#भरतपुर। उच्चैन के कुरका गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन शनिवार को श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। आसपास के कई गांवों से आए हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति से पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर नजर आया। कथा की शुरुआत से पूर्व यजमान परीक्षित प्रेम सिंह चौधरी एवं इंदिरा चौधरी ने परिजनों संग श्रीमद्भागवत पुराण और बिहारी जी महाराज की आरती उतारी। कथा व्यास ने पौराणिक प्रसंगों के माध्यम से जीवन मूल्यों और धर्म के मर्म को समझाते हुए कहा कि गुरु की महिमा, माता-पिता व बुजुर्गों की सेवा और असहायों की मदद ही मानव जीवन का सबसे बड़ा धर्म है। कथा व्यास ने श्रद्धालुओं को भगवान के नाम जाप, परोपकार, गौ सेवा और मानव सेवा को जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया। साथ ही उन्होंने किसी की निंदा करने या किसी को दुख पहुँचाने से बचने की सीख दी। कथा के दौरान मधुर भजनों और धार्मिक भजनों पर श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर झूमते दिखे। विशाल जनसमूह की मौजूदगी से कुरका गांव में पूरे दिन उत्सव जैसा माहौल बना रहा।