद श्रमदान कर सड़क निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाया है।
वहीं, ग्राम प्रधान ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार की ओर से जल्द सकारात्मक आश्वासन नहीं मिला तो ग्रामीण निर्माण स्थल पर ही डेरा डालकर आंदोलन जारी रखेंगे। ग्रामीणों ने सड़क की मांग पूरी नहीं होने पर आगामी चुनाव में मतदान का बहिष्कार करने की चेतावनी भी दी है।
अब देखना होगा कि ग्रामीणों के श्रमदान और आंदोलन के बाद शासन-प्रशासन इस सड़क निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है और चौंडा सिरांई के ग्रामीणों को सड़क सुविधा के लिए अभी और कितना इंतजार करना पड़ता है।