गंगा के जलस्तर में कमी, फिर भी खतरे के निशान से ऊपर; 269 नावों से राहत-बचाव कार्य जारी
बलिया/बेगूसराय (बी के गुलशन)। बेगूसराय जिले में बाढ़ 2026 के मद्देनजर जिला प्रशासन द्वारा राहत, बचाव एवं पुनर्वास कार्य लगातार जारी है। जिला पदाधिकारी रिची पांडेय के मार्गदर्शन में प्रशासन की विभिन्न टीमें प्रभावित क्षेत्रों में मुस्तैदी के साथ कार्य कर रही हैं। गंगा नदी के जलस्तर में कमी दर्ज किए जाने से बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्थिति के धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर है, जिसके कारण प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है।
269 नावों का परिचालन, बलिया में एनडीआरएफ तैनात
केंद्रीय जल आयोग एवं आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, 13 सितंबर 2026 को पूर्वाह्न 11 बजे गंगा नदी का जलस्तर 42.89 मीटर दर्ज किया गया। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन, राहत सामग्री के परिवहन एवं बचाव कार्यों के लिए कुल 269 नावों का परिचालन किया जा रहा है। इनमें 23 सरकारी और 246 निजी नावें शामिल हैं। बछवाड़ा, तेघड़ा, मटिहानी एवं शाम्हो प्रखंडों में एसडीआरएफ तथा बलिया प्रखंड में एनडीआरएफ की तैनाती की गई है।
10 लाख से अधिक मील उपलब्ध
बाढ़ प्रभावित नागरिकों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए जिले में 189 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। 12 सितंबर को 145 केंद्र संचालित थे, जबकि 44 केंद्र बंद थे। अब तक सामुदायिक रसोई के माध्यम से कुल 10,30,163 मील उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इसके अलावा प्रभावित परिवारों के बीच 350 ड्राई राशन पैकेट वितरित किए गए हैं।
प्रशासन की ओर से जरूरतमंदों को 34,651 पॉलिथीन शीट्स वितरित की जा चुकी हैं, जबकि 41,880 पॉलिथीन शीट्स सुरक्षित उपलब्ध हैं।
46 हजार से अधिक लोगों का इलाज
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए 71 मेडिकल कैंप संचालित किए जा रहे हैं। त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए चार बोट एम्बुलेंस भी लगाई गई हैं। अब तक मेडिकल कैंपों एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से 46,583 व्यक्तियों का इलाज किया जा चुका है।
पशुधन की सुरक्षा के लिए जिले में 70 पशु शिविर संचालित किए जा रहे हैं। अब तक 11,737 पशुओं का इलाज किया गया है तथा पशुपालकों एवं प्रभावित पशुओं के लिए 1,840.78 क्विंटल पशुचारा वितरित किया जा चुका है।
27 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि रकबा प्रभावित
कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ से जिले में कुल 27,034 हेक्टेयर रकबा प्रभावित हुआ है। इसमें 33 प्रतिशत से अधिक क्षति वाला प्रभावित रकबा 19,504 हेक्टेयर है। जल संसाधन विभाग ने जिले के सभी तटबंधों को सुरक्षित बताया है। तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है।
137 अस्थायी शौचालय, 73 नए चापाकल
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल एवं स्वच्छता की व्यवस्था बनाए रखने के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा लगातार कार्य किया जा रहा है। प्रभावित इलाकों में 137 अस्थायी शौचालय संचालित किए गए हैं तथा पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 73 नए चापाकल गाड़े गए हैं।
जिला प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही है। सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी जमीनी स्तर पर मुस्तैद रहकर प्रभावित नागरिकों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में जुटे हैं। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और भ्रामक या अपुष्ट खबरों पर ध्यान न दें।