*फूले सेवा संस्थान ने मनाया महात्मा ज्योतिबा फूले मूर्ति स्थापना दिवस*
*मूर्ति स्थापना दिवस पर आयोजित हुई विचार गोष्ठी*
भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल, 18 सितम्बर भारतीय सामाजिक क्रांति के जनक कहे जाने वाले महात्मा ज्योतिबा फुले एक महान विचारक, कार्यकर्ता, समाज सुधारक, लेखक, दार्शिनक, संपादक और क्रांतिकारी थे। उन्होंने जीवन भर निम्न जाति, महिलाओं और दलितों के उद्धार के लिए कार्य किया। यह विचार फूले सेवा संस्थान के अध्यक्ष गोपाललाल माली ने महात्मा ज्योतिबा फूले मूर्ति स्थापना दिवस पर आयोजित विचार गोष्ठी में कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए व्यक्त किये। उन्होंने आज की युवा पीढ़ी से समाज में व्याप्त बुराईयों को जड़ से मिटाने का भी आव्हान किया।
‘‘आज के दौर में भी क्यों प्रासंगिक है महात्मा फूले के विचार?’’ पर आयोजित गोष्ठी में कई वक्ताओं ने महात्मा फूले द्वारा पिछडा़े के उत्थान पर दिये गये योगदान पर बल देते हुए कहा कि हमें आपसी मतभेद बुलाकर विकास और उत्थान पर ध्यान देना चाहिए। महात्मा फुले हमारे प्ररेणा स्त्रोत है। विचार गोष्ठी से पूर्व फूले के सभी अनुयायियों ने देवरिया बालाजी के समीप स्थित महात्मा ज्योतिबा फूले मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
इस अवसर पर राजस्थान प्रदेश माली (सैनी) महासभा के जिलाध्यक्ष भैरूलाल माली, जिला महामंत्री सत्यनारायण गुलगांवा, जिला मंत्री मुरली सैनी, माली समाज ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष बंशीलाल माली, नानूराम गोयल, फूले सेवा संस्थान के कोषाध्यक्ष शंकरलाल माली, देवीलाल रागस्या, कर्मचारी संस्थान के जिला अध्यक्ष तोताराम माली, सचिव कन्हैयालाल बुलिवाल, भैरूलाल माली, डॉ. नारायण लाल माली, चौथमल रागस्या, जगदीश ढिबरिया, रोसन शर्मा सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।