चित्रांश समाज की एकजुटता का दिखेगा भव्य नजारा, 12 नवंबर को हाथी-घोड़ा, ऊंट और बैंड-बाजे के साथ निकलेगी भगवान चित्रगुप्त की शोभायात्रा
सभी पूजा समितियों की प्रतिमाओं का होगा सामूहिक विसर्जन, दोपहर 1:30 बजे तक आजाद पार्क पहुंचेंगी प्रतिमाएं; आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए गठित हुई कमेटी
गयाजी। शहर में इस वर्ष भगवान चित्रगुप्त पूजा के अवसर पर चित्रांश समाज की सामाजिक एकजुटता और सामूहिक शक्ति का भव्य नजारा देखने को मिलेगा। इसी उद्देश्य से अखिल भारतीय कायस्थ महासभा (अभाकाम) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह जिलाध्यक्ष मोहन श्रीवास्तव की अध्यक्षता में शहर के राय काशीनाथ मोड़ स्थित एक निजी होटल में शहर की सभी चित्रगुप्त पूजा समितियों के पदाधिकारियों एवं समाज के गणमान्य लोगों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से आगामी 12 नवंबर को शहर की सभी पूजा समितियों की भगवान चित्रगुप्त की प्रतिमाओं के साथ भव्य शोभायात्रा निकालने और सामूहिक विसर्जन करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि भगवान चित्रगुप्त की पूजा केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहे, बल्कि इसके माध्यम से पूरे चित्रांश समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा, सामाजिक समरसता और एकजुटता का मजबूत संदेश भी जाए। इसके लिए शहर की सभी पूजा समितियों को एक मंच पर लाने तथा सभी प्रतिमाओं का एक साथ विसर्जन करने की पहल की गई है। आयोजन को यादगार और ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए सभी समितियों के पदाधिकारियों ने अपनी सहमति जताई।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि आगामी 12 नवंबर को भगवान चित्रगुप्त की भव्य शोभायात्रा हाथी, घोड़ा, ऊंट, बैंड-बाजे और आकर्षक साज-सज्जा के साथ निकाली जाएगी। इसमें शहर की सभी पूजा समितियों की प्रतिमाएं शामिल होंगी। उन्होंने बताया कि सभी समितियों की प्रतिमाएं दोपहर 1:30 बजे तक आजाद पार्क पहुंच जाएंगी। इसके बाद सभी प्रतिमाओं को एक साथ लेकर भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा में चित्रांश समाज के सभी लोग एक समान परिधान में शामिल होंगे, जिससे समाज की एकता, अनुशासन और सामूहिक पहचान का संदेश पूरे शहर में पहुंचेगा।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग पूजा समितियों द्वारा भगवान चित्रगुप्त की पूजा-अर्चना की जाती है, लेकिन सामूहिक विसर्जन के माध्यम से इस बार सभी समितियां एक साथ आकर समाज की एकजुटता का परिचय देंगी। यह आयोजन किसी एक समिति का नहीं, बल्कि पूरे चित्रांश समाज का सामूहिक आयोजन होगा। उन्होंने शहर के सभी चित्रांश बंधुओं, युवाओं, महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों से बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।
नई गोदाम से विभिन्न मार्गों से अक्षयवट होते हुए रुक्मिणी तालाब तक जाएगी शोभायात्रा
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 12 नवंबर को नई गोदाम एवं आजाद पार्क से सभी पूजा समितियों की भगवान चित्रगुप्त की प्रतिमाओं को एक साथ लेकर शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा में हाथी, घोड़ा, ऊंट, बैंड-बाजा और अन्य आकर्षक व्यवस्थाएं रहेंगी। विभिन्न समितियों के सदस्य और समाज के लोग एक समान परिधान में शामिल होंगे। शोभायात्रा विभिन्न मार्ग से अक्षयवट होते हुए रुक्मिणी तालाब पहुंचेगी, जहां सभी प्रतिमाओं का सामूहिक रूप से विसर्जन किया जाएगा। आयोजकों का मानना है कि इस पहल से आने वाली पीढ़ियों को भी सामाजिक एकता और सामूहिक परंपरा का सकारात्मक संदेश मिलेगा।
आयोजन को भव्य बनाने के लिए कमेटी गठित
कार्यक्रम को व्यवस्थित, आकर्षक एवं भव्य स्वरूप देने के लिए बैठक में एक कमेटी का गठन किया गया। इसमें अभाकाम की ओर से प्रोफेसर रंजीत वर्मा (पूर्व कुलपति), उदय श्रीवास्तव, प्रो. जितेंद्र सिन्हा, पूर्व सीओ संजय कुमार अंबष्ट उर्फ गोल्डी, वार्ड पार्षद शशि किशोर, वार्ड पार्षद राजीव सिन्हा उर्फ राजू तथा प्रो. मनीष कुमार सिन्हा को शामिल किया गया है।
वहीं, महिला सहभागिता को भी विशेष महत्व दिया गया है। इसमें नेत्री एवं समाजसेविका रीता रानी के साथ प्रभा जी, सुनीता जी, पूजा जी एवं चित्रांश समाज की अन्य प्रबुद्ध महिलाओं को आयोजन की जिम्मेदारी में शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त गया शहर की सभी चित्रगुप्त पूजा समितियों के अध्यक्ष, सचिव एवं अन्य गणमान्य चित्रांश बंधुओं की सहभागिता सुनिश्चित करने पर सहमति बनी।
बैठक में उपस्थित लोगों ने कहा कि भगवान चित्रगुप्त की सामूहिक शोभायात्रा और विसर्जन की यह पहल समाज को एक सूत्र में बांधने का महत्वपूर्ण प्रयास है। इससे न केवल सभी पूजा समितियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा, बल्कि समाज के युवाओं और नई पीढ़ी को भी अपनी सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
बैठक का संचालन राजेश कुमार सिन्हा ने किया, जबकि अध्यक्षता अभाकाम के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह जिलाध्यक्ष मोहन श्रीवास्तव ने की। बैठक में शहर की विभिन्न पूजा समितियों के पदाधिकारी, महामंत्री विपिन सिन्हा, नवीन कुमार, राजेश सहाय, समाज के कई गणमान्य चित्रांश बंधु उपस्थित रहे।
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