बछवाड़ा प्रखंड क्षेत्र के चमथा एक पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय चमथा बिंद टोल का भवन अत्यंत जर्जर स्थिति में है। इस कारण 304 छात्र-छात्राएं और 9 शिक्षक-शिक्षिकाएं (6 शिक्षिका, 3 शिक्षक) जान जोखिम में डालकर पठन-पाठन करने को विवश हैं। विद्यालय में हर समय किसी अनहोनी का डर बना रहता है।
यह विद्यालय भवन पिछले कई वर्षों से इसी दयनीय स्थिति में है। इन समस्याओं को लेकर विभाग को कई बार पत्राचार किया गया, लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया।
हालांकि, बुधवार को प्रखंड मुख्यालय के सभागार में आयोजित पंचायत समिति की बैठक में पंचायत के मुखिया संजय दास ने विद्यालय के जर्जर भवन का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस जर्जर भवन की मरम्मत या पुनर्निर्माण के लिए प्रस्ताव लेने की बात कही।
विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक अशोक कुमार ने बताया कि भवन इतना जर्जर है कि छत के टुकड़े गिरते रहते हैं। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि वे जान हथेली पर रखकर पढ़ाने को मजबूर हैं।
इस संबंध में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी संजीव कुमार यादव ने बताया कि विद्यालय के जर्जर भवन का मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि विद्यालय का निरीक्षण कर विभाग के मार्गदर्शन के अनुसार जल्द ही पहल किया जाएगा।