बछवाड़ा प्रखंड क्षेत्र के दियारा क्षेत्र में गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। दादूपुर, बिशनपुर, चमथा एक, दो और तीन सहित पांच पंचायतों में किसानों की फसलें नष्ट हो चुकी हैं। इसके साथ ही पशुपालकों के सामने मवेशियों के चारे को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
जलस्तर बढ़ने से चारागाह जलमग्न हो गए हैं, जिसके चलते पशुपालक घुटनों तक पानी में घुसकर या दूर-दराज के इलाकों में घूमकर मवेशियों के लिए चारा जुटाने को मजबूर हैं। यह स्थिति पिछले दो दिनों से गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण उत्पन्न हुई है।
दियारा क्षेत्र में किसानों की खरीफ फसलें धान, मक्का, मिर्च सहित अन्य फसलें बड़े पैमाने पर नष्ट हो गई हैं और लाखों रुपये के नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। खासकर मिर्च की खेती को भारी क्षति पहुंची है। यदि जलस्तर में वृद्धि जारी रहती है, तो इन क्षेत्रों में आवागमन भी बाधित हो सकता है।
स्थानीय शुभालाल सिंह, जालंधर राय, रामप्रवेश राय, घोलत यादव, चंदेश्वर ठाकुर, भोला सिंह, वकील राय, रंजीत महतो, जोगी राय और अवधेश राय सहित कई अन्य लोगों ने बताया कि दियारा में पानी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। जिसके कारण किसानों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं और मवेशियों के लिए चारा जुटाना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
उन्होंने बताया कि चारे की व्यवस्था के लिए पशुपालकों को सुबह घर से निकलना पड़ता है और दोपहर तक भूखे-प्यासे रहकर काफी मशक्कत के बाद ही चारा मिल पाता है। साथ ही, बिचली दीरी, वसूलिया टोल, रतलाहपुर दियारा सहित अन्य निचले इलाकों में आवाजाही के लिए अब नाव ही एकमात्र सहारा बन चुका है। लोगों को घंटों नाव का इंतजार करना पड़ता है, जिससे उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।