दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल 10 दिव्यांग लाभुकों को बैट्री चालित ट्राइसाइकिल, अंतरजातीय एवं निःशक्तजन विवाह योजना के लाभुकों को ₹1-₹1 लाख का सावधि जमा प्रमाण पत्र तथा 5 लाभुकों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन का स्वीकृति आदेश प्रदान
मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण छत्र योजना ‘संबल’ के तहत आज समाहरणालय परिसर, मुजफ्फरपुर में जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव द्वारा 10 चयनित एवं पात्र दिव्यांग लाभुकों के बीच बैट्री चालित ट्राइसाइकिल का वितरण किया गया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। बैट्री चालित ट्राइसाइकिल दिव्यांग लाभुकों के लिए आवागमन को सुगम बनाने के साथ-साथ उन्हें शिक्षा, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जुड़ने में भी सहायक होगी। इससे लाभुकों की गतिशीलता बढ़ेगी तथा वे अपने दैनिक कार्यों को अधिक स्वतंत्रता के साथ संपादित कर सकेंगे।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी द्वारा मुख्यमंत्री निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना के एक लाभुक तथा मुख्यमंत्री अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना के एक लाभुक को ₹1-₹1 लाख की राशि का सावधि जमा प्रमाण पत्र (FD) प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत चयनित 5 लाभुकों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन का स्वीकृति आदेश भी प्रदान किया गया।
जिलाधिकारी ने सभी लाभुकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त होने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा समाज के कमजोर, वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लाभुकों तक पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
उन्होंने सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा को निर्देश दिया कि विभाग द्वारा संचालित सभी कल्याणकारी एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के पात्र लाभुकों की पहचान एवं चयन की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से संचालित करते हुए उन्हें निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पात्र लाभुक किसी भी योजना के लाभ से वंचित न रहें तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता का विशेष ध्यान रखा जाए।
बैट्री चालित ट्राइसाइकिल प्राप्त करने वाले दिव्यांग लाभुकों ने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सुविधा से उनके आवागमन में काफी सहूलियत होगी तथा वे शिक्षा, रोजगार एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए अधिक स्वतंत्र रूप से आवागमन कर सकेंगे।
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त, नगर आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी, सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।