सफाई मित्र हड़ताल पर, स्वास्थ्य शिविर में खाली रहीं कुर्सियां; 329 महिलाओं की जांच के दावे पर सवाल
देवास। एक तरफ शहर की सफाई व्यवस्था ठप, दूसरी तरफ सफाई मित्रों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए शिविर। देवास नगर निगम की यह दोहरी तस्वीर शुक्रवार को मल्हार स्मृति मंदिर में सामने आई। नगर निगम ने 329 महिला सफाई मित्रों के निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण का दावा किया, लेकिन हड़ताल के बीच आयोजित शिविर में ज्यादातर कुर्सियां खाली नजर आईं। मौके पर गिनी-चुनी महिलाएं ही मौजूद थीं, जबकि पंडाल में नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी अधिक दिखाई दिए।
संयुक्त मोर्चा सफाई कर्मचारी संगठन के आह्वान पर सफाई मित्र अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर शुक्रवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। संगठन के अनुसार, महिला और पुरुष सफाई मित्र इस हड़ताल में शामिल हैं। इसका असर शहर की सफाई व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है।
इसी बीच इंदौर कैंसर फाउंडेशन चेरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से मल्हार स्मृति मंदिर में महिला सफाई मित्रों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण और कैंसर स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किया गया। नगर निगम की ओर से दावा किया गया कि निगम में कार्यरत सभी 329 महिला सफाई मित्रों का निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। लेकिन शिविर में कम उपस्थिति ने इस दावे के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए।
329 महिलाओं की जांच का दावा, लेकिन लाभार्थी ही नदारद
जब सफाई मित्र अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं, तब उनके स्वास्थ्य परीक्षण के लिए आयोजित शिविर में अपेक्षित उपस्थिति सुनिश्चित करने की क्या व्यवस्था की गई थी? क्या हड़ताल को देखते हुए निगम ने महिला सफाई मित्रों से संपर्क किया था? यदि शिविर सभी 329 महिलाओं के लिए था, तो इतनी कम संख्या में महिलाएं क्यों पहुंचीं?
शिविर में खाली पड़ी कुर्सियां इन सवालों को और गंभीर बनाती हैं। स्वास्थ्य परीक्षण जैसे जरूरी आयोजन का वास्तविक लाभ संबंधित कर्मचारियों तक पहुंचना चाहिए। केवल शिविर आयोजित कर देना पर्याप्त नहीं, बल्कि यह भी जरूरी है कि जिनके लिए शिविर लगाया गया है, वे इसका लाभ उठा सकें।
महापौर प्रतिनिधि ने कही जांच कराने की बात
महापौर प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल ने कहा कि इंदौर कैंसर फाउंडेशन की ओर से महिला सफाई मित्रों के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाया गया है और सभी की जांच की जाएगी। हालांकि, मौके पर कम संख्या में महिलाओं की मौजूदगी के बीच सभी 329 महिला सफाई मित्रों की जांच किस तरह सुनिश्चित की जाएगी, यह स्पष्ट नहीं हो सका।
सैनिक संगठन ने उठाई शहीद स्मारक की मांग
कार्यक्रम के दौरान सैनिक संगठन का स्वागत-सम्मान भी किया गया। इस दौरान संगठन ने देवास शहर में शहीद स्मारक नहीं होने का मुद्दा उठाते हुए इसके निर्माण की मांग रखी। इस पर महापौर प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल ने कहा कि संगठन पहले स्थान चिह्नित करे। इसके बाद एमआईसी में प्रस्ताव लाकर शहीद स्मारक बनवाने का प्रयास किया जाएगा।
आयोजन हुआ, लेकिन तैयारी पर सवाल बरकरार
पूरा मामला नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। एक ओर सफाई मित्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उन्हीं के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए आयोजित शिविर में लाभार्थियों की उपस्थिति बेहद कम दिखाई दी।
सवाल यह नहीं कि स्वास्थ्य शिविर क्यों लगाया गया, बल्कि यह है कि 329 महिला सफाई मित्रों की जांच के दावे को हकीकत में बदलने के लिए निगम ने क्या तैयारी की थी? यदि हड़ताल के कारण महिलाएं शिविर में नहीं पहुंचीं, तो क्या उनके स्वास्थ्य परीक्षण के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाएगी?
फिलहाल, खाली कुर्सियों के बीच आयोजित इस शिविर ने नगर निगम के दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को उजागर कर दिया है। अब देखना यह है कि सभी महिला सफाई मित्रों की स्वास्थ्य जांच का लक्ष्य पूरा होता है या यह आयोजन महज औपचारिकता बनकर रह जाता है।