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DILIP Mishra

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छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद का एक हिस्सा समाजजनों द्वारा
स्वत:हटाया जा रहा है - रोशन सिंह ,कलेक्टर उज्जैन
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वर्ष 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन होना है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। श्रद्धालुओं की सुविधा और बेहतर व्यवस्थाओं के लिए मास्टर प्लान के अनुरूप सड़कों के चौड़ीकरण एवं अन्य निर्माण कार्य किए जा रहे हैं।

इन विकास कार्यों में सभी धर्मों और समाजों के लोग स्वेच्छा से सहयोग कर रहे हैं। सड़क चौड़ीकरण की जद में आने वाले मकान, दुकानें और धर्मस्थल आदि को संबंधित समाजजनों द्वारा स्वेच्छा से हटाया जा रहा है।

इसी क्रम में छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद का एक हिस्सा भी समाजजनों द्वारा स्वत : हटाया जा रहा है। यह सभी समाजों के सहयोग और समन्वय की सकारात्मक मिसाल है।

मैं सभी से अपील करता हूं कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और शांति एवं सद्भाव बनाए रखें। सिंहस्थ की तैयारियों में सभी का सहयोग और सहभागिता उज्जैन की एकता और भाईचारे को मजबूत करेगी।
उज्जैन में स्थिति नियंत्रण में

उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने कहा कि कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की थी। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया है।

क्या कहा उज्जैन एसपी ने?
देखिए पूरा बयान और जानिए मौके की स्थिति।

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उज्जैन में सड़क चौड़ी करने के प्रोजेक्ट के लिए शाही मस्जिद का एक हिस्सा गिराए जाने की योजना वाली जगह पर लोगों के एक बड़े समूह और पुलिस के बीच झड़प के दौरान पत्थरबाज़ी हुई, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। मौके पर रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान भी मौजूद हैं।
 

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अफवाह पर ध्यान न दें - शहर काजी उज्जैन

उज्जैन।  मस्जिद का मामला रात में ही आपसी सहमति से सुलझ गया था। ऐसी कोई स्थिति नहीं है, जिसके लिए किसी को वहाँ जाने की आवश्यकता हो। जिस कार्य को पूरा करने का संकल्प लिया गया है, उसे पूरा किया जा रहा है।

सभी से अपील है कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और अफवाहों के कारण घर से बाहर निकलकर अनावश्यक रूप से मौके पर न जाएं। 
खली कुर्रे रहमान,
उज्जैन शहर काजी
अवैध खटकेदार छुरे के साथ आरोपी गिरफ्तार

देवास। ऑपरेशन प्रहार के तहत नाहर दरवाजा पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर अवैध लोहे का खटकेदार छुरा लेकर घूम रहे 48 वर्षीय आशिक पिता आरिफ हुसैन, निवासी धौला डेरी के पास नाहर दरवाजा, को गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार 26 सितंबर को मुखबिर से सूचना मिलने पर टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा। तलाशी में उसके कब्जे से एक अवैध लोहे का खटकेदार छुरा बरामद हुआ। पुलिस ने छुरा जब्त कर आरोपी के खिलाफ धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
बागली में अवैध रिवॉल्वर और कारतूस के साथ युवक गिरफ्तार

कॉलेज ग्राउंड में घूम रहा था हथियार लेकर, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा; आर्म्स एक्ट में केस दर्ज

देवास/बागली। अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत बागली पुलिस ने एक युवक को अवैध देशी रिवॉल्वर और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी कॉलेज ग्राउंड, गांधी कॉलोनी में हथियार लेकर घूम रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और तलाशी के दौरान हथियार बरामद किया।

पुलिस के अनुसार 27 सितंबर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कॉलेज ग्राउंड, गांधी कॉलोनी बागली में एक व्यक्ति के पास अवैध देशी रिवॉल्वर और कारतूस है। सूचना पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सौम्या जैन के मार्गदर्शन और एसडीओपी बागली संजय सिंह बैस के निर्देशन में थाना प्रभारी जीवन भिडोरे के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची।

पुलिस ने घेराबंदी कर रवि उर्फ बदिया पिता रामचन्द्र यादव (29), निवासी चापड़ा को पकड़ा। तलाशी में उसके कब्जे से एक अवैध देशी रिवॉल्वर और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया।

आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज

पुलिस ने हथियार और कारतूस जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ थाना बागली में अपराध क्रमांक 401/2026, धारा 25 और 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है।

कार्रवाई में थाना प्रभारी जीवन भिडोरे, उप निरीक्षक गब्रिएल एक्का, प्रधान आरक्षक रामप्रताप सिंह चौहान, आरक्षक अनिल सिंह और आरक्षक विशाल चन्द्रवंशी की भूमिका रही।

नोट: पुलिस के अनुसार आरोपी से हथियार बरामद हुआ है और उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है; आगे की कानूनी प्रक्रिया और विवेचना जारी है।
आज से होने वाली बैंकों की हड़ताल स्थगित... समझौता हुआ... अब नहीं होगी हड़ताल...
8 कमरों में 150 छात्राएं… तीन अधीक्षिकाएं, फिर भी छात्रावास में कोई नहीं!

मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत टोंकखुर्द एसडीएम का औचक निरीक्षण, बालिका छात्रावास की व्यवस्थाओं ने खोली लापरवाही की परतें

दिलीप मिश्रा | एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

देवास। शाम के करीब 6:15 बजे… टोंकखुर्द का अनुसूचित जाति-जनजाति बालिका छात्रावास। छात्राओं की सुरक्षा और व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालने वाली तीन अधीक्षिकाएं पदस्थ हैं, लेकिन जब टोंकखुर्द एसडीएम रितु चौरसिया अचानक छात्रावास पहुंचीं तो मौके पर एक भी अधीक्षिका मौजूद नहीं मिली।
औचक निरीक्षण में सामने आई व्यवस्थाओं ने छात्रावास संचालन को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
यहां पिपलिया सड़क, टोंकखुर्द सहित तीन छात्रावासों की छात्राएं रह रही हैं। निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने पाया कि तीन छात्रावासों की छात्राओं को एक ही छात्रावास भवन में रखा गया है। मात्र 8 कमरों में करीब 150 छात्राओं के रहने की स्थिति सामने आई।
यानी सवाल सिर्फ कमरों की संख्या का नहीं है। सवाल यह है कि इतनी बड़ी संख्या में छात्राओं के बीच रहने, सुरक्षा, निगरानी और मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था आखिर किस तरह संचालित हो रही है?

तीन अधीक्षिकाएं… लेकिन निरीक्षण के वक्त एक भी मौजूद नहीं

बालिका छात्रावास की व्यवस्था में अधीक्षिका की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। छात्राओं की उपस्थिति, सुरक्षा, भोजन, अनुशासन और रोजमर्रा की व्यवस्थाओं की निगरानी की जिम्मेदारी भी इसी व्यवस्था से जुड़ी होती है।
लेकिन 18 सितंबर की शाम जब एसडीएम रितु चौरसिया औचक निरीक्षण के लिए पहुंचीं, तब तीनों अधीक्षिकाएं छात्रावास में मौजूद नहीं थीं। औचक निरीक्षण में उनकी अनुपस्थिति ने जिम्मेदारी और निगरानी की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एसडीएम ने निरीक्षण के बाद मामले की जानकारी जिला संयोजक आदिम जाति विकास विभाग को दी और अपना प्रतिवेदन कलेक्टर को भी भेजा।

8 कमरों में 150 छात्राएं… व्यवस्था पर बड़ा सवाल

निरीक्षण में सामने आया कि एक ही छात्रावास में तीन छात्रावासों की छात्राएं रह रही हैं। करीब 150 छात्राओं के लिए सिर्फ 8 कमरे। यह स्थिति छात्राओं के रहने की क्षमता, उपलब्ध स्थान और मूलभूत सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
अगर एक भवन में तीन छात्रावासों की छात्राओं को रखा गया है तो क्या अतिरिक्त व्यवस्था की गई? क्या कमरों की क्षमता के अनुरूप छात्राओं की संख्या निर्धारित की गई? क्या छात्राओं की निजता और पर्याप्त रहने की जगह सुनिश्चित है? इन सवालों के जवाब व्यवस्था को देने होंगे।

किचन में बदबू… ड्रेनेज व्यवस्था भी सुचारू नहीं

एसडीएम के निरीक्षण में केवल आवासीय व्यवस्था ही सवालों के घेरे में नहीं आई। छात्रावास के किचन की ड्रेनेज व्यवस्था सुचारू नहीं मिली। किचन में बदबू आने की बात भी निरीक्षण में सामने आई। बालिका छात्रावास में भोजन व्यवस्था सीधे छात्राओं के स्वास्थ्य से जुड़ी है। ऐसे में किचन के आसपास जल निकासी की समस्या और दुर्गंध को महज छोटी अव्यवस्था मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

शाम 6 बजे के बाद पुरुष अधीक्षक की आवाजाही!

निरीक्षण के दौरान छात्रावास में बाहरी व्यक्ति के प्रवेश और आवाजाही का मुद्दा भी सामने आया। एसडीएम के मुताबिक, उन्हें जानकारी मिली कि शाम 6 बजे के बाद भी एक अन्य छात्रावास के पुरुष अधीक्षक धर्मेंद्र पटेल का बालिका छात्रावास में आना-जाना होता है। यह बात छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े करती है। एसडीएम रितु चौरसिया ने इस संबंध में भी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी है।
यहां सवाल किसी व्यक्ति पर आरोप लगाने का नहीं, बल्कि बालिका छात्रावास में प्रवेश और निगरानी की स्पष्ट व्यवस्था का है। कौन प्रवेश कर सकता है? किस समय प्रवेश की अनुमति है? प्रवेश का रिकॉर्ड रखा जाता है या नहीं? और छात्राओं की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार अधिकारी मौके पर क्यों नहीं थे?
इन सवालों की जांच अब विभागीय स्तर पर होगी।

एसडीएम की रिपोर्ट के बाद विभाग हरकत में

औचक निरीक्षण के बाद मामला जिला स्तर तक पहुंचा।
टोंकखुर्द एसडीएम रितु चौरसिया ने निरीक्षण की जानकारी जिला संयोजक आदिम जाति विकास विभाग को देने के साथ अपना प्रतिवेदन कलेक्टर को भेजा। एसडीएम ने बताया कि निरीक्षण के दौरान छात्रावास की अधीक्षिकाएं मौजूद नहीं थीं। शाम 6 बजे के बाद पुरुष अधीक्षक के बालिका छात्रावास में आने-जाने की जानकारी भी सामने आई।
वहीं जिला संयोजक आदिम जाति विकास विभाग नीरज अब्राहम के मुताबिक, बालिका छात्रावास की तीनों अधीक्षिकाओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। छात्रावास में आने वाले पुरुष अधीक्षक धर्मेंद्र पटेल को भी नोटिस दिया गया है। विभाग का कहना है कि संबंधितों से जवाब प्राप्त होने के बाद कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

अब असली सवाल कार्रवाई का

औचक निरीक्षण में सामने आई स्थिति के बाद नोटिस जारी हो गए हैं। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आगे क्या होगा? क्या छात्राओं के लिए पर्याप्त कमरों की व्यवस्था होगी? क्या तीनों छात्रावासों को अलग-अलग व्यवस्थित किया जाएगा? क्या किचन की ड्रेनेज समस्या दूर होगी? क्या अधीक्षिकाओं की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था बनेगी? और सबसे अहम—बालिका छात्रावास में प्रवेश एवं सुरक्षा के नियमों का पालन किस तरह सुनिश्चित किया जाएगा?
नोटिस से आगे बढ़कर व्यवस्था में बदलाव ही इस निरीक्षण की वास्तविक सफलता मानी जाएगी।

सामने आए प्रमुख तथ्य

18 सितंबर | शाम 6:15 बजे
टोंकखुर्द एसडीएम का औचक निरीक्षण
3 छात्रावासों की छात्राएं
एक ही परिसर में रहने की स्थिति
करीब 150 छात्राएं
सिर्फ 8 कमरों में रहने की स्थिति
3 अधीक्षिकाएं
निरीक्षण के समय एक भी मौके पर मौजूद नहीं
किचन
ड्रेनेज व्यवस्था सुचारू नहीं, बदबू की शिकायत/स्थिति
पुरुष अधीक्षक की आवाजाही
शाम 6 बजे के बाद बालिका छात्रावास में आने की जानकारी
विभागीय कार्रवाई
तीनों अधीक्षिकाओं और संबंधित पुरुष अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस

व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी?

बालिका छात्रावास केवल रहने की जगह नहीं है। यहां रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा, शिक्षा के अनुकूल वातावरण, भोजन, स्वच्छता और निगरानी व्यवस्था की मूल जिम्मेदारी है।
टोंकखुर्द के इस छात्रावास के औचक निरीक्षण ने कम से कम इतना जरूर सामने ला दिया है कि कागजों पर मौजूद व्यवस्था और मौके की स्थिति के बीच अंतर की जांच जरूरी है।
अब निगाह विभागीय जवाब और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर है।

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देवास का जय, एशिया के मंच पर छा गया
कभी कोर्ट पर गेंद उठाता था… आज उसी कोर्ट के खेल में भारत का इतिहास बन गया
देवास के 14 वर्षीय जय मीना ने एशियन गेम्स में रचा इतिहास, सॉफ्ट टेनिस में भारत को दिलाया पहला पदक

दिलीप मिश्रा

देवास। देवास से नागोया तक का सफर सिर्फ एक खिलाड़ी की सफलता की कहानी नहीं, बल्कि उस सपने की कहानी है जो एक छोटे से स्कूल के कोर्ट से शुरू हुआ और एशिया के सबसे बड़े खेल मंच तक पहुंच गया।
जिस खेल को भारत में बहुत कम लोग जानते हैं, उसी सॉफ्ट टेनिस में देवास के जय मीना ने ऐसा इतिहास रच दिया, जिसे आने वाले वर्षों तक याद किया जाएगा।
जापान के आइची-नागोया में चल रहे 20वें एशियन गेम्स में जय मीना ने पुरुष एकल सॉफ्ट टेनिस में कांस्य पदक जीतकर भारत को इस खेल में एशियन गेम्स का पहला पदक दिलाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जय की उपलब्धि को भारतीय सॉफ्ट टेनिस के लिए ऐतिहासिक बताया।
लेकिन जय की कहानी की असली खूबसूरती पदक जीतने से पहले की कहानी में छिपी है।

क्रिकेटर बनने का सपना था… सॉफ्ट टेनिस ने बदल दी जिंदगी

देवास में पढ़ाई के दौरान जय की पहली पसंद क्रिकेट थी। लेकिन पायनियर पब्लिक स्कूल के परिसर में मौजूद सॉफ्ट टेनिस कोर्ट ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी। शुरुआत खिलाड़ी के रूप में नहीं हुई। जय पहले कोर्ट के किनारे खड़े होकर खिलाड़ियों को देखते थे। फिर गेंद उठाने में मदद करने लगे। यानी जिस कोर्ट पर कभी वे बॉल बॉय की भूमिका में थे, कुछ साल बाद उसी खेल के अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने लगे।
रिपोर्टों के मुताबिक, इसी दौरान खेल के प्रति उनकी रुचि बढ़ती गई और उन्होंने रैकेट अपने हाथ में थाम लिया।

गेंद उठाने वाले हाथों में रैकेट आया… और वही रैकेट इतिहास लिख गया।
कांस्य तक पहुंचने की कहानी
एशियन गेम्स में जय का सफर आसान नहीं था। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने फिलीपींस के शेरविन नुगुइट को बेहद करीबी मुकाबले में 4-3 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इस जीत के साथ ही भारत का सॉफ्ट टेनिस में पहला एशियन गेम्स पदक सुनिश्चित हो गया था।
सेमीफाइनल में जय का सामना जापान के ताकुया कुरोसाका से हुआ। जय ने मुकाबले में वापसी की कोशिश की, लेकिन अंततः जापानी खिलाड़ी से हार गए और उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। लेकिन इस हार में भी एक बड़ी जीत छिपी थी।
क्योंकि जय से पहले एशियन गेम्स में सॉफ्ट टेनिस में भारत के नाम कोई पदक नहीं था। अब उस इतिहास के पहले पन्ने पर नाम है— जय मीना, देवास।

सिर्फ एशियन गेम्स नहीं, पहले भी रचा इतिहास

जय की यह उपलब्धि अचानक नहीं आई। 2022 के गुजरात नेशनल गेम्स में उन्होंने पुरुष एकल में स्वर्ण पदक जीता था। 2024 में वर्ल्ड सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप में आध्या तिवारी के साथ मिश्रित युगल में कांस्य पदक जीतकर वे भारत की पहली पदक जीतने वाली जोड़ी का हिस्सा बने। 2025 की एशियन सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप में भी उन्होंने पदक हासिल किया।
यानी देवास से निकला यह खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अपनी पहचान बना रहा था। एशियन गेम्स का कांस्य उस सफर का सबसे बड़ा अध्याय बन गया।

देवास के लिए क्यों खास है यह पदक?

किसी बड़े शहर की चमकदार खेल अकादमी से निकलकर अंतरराष्ट्रीय पदक जीतना एक उपलब्धि है।
लेकिन देवास जैसे शहर से निकलकर उस खेल में देश का पहला एशियन गेम्स पदक जीतना, जिसे अभी भी भारत में बहुत कम लोग जानते हैं—यह कहानी को और खास बना देता है। जय ने साबित किया कि प्रतिभा सिर्फ बड़े शहरों की मोहताज नहीं होती। जरूरत होती है—मौके की। मेहनत की। लगातार अभ्यास की... और उस खेल को गंभीरता से लेने की, जिसे दुनिया शायद अभी पहचानना शुरू ही कर रही हो।

एक पदक, कई सवाल

जय का कांस्य सिर्फ जश्न का मौका नहीं, खेल व्यवस्था के लिए एक सवाल भी है। सॉफ्ट टेनिस भारत में अभी भी क्रिकेट, हॉकी, बैडमिंटन या टेनिस जैसी लोकप्रियता नहीं रखता। जय की सफलता ने इस खेल को अचानक राष्ट्रीय चर्चा में ला दिया है।
अब सवाल यह है कि क्या इस पदक के बाद देवास और मध्यप्रदेश में सॉफ्ट टेनिस के लिए बेहतर सुविधाएं बढ़ेंगी?
क्या स्कूल स्तर पर बच्चों को इस खेल से जोड़ा जाएगा?
क्या छोटे शहरों की प्रतिभाओं को नियमित प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं और आर्थिक सहयोग का मजबूत सिस्टम मिलेगा? जय का पदक इन सवालों को सामने लाने का अवसर भी है।

देवास की मिट्टी से निकला नया खेल चेहरा

जय मीना की कहानी की सबसे बड़ी ताकत शायद यही है कि इसमें शुरुआत बहुत साधारण है। एक बच्चा। एक स्कूल। एक खेल का कोर्ट। गेंद उठाने से शुरुआत। रैकेट हाथ में आया। फिर अभ्यास। फिर राष्ट्रीय मंच। फिर अंतरराष्ट्रीय मुकाबले। और आखिरकार—एशियन गेम्स का कांस्य।
भारत के लिए सॉफ्ट टेनिस का पहला एशियन गेम्स पदक।
और इस इतिहास के साथ देवास का नाम भी हमेशा के लिए जुड़ गया।

आज देवास सिर्फ जय पर गर्व नहीं कर रहा…

आज देवास यह भी देख रहा है कि उसके ही बीच से निकला एक युवा खिलाड़ी उस खेल में भारत का पहला एशियन गेम्स पदक विजेता बन गया, जिसे कभी उसने सिर्फ स्कूल के एक कोर्ट पर खेलते हुए देखा था। जिस कोर्ट पर जय कभी गेंद उठाता था, उसी खेल ने उसे इतिहास के पन्नों पर पहुंचा दिया।

जय मीना — उपलब्धियां एक नजर में

• एशियन गेम्स 2026 — पुरुष एकल सॉफ्ट टेनिस में कांस्य
• एशियन गेम्स में सॉफ्ट टेनिस में भारत का पहला पदक
• 2022 नेशनल गेम्स — पुरुष एकल स्वर्ण
• 2024 वर्ल्ड सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप — मिश्रित युगल कांस्य
• 2025 एशियन सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप में पदक
• देवास के पायनियर पब्लिक स्कूल से सॉफ्ट टेनिस की शुरुआत

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राजबाड़ा पर PM बस सेवा की बस का कहर!

इंदौर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल राजबाड़ा में रविवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब सरकारी सिटी बस अनियंत्रित होकर लोगों और वाहनों से जा टकराई।

हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना का CCTV सामने आया है, जिसमें हादसे का भयावह मंजर कैद हुआ।

हादसे के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और बस में तोड़फोड़ की गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और मामले की जांच शुरू कर दी है।

सवाल सिर्फ हादसे का नहीं…
सवाल है कि भीड़भाड़ वाले राजबाड़ा में सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था कितनी पुख्ता है?

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प्रदूषण सिर्फ फेफड़ों नहीं, शरीर के दूसरे अंगों को भी करता है प्रभावित

इंदौर। ICAAI और अमलतास यूनिवर्सिटी के संयुक्त आयोजन में 24 से 27 सितंबर तक चले ICAAICON 2026 का समापन हुआ। सम्मेलन में देशभर से 500 से अधिक विशेषज्ञों ने एलर्जी, अस्थमा, वायु प्रदूषण और आधुनिक उपचार तकनीकों पर मंथन किया।

मेदांता के डॉ. अरविंद कुमार ने कहा कि देश का 58 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र प्रदूषण से प्रभावित है। प्रदूषण केवल दिल्ली या उत्तर भारत की समस्या नहीं है और इसका असर पूरे साल स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। प्रदूषित हवा के कण रक्त के जरिए फेफड़ों के अलावा शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकते हैं। गर्भवती महिलाओं और गर्भस्थ शिशु पर भी इसका असर पड़ सकता है।

ICAAI सचिव डॉ. राज कुमार ने कहा कि सांस की हर बीमारी एलर्जी नहीं होती। विशेषज्ञों ने एलर्जी की समय पर जांच और उपचार पर जोर दिया। जयपुर के डॉ. सुरेश कूलवाल को एलर्जी एवं श्वसन चिकित्सा में योगदान के लिए ICAAI Life Time Achievement Award 2026 से सम्मानित किया गया।

समापन के बाद आमजन के लिए जागरूकता सत्र में विशेषज्ञों ने एलर्जी, अस्थमा, फूड एवं ड्रग एलर्जी और मौसमी एलर्जी से जुड़े सवालों के जवाब दिए।
दिव्यांग युवती के अपहरण और दुष्कर्म का मामला: चंद घंटों में आरोपी और उसकी मां गिरफ्तार

देवास। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में मानसिक रूप से दिव्यांग युवती के अपहरण और उसके साथ दुष्कर्म के आरोप में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक शिकायत मिलने के चंद घंटों के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार युवती की मां ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी मानसिक रूप से दिव्यांग बेटी का अपहरण किया गया और उसके साथ दुष्कर्म हुआ है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 543/2026 दर्ज कर बीएनएस की धारा 64(2), 61(2), 140(3) तथा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की धारा 92 के तहत प्रकरण दर्ज किया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद के मार्गदर्शन में तत्काल टीम गठित की गई। पुलिस का कहना है कि मुखबिर तंत्र, तकनीकी साक्ष्यों और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी जितेन्द्र पिता रामसिंह मालवीय (30), निवासी दशहरा मैदान, निमाड़ नगर, देवास को गिरफ्तार किया गया। उसके साथ उसकी मां को भी आरोपी बनाया गया है।

दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

कार्रवाई में इनकी रही भूमिका
थाना प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह लोधी, उपनिरीक्षक संजय सौराष्ट्रीय, प्रधान आरक्षक घनश्याम, मप्रआर सावित्री बामनिया, मआर आरती, मोनिका, आरक्षक अरुण चावड़ा और गबरूद्दीन की कार्रवाई में सराहनीय भूमिका रही।
इंदौर में अनंत चतुर्दशी की झांकी के दौरान पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा का एक अंदाज चर्चा में है। झांकी में जैसे ही पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर सामने आई, उन्होंने आंखें बंद कर लीं। वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

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उज्जैन में ई-बस सेवा जल्द — पहले चरण में 10 ई-बसें मिलने की जानकारी है; 27 किलोमीटर के उज्जैन दर्शन रूट से शुरुआत प्रस्तावित है
इंदौर के MTH अस्पताल में रैगिंग शिकायत पर कार्रवाई — PG छात्र की शिकायत के बाद वरिष्ठ डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
अलीराजपुर में एक महिला पर पति की हत्या कर शव को घर में रेत के नीचे छिपाने का आरोप है। पुलिस के अनुसार मामला 17 दिन बाद सामने आया।
भोपाल मास्टर प्लान-2047 का ड्राफ्ट जारी, 21 साल बाद जारी प्रारूप में शहर के हरित क्षेत्र को 12 से बढ़ाकर 27% करने का प्रस्ताव।
बीएससी नर्सिंग के 15000 से ज्यादा विद्यार्थियों के रिजल्ट घोषित...
देवास जिला पंचायत वार्ड क्रमांक 14 के उपचुनाव की सरगर्मियां तेज..
कांग्रेस ने झोंकी ताकत..
भोपाल के नीलम पार्क में शिक्षकों का आज से अनिश्चितकालीन धरना, TET की अनिवार्यता खत्म करने सहित तीन प्रमुख है मांग
शराब दुकान संचालक से अवैध वसूली के मामले में मुख्य आरोपी सहित 04 गिरफ्तार
देवास। स्टेशन रोड पर शराब दुकान संचालक से दुकान चलाने के एवज में कथित तौर पर रुपए मांगने और मना करने पर गाली-गलौज, दुकान में नुकसान पहुंचाने तथा जान से मारने की धमकी देने के मामले में कोतवाली पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने ऑपरेशन त्रिनेत्रम् के तहत घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार 25 सितंबर की रात करीब 9 बजे स्टेशन रोड स्थित दुकान संचालक सतीश कुमार यादव से आरोपियों ने दुकान संचालित करने के एवज में रुपए मांगे। सतीश ने रुपए देने से इनकार किया तो उसके साथ गाली-गलौज की गई और दुकान को नुकसान पहुंचाने के साथ जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद फरियादी ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के CCTV फुटेज की जांच शुरू की। फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और चारों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 669/2026 दर्ज करते हुए बीएनएस की धाराओं 308(2), 296(बी), 351(3), 3(5), 119(1) और 115(2) के तहत कार्रवाई की है।
मुख्य आरोपी पर पहले से मामले दर्ज
पुलिस के मुताबिक मामले के मुख्य आरोपी प्रवीण वर्मा के खिलाफ पहले भी शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट और आपराधिक धमकी सहित अन्य प्रकरण दर्ज हैं।
ये चार आरोपी गिरफ्तार
• प्रवीण वर्मा, 26 वर्ष, चामुंडा नगर, देवास
• अरुण अडसुले, 31 वर्ष, आदर्श नगर, देवास
• अंकित भंडारी, 24 वर्ष, गायत्री नगर, देवास
• दिनेश उपाध्याय, 38 वर्ष, आदर्श नगर, देवास
पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई जारी है। कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकांत चौरसिया सहित उपनिरीक्षक दीपक मालवीय, जे.एस. भूरिया, प्रधान आरक्षक मनोज मौर्य, हेमंत डाबी, मुकेश तथा आरक्षक वैभव, सुजीत और सोनू की भूमिका रही।
विसर्जन ड्यूटी के दौरान हुड़दंग और विवाद, चार लोगों पर पुलिस की कार्रवाई

देवास। शहर में त्योहारों के दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए देवास पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर हंगामा और विवाद करने वाले चार लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। कोतवाली पुलिस ने चारों को हिरासत में लेकर एसडीएम न्यायालय, देवास के समक्ष पेश किया।

पुलिस के अनुसार रात्रि गश्त एवं गणेश विसर्जन ड्यूटी के दौरान कुछ लोगों द्वारा सार्वजनिक स्थान पर हंगामा, गाली-गलौज और आपसी विवाद करने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संबंधित लोगों को समझाइश दी, लेकिन वे विवाद करने पर आमादा रहे। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने लोक शांति भंग होने की आशंका में चारों को हिरासत में लिया।

पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170, 126 एवं 135(3) के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए इस्तगासा क्रमांक 135/2026 एवं 136/2026 तैयार किया और चारों को एसडीएम न्यायालय में पेश किया।

कार्रवाई में कान्हा उर्फ कपिल पिता किशन हरगोडे (28), रोहन पिता रामकृष्ण बैरागी (24), अमन पिता बहादुर चौधरी (22) और कोमल पिता गिरवर सिंह राजावत (50), सभी निवासी देवास शामिल हैं।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक देवास पुनीत गेहलोद के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकांत चौरसिया, प्रधान आरक्षक वीरेंद्र राजपूत और गोपाल दोहरे की भूमिका रही।

देवास पुलिस ने लोगों से अपील की है कि त्योहारों को शांति, सौहार्द और मर्यादा के साथ मनाएं। किसी भी तरह के हुड़दंग या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल डायल 112 पर दें।
दो साल से था फरार...जंगल से धराया, अवैध हथियार भी मिला

देवास। ऑपरेशन हवालात के तहत हरणगांव पुलिस ने चोरी के मामले में करीब दो साल से फरार चल रहे इनामी आरोपी रामविलास उर्फ रामनिवास भुसारिया, निवासी सातल को ग्राम सातल के जंगल से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से अवैध हथियार भी बरामद किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया।

पुलिस के अनुसार आरोपी थाना हरणगांव के अपराध क्रमांक 10/2025 में धारा 303(2) बीएनएस के तहत दर्ज चोरी के प्रकरण में फरार था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सौम्या जैन के मार्गदर्शन और कन्नौद एसडीओपी आदित्य तिवारी के निर्देशन में थाना प्रभारी अभिषेक सिंह सेंगर के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश जारी रखी।

जंगल में होने की मिली सूचना, टीम ने दबोचा

26 सितंबर को पुलिस को सूचना मिली कि फरार इनामी आरोपी सातल गांव के जंगल में मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से अवैध हथियार भी बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया है।

ऑपरेशन हवालात में अब तक 1532 गिरफ्तार

देवास पुलिस के अनुसार, एसपी पुनीत गेहलोद द्वारा 1 नवंबर 2024 से जिले में चलाए जा रहे ऑपरेशन हवालात के तहत अब तक 1532 फरार, स्थाई और गिरफ्तारी वारंटियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन आरोपियों पर कुल 2 लाख 14 हजार 500 रुपये का इनाम घोषित था।
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अवैध शराब की शिकायत के बाद कार्रवाई, डोकाकुई में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाया

कन्नौद के ग्राम डोकाकुई में ग्रामीणों की शिकायत के बाद प्रशासन ने शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की। राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर शासकीय भूमि पर बने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया।

जानकारी के अनुसार ग्राम डोकाकुई निवासी अनुराग और संदीप द्वारा शासकीय भूमि पर दुकान का निर्माण कर कब्जा किए जाने की शिकायत सामने आई थी। प्रशासनिक अमले ने मौके पर पहुंचकर निर्माण को हटाया और शासकीय भूमि को कब्जे से मुक्त कराया।

अवैध मदिरा बिक्री की भी हुई थी शिकायत

कार्रवाई से कुछ दिन पहले डोकाकुई के ग्रामीणों और युवाओं ने गांव में कथित अवैध शराब के संग्रहण और बिक्री पर रोक लगाने की मांग को लेकर एसडीएम और थाना प्रभारी के नाम तहसीलदार अवधेश यादव को ज्ञापन सौंपा था।

ग्रामीणों का आरोप था कि क्षेत्र में अवैध रूप से मदिरा का संग्रहण और बिक्री की जा रही है, जिससे गांव के माहौल पर असर पड़ रहा है। शिकायत के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर कार्रवाई की।

शासकीय जमीन पर कब्जे को लेकर सख्ती

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अब शासकीय भूमि पर किए गए अन्य अतिक्रमणों और शिकायतों पर भी कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों की नजर रहेगी। प्रशासन ने कहा है कि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा अथवा अन्य अवैध गतिविधियां पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

अब सवाल यह है कि ग्रामीणों द्वारा की गई अवैध मदिरा बिक्री की शिकायत पर आगे क्या कार्रवाई होती है और गांव में ऐसी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगती है या नहीं।