“हमारा विद्यालय हमारा तीर्थ” के भाव लेकर कार्य करें — भंवर सिंह राठौड़
दो दिवसीय शिक्षक सम्मेलन के प्रथम दिन 10 शाखाओं के 1000 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं ने लिया भाग, शिक्षक समस्याओं पर हुआ मंथन
गंगापुर/भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल, 18 सितंबर “हमारा विद्यालय हमारा तीर्थ” के भाव को आत्मसात कर प्रत्येक शिक्षक कार्य करे, तभी विद्यालय संस्कार निर्माण के केंद्र बनेंगे और शिक्षक अपने कर्तव्य पथ पर सफल होंगे। यह विचार अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भंवर सिंह राठौड़ ने पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, गंगापुर में आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन के प्रथम दिन उपस्थित सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता चित्तौड़ प्रांत के प्रांत प्रमुख मुख्य मार्ग, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, भूपेंद्र आचार्य ने संत रविदास के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए उनके प्रेरणादायी जीवन से सीख लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एवं जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र कुमार गगड़ ने कहा कि शिक्षक अपने कर्तव्यों के निर्वहन के साथ-साथ संस्कारों को भी महत्व दें। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ सेवानिवृत्त शिक्षक प्रकोष्ठ की प्रदेश सहसंयोजिका सुशीला जाट एवं मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, सहाड़ा, नरोत्तम कुमार दाधीच भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष सुरेश चंद्र बड़वा ने की।
इस अवसर पर जिला मंत्री ईश्वर सिंह चौधरी ने संगठन का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए वर्षभर की संगठनात्मक एवं शैक्षिक गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत किया।
सम्मेलन में सेवानिवृत्त हो चुके एवं इस वर्ष सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों, विशेष योगदान देने वाले भामाशाहों तथा प्रदेश पदाधिकारियों का गौ माता के प्रतीक चिह्न से सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, गंगापुर की छात्राओं द्वारा राजस्थानी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। इसके पश्चात राष्ट्रीय रंगकर्मी भवानी शंकर भट्ट के नेतृत्व में बालिका सम्मान पर आधारित सुंदर नाटिका प्रस्तुत की गई। नाटिका की प्रस्तुति से प्रभावित होकर पूरे पंडाल में उपस्थित शिक्षक-शिक्षिकाओं ने खड़े होकर तालियों के माध्यम से कलाकारों का उत्साहवर्धन एवं आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के संयोजक बालमुकुंद वैष्णव ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। कार्यक्रम के अंत में मंत्री विभुराज सिंह चौहान ने सभी अतिथियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। समस्त कार्यक्रम का संचालन जिला सह मीडिया प्रभारी रमेश चंद्र वैष्णव ने किया।
शैक्षिक सम्मेलन में हुरड़ा, बिजोलिया, मांडलगढ़, मांडल, गुलाबपुरा, सुवाणा, भीलवाड़ा शहर, रायपुर, करेड़ा एवं आसींद सहित जिले की 10 शाखाओं से 1000 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया।
19 सितंबर को शिक्षक समस्याओं पर होगा मंथन
सम्मेलन के दूसरे दिन 19 सितंबर, शनिवार को दो सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं एवं शैक्षिक विषयों पर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नरोत्तम कुमार दाधीच, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की प्रदेश सहसंयोजिका सुशीला जाट तथा मुख्य वक्ता राजकुमार चतुर्वेदी, स्वदेशी जागरण मंच की उपस्थिति में मंथन किया जाएगा।