➡️ सिकल सेल प्रबंधन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित
राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन-2047 के अंतर्गत सिकल सेल एनीमिया की समय पर पहचान, प्राथमिक स्तर पर प्रभावी प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण उपचार एवं नियमित फॉलोअप को मजबूत करने के उद्देश्य से गुरुवार को सीएमएचओ कार्यालय बैतूल में जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। यह मध्य प्रदेश में जिला स्तर पर सिकल सेल प्रबंधन को लेकर आयोजित पहला जिला स्तरीय प्रशिक्षण रहा।
प्रशिक्षण में मुख्य अतिथि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बैतूल डॉ. मनोज कुमार हुरमाड़े रहे। कार्यक्रम में डॉ. रूपेश पद्माकर ऑर्थोपेडिक सर्जन एवं सिविल सर्जन, जिला चिकित्सालय बैतूल, डॉ. रानू वर्मा, मेडिसिन स्पेशलिस्ट एवं आरएमओ, जिला चिकित्सालय बैतूल सहित विशेषज्ञ चिकित्सक उपस्थित रहे। प्रशिक्षण में जिले के सभी 10 ब्लॉकों से 2 मेडिकल ऑफिसर्स एवं 2 नर्सिंग ऑफिसर्स, कुल 40 स्वास्थ्य अधिकारियों को आमंत्रित किया गया, ताकि सिकल सेल मरीजों के प्रबंधन की क्षमता को ब्लॉक स्तर तक प्रभावी रूप से मजबूत किया जा सके।
➡️ पीएचसी-सीएचसी स्तर पर मजबूत होगा सिकल सेल का प्राथमिक प्रबंधन
प्रशिक्षण के मुख्य उद्देश्य की जानकारी देते हुए जिला नोडल अधिकारी सिकल सेल एलिमिनेशन प्रोग्राम डॉ. अंकिता सीते ने बताया कि सिकल सेल उन्मूलन केवल स्क्रीनिंग तक सीमित नहीं है। मरीज की पहचान के बाद उसे समय पर उपचार, आवश्यक दवाएं, जटिलताओं की रोकथाम और नियमित फॉलोअप उपलब्ध कराना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का प्रमुख उद्देश्य मेडिकल ऑफिसर्स एवं नर्सिंग अधिकारियों की व्यावहारिक क्षमता को मजबूत करना है, ताकि पीएचसी एवं सीएचसी स्तर पर ही सिकल सेल मरीजों का आवश्यक प्राथमिक प्रबंधन किया जा सके। इसमें मरीज की स्थिति का आकलन, सामान्य जटिलताओं की शुरुआती पहचान, प्राथमिक उपचार, दवा प्रबंधन, नियमित फॉलोअप तथा आवश्यकता होने पर समय पर उच्च स्वास्थ्य संस्था में रेफरल शामिल है।
डॉ. अंकिता सीते ने बताया कि इस व्यवस्था से मरीजों को छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए अनावश्यक रूप से जिला अस्पताल तक आने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर समय पर आवश्यक सेवाएं मिल सकेंगी। उन्होंने कहा कि निरंतर उपचार, नियमित निगरानी और जटिलताओं की समय पर रोकथाम के माध्यम से सिकल सेल मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण जीवन जीने में सक्षम बनाना कार्यक्रम का प्रमुख लक्ष्य है। उन्होंने गर्भवती महिलाओं में सिकल सेल रोग एवं ट्रेट की समय पर पहचान, एएनसी के दौरान उचित परामर्श एवं आवश्यक प्रबंधन को भी प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
➡️ विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दिए व्यावहारिक प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान डॉ. रोहित पराते, एमडी मेडिसिन, जिला चिकित्सालय बैतूल ने वयस्क सिकल सेल मरीजों के प्राथमिक प्रबंधन, उपचार, जटिलताओं की पहचान एवं समय पर रेफरल से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। डॉ. सुरेंद्र कुशवाहा शिशु रोग विशेषज्ञ, जिला चिकित्सालय बैतूल ने बच्चों में सिकल सेल रोग के प्रबंधन, संभावित जटिलताओं की पहचान एवं आवश्यक देखभाल के बारे में प्रशिक्षण दिया। श्रीमती सविता चडोकर, मेटरनाल हेल्थ कार्डिनेटर ने गर्भवती महिलाओं में सिकल सेल रोग एवं ट्रेट की पहचान, एएनसी के दौरान आवश्यक देखभाल एवं मातृ स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी दी। प्रशिक्षण में सिकल सेल स्क्रीनिंग एवं पुष्टि, उपचार एवं फॉलोअप, हाइड्रॉक्सीयूरिया थेरेपी, दर्द एवं अन्य जटिलताओं का प्राथमिक प्रबंधन, गर्भावस्था में देखभाल तथा रेफरल प्रोटोकॉल जैसे विषयों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।
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Directorate of Health Services, Madhya Pradesh
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12 views | Betul, Madhya Pradesh | Sep 10, 2026