रांसी की तपस्थली से गूंजेगी मां राकेश्वरी की महिमा!!
‘भगवती राकेश्वरी महात्म्य’ में संजोई जाएगी मद्महेश्वर घाटी की धार्मिक, सांस्कृतिक और पौराणिक विरासत!!
वरिष्ठ पत्रकार लक्ष्मण सिंह नेगी के प्रयासों से हो रहा प्रकाशन!!
रुद्रप्रयाग। हिमालय की मनोरम वादियों में स्थित मद्महेश्वर घाटी की समृद्ध धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर अब पुस्तक के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचेगी। रांसी गांव की पावन तपस्थली में विराजमान मां चन्द्रकल्याणी भगवती राकेश्वरी की महिमा तथा संपूर्ण मद्महेश्वर घाटी की लोक आस्था, पौराणिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को समेटती पुस्तक ‘भगवती राकेश्वरी महात्म्य’ का शीघ्र प्रकाशन होने जा रहा है।
संस्कृति प्रकाशन अगस्त्यमुनि तथा वरिष्ठ पत्रकार लक्ष्मण सिंह नेगी के प्रयासों से प्रकाशित होने वाली यह कृति क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने की महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
चन्द्रकल्याणी राकेश्वरी आंठ गांव जूला मंदिर समिति के अध्यक्ष मदन भट्ट ने बताया कि पुस्तक में मां राकेश्वरी की महिमा के साथ भगवान मद्महेश्वर, बूढ़ा मद्महेश्वर, भेड़ पालकों की आराध्य देवी मनणामाई तीर्थ, सिद्धपीठ कालीशिला सहित मद्महेश्वर घाटी के अनेक धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का विस्तृत वर्णन किया गया है। इन स्थलों से जुड़ी लोक मान्यताओं, पौराणिक आख्यानों, धार्मिक परंपराओं और आध्यात्मिक महत्व को भी पुस्तक में प्रमुखता से स्थान दिया गया है।
उन्होंने कहा कि मद्महेश्वर घाटी का प्रत्येक स्थल आस्था और लोक संस्कृति की अनूठी पहचान समेटे हुए है। रांसी गांव को मां राकेश्वरी की तपस्थली के रूप में विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है, जहां की देवी आराधना और लोक परंपराएं आज भी ग्रामीण जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। पुस्तक के माध्यम से इन परंपराओं को व्यापक संदर्भ प्रदान करने का प्रयास किया गया है।