➡️ जेएच कॉलेज में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर व्याख्यान, योग एवं ध्यान शिविर आयोजित
विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर जयवंती हक्सर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बैतूल में विद्यार्थियों में आत्महत्या की प्रवृत्ति की रोकथाम एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय टास्क फोर्स एवं उमंग समिति के संयुक्त तत्वावधान में जागरूकता व्याख्यान तथा योग एवं ध्यान शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. मीनाक्षी चौबे के संरक्षण तथा मार्गदर्शन में किया गया l कार्यक्रम की अध्यक्षता जूलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. बीडी नागले द्वारा किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ. देवी सिंह सिसोदिया, एनएफटी सह-संयोजक, ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय टास्क फोर्स की कार्यप्रणाली, उद्देश्यों एवं विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए की जा रही विभिन्न गतिविधियों से अवगत कराया। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता एवं आत्महत्या रोकथाम के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
उमंग नोडल अधिकारी डॉ. नीलिमा पीटर ने अपने व्याख्यान में आत्महत्या की प्रवृत्ति के कारणों, उससे जुड़े मानसिक एवं सामाजिक पहलुओं तथा इसके गंभीर दुष्परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन की कठिन परिस्थितियों में सकारात्मक सोच रखने, अपनी भावनाओं को अपनों के साथ साझा करने तथा आवश्यकता पड़ने पर समय पर सहायता एवं मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. बी. डी. नागले द्वारा विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अपने व्याख्यान में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील एवं सजग रहने तथा तनावपूर्ण परिस्थितियों में धैर्य और सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान से डॉ निहारिका भावसार द्वारा योग एवं ध्यान सत्र आयोजित किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को सरल योगाभ्यास एवं ध्यान की विभिन्न विधियों से परिचित कराया तथा बताया कि नियमित योग एवं ध्यान तनाव और मानसिक दबाव को कम करने, मन को शांत रखने, एकाग्रता बढ़ाने तथा भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यार्थियों ने योग एवं ध्यान सत्र में उत्साहपूर्वक सहभागिता की और स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश प्राप्त किया।
कार्यक्रम की संयोजक डॉ. सोनाली सैनी साहू ने विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस मनाने के उद्देश्य एवं इसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता और संवेदनशील संवाद आत्महत्या की रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी भावनाओं को समझने, कठिन परिस्थितियों में संवाद बनाए रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर समय पर सहायता लेने एवं दूसरों को भी सहायता प्रदान करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. दिव्या डांगी ने अतिथियों, वक्ताओं, विद्यार्थियों एवं कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करने वाले सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रो गोलू परते, डॉ. शिवदयाल साहू, प्रो. कीर्ति वराठे, किरण खातरकर, योगिता भलावी एवं गोपाल पाटिल सहित महाविद्यालय के अन्य सदस्यों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण सहभागिता करते हुए मानसिक स्वास्थ्य, योग एवं ध्यान के महत्व को समझा।
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19 views | Betul, Madhya Pradesh | Sep 10, 2026